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बेटियों की शिक्षा पर राजनीतिक ग्रहण:पूंडरी हलके में एक भी सरकारी कॉलेज नहीं, पढ़ाई के लिए देनी पड़ रही तीन से चार गुणा फीस

कैथल6 महीने पहले
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  • पूंडरी के किसी भी कॉलेज में नहीं सरकारी सहायता प्राप्त बीएससी, विद्यार्थी चुका रहे प्राइवेट कॉलेज जितनी फीस

रक्षाबंधन पर्व पर सरकार ने कैथल जिला में गुहला व कलायत हलके में दो कन्या कॉलेज खोलने की घोषणा करके बेटियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका दिया है, लेकिन पूंडरी हलका की छात्राओं को इस बार भी राजनीति का शिकार होना पड़ा। गुहला व कलायत हलका में दो-दो राजकीय कन्या कॉलेज हो गए, लेकिन पूंडरी में एक भी सरकारी कॉलेज नहीं है, जहां गरीब छात्राएं कम खर्च में पढ़ाई कर सके। कहने को तो हलके में चार एडिड कॉलेज हैं, लेकिन सरकारी कॉलेजों की तुलना में फीस इतनी ज्यादा है कि हर अभिभावक वहन नहीं कर सकता। बीएससी करने के लिए तो छात्राओं को प्राइवेट कॉलेज जितनी ही फीस चुकानी पड़ती है।

जो अभिभावक ज्यादा फीस नहीं दे सकते उनके बच्चों के पास दो ही विकल्प है कि या तो बीएससी की बजाय दूसरा कोर्स करे या फिर कैथल जाकर पढ़ाई करे। भाजपा मंत्री कमलेश ढांडा के हलके व जजपा विधायक ईश्वर सिंह के हलके में नए कॉलेज खुलने की घोषणा के बाद क्षेत्र में चर्चा है कि पूंडरी से लगातार छह प्लान से आजाद विधायक चुने गए, जिसका खामियाजा भेदभाव के तौर पर भुगतना पड़ रहा है। कैथल में भी कांग्रेस सरकार के समय सरकारी कॉलेज खोला गया था। हालांकि आजाद विधायक बनने के बाद रणधीर गाेलन ने सरकार का समर्थन किया हुआ है और विकास के मामले में पूंडरी हलके काे अग्रणाी हलका बनाने का दावा कर रहे हैं।

सरकारी, एडिड व प्राइवेट कॉलेज में फीस का अंतर
एडिड कॉलेज में वैसे तो सरकार के नियम लागू होते हैं, लेकिन सरकारी व एडिड कॉलेज की फीस में भारी भरकम अंतर होता है। बीते वर्ष सरकारी कॉलेजों में बी.कॉम की फीस लगभग 3800 से लेकर 4100 रुपए वार्षिक थी, जबकि एडिड कॉलेज में बी.कॉम की पढ़ाई करने के लिए विद्यार्थियों को 10 से 11 हजार रुपए खर्च करने पड़े। पाइवेट कॉलेजों में बी.कॉम का खर्च 11 से 16 हजार रुपए है। इसी प्रकार सरकारी कॉलेज से बीए करने पर छात्राओं के करीब 4500 रुपए खर्च हुए। जबकि एडिड कॉलेज से बीए करने में 10 हजार रुपए खर्च आता है, जबकि प्राइवेट कॉलेजों में ये खर्च 11 से 15 हजार रुपए हैं। इन आंकड़ों से आप समझ सकते हैं कि सरकारी व एडिड कॉलेजों की वार्षिक फीस में भारी अंतर है, लेकिन एडिड व प्राइवेट कॉलेजों की फीस में बहुत ज्यादा अंतर नहीं है।

बीएससी करने के लिए 20 हजार तक खर्चने पड़ रहे
पूंडरी हलका के किसी भी एडिड कॉलेज में बी.एससी नॉन मेडिकल व मेडिकल का कोर्स एडिड नहीं है। छात्राओं को कोर्स के लिए पूरा भुगतान करना होता है। सरकारी कॉलेज से बी.एससी करने का वार्षिक खर्च 4500 से 5000 रुपए होता है, लेकिन एडिड व प्राइवेट कॉलेज से बी.एससी करने के लिए लगभग 20 हजार रुपए खर्च करने पड़ते हैं। बी एससी के मामले में एडिड व प्राइवेट कॉलेज की फीस में अंतर नहीं है।

अपने कार्यकाल में भी मैंने पूंडरी हलके में सरकारी कॉलेज खुलवाने का प्रयास किया था। तत्कालीन सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सामने भी डिमांड रखी थी। किन्हीं कारणों के चलते सरकारी कॉलेज खुलवाने की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई थी। यह जरूरी है कि पूंडरी में भी महिला कॉलेज खुले, ताकि क्षेत्र की बेटियां भी कम खर्च में अच्छी शिक्षा ग्रहण कर सकें। सुलतान सिंह जडौला, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव व कांग्रेस नेता।

हलके के अंदर वैसे तो दो कन्या महाविद्यालय हैं। सरकारी कॉलेज खोलने के लिए भी हर संभव प्रयास किया जाएगा। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री से भी बात करूंगगा। लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देना मेरी प्राथमिकता है। जिसके लिए लड़कियों के स्कूलों को भी अपग्रेड करवाने का प्रयास करेंगे। रणधीर सिंह गोलन, चेयरमैन हरियाणा पर्यटन निगम व पूंडरी से आजाद विधायक

पूंडरी हलके में सरकारी कॉलेज नहीं है तो उसकी भी आवाज उठाई जाएगी। सीएम साहब को राखी बांधकर कहा था कि मैं अपने हलके कलायत में वादा करके आई हूं कि वहां लड़कियों का एक और सरकारी कॉलेज होगा। सीएम ने वादा पूरा करते हुए राजौंद को सरकारी कन्या कॉलेज का तोहफा दिया। पूंडरी की बेटियों के लिए प्रयास किए जाएंगे। कमलेश ढांडा, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री

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