आस्था:श्रीराम की बाल लीलाओं का दर्शकों ने लिया आनंद

कैथल9 दिन पहले
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  • चीका में चल रही रामलीला

रामलीलाओं में दिखाए जाने वाली लीलाएं भारतीय परंपराओं का आइना है, जिसके बारे में हमारी युवा पीढ़ी को अवश्य अवगत होना चाहिए। ये विचार जिला संयोजक व्यवसायिक प्रकोष्ठ भाजपा कैथल व पूर्व मंडल प्रधान मांगे राम जिंदल ने श्री भवानी मंदिर चीका में आयोजित की जाने वाले रामलीला का शुभारंभ करने उपरांत व्यक्त किए। मांगे राम जिंदल ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन हर भारतीय के लिए आदर्श है।

हर एक भारतीय के दिल में वास करते हैं। श्री आदर्श नाटक क्लब के प्रधान राजीव शर्मा ने कि श्री भवानी मंदिर में रामलीला का मंचन पिछले 62 वर्षों से चलता आ रहा है। उन्होंने बताया कि इस दस दिवसीय भव्य संगीतमय श्री रामलीला कलाकार भगवान राम के जीवन का परिचय बड़े ही सुंदर ढंग से करवाएंगे। आज प्रथम दिवस भगवान श्रीराम के जन्म की लीला का मंचन मंत्रमुग्ध करने वाला रहा।

लीला में दिखाया गया कि संतान प्राप्ति के लिए राजा दशरथ किस प्रकार से अपने गुरु की शरण में जाते हैं और हवन के बाद उन्हें श्रीराम की पुत्र के रूप में प्राप्ति होती है। उसके बाद राजा दशरथ तीनों रानियों के साथ प्रभु राम की बाललीला का आनंद उठाते हैं हैं।

गीत ठुमक चलत रामचंद्र बाजत पैजनिया... बाल लीला के दृश्य को जीवंत करता प्रतीत हो रहा था। इस अवसर पर प्रधान राजीव शर्मा, मोती राम गर्ग, दीपक मिगलानी, मास्टर रामकुमार शर्मा, गुरबख्श सीडा, हंसराज जिदंल, बलबीर सैनी, रविदत्त शर्मा, कृष्ण धीमान, वैध सत्यनारायण शर्मा, रमेश मिगलानी, भूषण शर्मा, रविंद्र पाली, रविंद्र बिंदलिश, लख्मी, सुभाष जिंदल, मुकेश जिंदल, सुभाष, वेद बंसल, कुलदीप माजरा, हरपाल शर्मा सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लीला का आनंद लिया।

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