हादसे में सिरसल के देवर-भाभी की माैत:अस्पताल में जिंदगी और माैत के बीच लड़ रही मां काे नहीं पता अब बेटा दुनिया में नहीं

कैथल16 दिन पहलेलेखक: जयपाल शर्मा
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पूंडरी| मृतक सुमन के परिवार की महिलाएं विलाप करते हुए। - Dainik Bhaskar
पूंडरी| मृतक सुमन के परिवार की महिलाएं विलाप करते हुए।
  • सिरसल से माता दर्शन काे गया था परिवार, देर रात कुरुक्षेत्र में बराड़ा राेड पर हादसा
  • ड्राइवर समेत 3 की माैत, 12 घायल
  • माता दर्शन काे त्रिलोकपुर जा रहे परिवार की क्रूजर गाड़ी की ट्रक से टक्कर

सिरसल गांव से बुधवार शाम एक परिवार के 14 सदस्य क्रूजर गाड़ी में कालाअंब स्थित त्रिलोकपुर माता के दर्शन के लिए निकले थे। जब परिवार के सदस्य शाहाबाद के पास पहुंचे तो सामने से आ रहे एक ट्रक ने उनकी क्रूजर को सीधी टक्कर मार दी। हादसे के बाद सड़क पर चीख-पुकार मच गई। ड्राइवर समेत सिरसल गांव के देवर-भाभी की माैत हाे गई जबकि 12 लाेग घायल हाे गए।

घायलों को कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी, कल्पना चावला मेडिकल काॅलेज करनाल व एक घायल को पीजीआई चंडीगढ़ में दाखिल करवाया गया है। 2 घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे में गंभीर रूप से घायल मृतक कमल की मां सुदेश कल्पना चावला मेडिकल काॅलेज में जिंदगी और मौत के बीच लड़ रही है।

उसे अभी यह पता नहीं कि हादसे में उसके जवान बेटे कमल (25) की माैत हाे गई जिसे अगले कुछ दिनाें में इंगलैंड चले जाना था। गुरुवार दाेपहर कमल व उसकी भाभी सुमन (34) का गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। हादसे के बाद गांव सिरसल में मातम का माहाैल छा गया।

सिरसल से माता दर्शन काे गया था परिवार, देर रात कुरुक्षेत्र में बराड़ा राेड पर हादसा, ड्राइवर समेत 3 की माैत, 12 घायल

हादसे में गंभीर रूप से घायल कमल की मां सुदेश कल्पना चावला मेडिकल कालेज में जिंदगी और मौत के बीच लड़ रही है। पिता हुस्नलाल के आंसू रोके न रूक रहे थे। उन्होंने बताया कि बेटा कहता था पिता जी फिर तो उसे इंग्लैंड चले जाना है, उससे पहले माता के दर्शन कर आता हूं। कुछ ही दिनों में जैसे ही फलाइट शुरू होगी, उसे इंग्लैंड चले जाना था।

गत वर्ष भी उसने वीजा लगवाने की कोशिश की थी, लेकिन कोरोना की वजह से नहीं जा पाया। नव वर्ष पर अपने छोटे भाई आशु के साथ पिता को बुलेट बाइक गिफ्ट की थी। दोनों भाई मिलकर गांव में ही दूध का काम करते थे। दोनों भाइयों का सपना विदेश जाने का था। छोटे भाई आशु का भी रो-रोकर बुरा हाल था। बार-बार भाई की बात को याद कर कहता था कि पहले वो विदेश जाएगा, फिर उसे बुला लेगा।

सुमन पति को कहकर गई थी- मेले से बच्चाें के लिए खिलाैने लेकर जल्द आऊंगी

कमल की भाभी सुमन के पति विजय के आंसू भी रूकने का नाम ही नहीं ले रहे थे। विजय ने बताया कि जाने से पहले सुमन उसे बोलकर गई थी कि बच्चों का ध्यान रखना, सुबह जल्दी दर्शन करते ही आ जाऊंगी, बच्चे पूछे तो कहना कि जल्दी आएगी और उनके लिए मेले में से खिलौने लेकर आएगी।

सुबह उठकर बच्चों को अच्छे से खिला पिला देना। अब बच्चों को कैसे समझाऊंगा कि अब उनकी मां इस दुनिया में नहीं रही। उन्हें तो अब यही लगता है कि मां माता के मेले में गई है उनके लिए खिलौने लेकर आएगी। छोटे बच्चों को अब कैसे संभाल पाऊंगा। महिला के दो बच्चे है बड़ा बेटा नयन (11 वर्ष) व बेटी सुनैना (9 वर्ष) जो अब भी सोच रहे है कि उनकी मां अवश्य आएगी।

आधी रात काे गांव से लाेग घटना स्थल पर पहुंचे

सिरसल से बुधवार शाम परिवार के 14 सदस्य क्रूजर गाड़ी में त्रिलोकपुर के लिए निकले थे। शाहाबाद के पास पहुंचे तो सामने से आ रहे ट्रक ने क्रजर को सीधी टक्कर मार दी। हादसे के बाद सड़क पर चीख-पुकार मच गई। घायलों ने इसकी सूचना फोन पर परिजनों को दे दी। गांव से आधी रात को ही कई लोग हादसा स्थल पर पहुंचे।

हादसे में क्रूजर चालक करनाल जिला के चोचड़ा निवासी देवी प्रसन्न उर्फ बिट्टू(24), सिरसल निवासी कमल उर्फ जोनी (25) व महिला सुमन (34) की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि वैभव, गुड्डी, शकुंतला, ईशम, कोमल, नीलम, रेखा, सुदेश, पंकज, कोमल पत्नी अशोक समेत 12 लोग घायल हो गए।

घायलों को कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी, कल्पना चावला मेडिकल काॅलेज करनाल व एक घायल को पीजीआई चंडीगढ़ में दाखिल करवाया है। 2 घायलों की हालत गंभीर है। चालक देवीप्रसन्न उर्फ बिटू (24 वर्ष) निवासी चोचड़ा (करनाल) 3 भाइयों में छोटा था, जो कि गाड़ी चला परिवार का गुजारा कर रहा था।

5 घंटे चला रेस्क्यू

घटना का पता चलते ही सबसे पहले हेल्पर्स सोसाइटी की टीम मौके पर पहुंची। रात को पता चलते ही प्रधान तिलकराज अग्रवाल के नेतृृत्व में पूर्ण सिंह, इंद्र लाल बत्तरा, सीता राम बत्तरा, नरेश सैनी, जयपाल सिंह, मास्टर नरेंद्र शर्मा 3 गाड़ियाें में घटनास्थल पर पहुंचे।

घायलों को चंडीगढ़ पीजीआई और कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल पहुंचाने के लिए 7 एंबुलेंस की नि:शुल्क व्यवस्था की। शवों का पोस्टमार्टम करवाने के बाद उन्हें घर तक छोड़ने के लिए एंबुलेंस भी हेल्पर्स ने ही भेजी। तिलकराज के मुताबिक सुबह करीब साढ़े बजे तक रेस्क्यू और घायलों को चंडीगढ़ व करनाल तक पहुंचाने में टीम लगी रही।

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