ईओ से मांगी अनुमति:वेलफेयर साेसाइटी सेक्टर-20 के पार्कों की देखभाल की जिम्मेदारी लेने को तैयार

कैथलएक महीने पहले
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कैथल| सेक्टर-20 के पार्क में फैली गंदगी और टूटे डस्टबिन। - Dainik Bhaskar
कैथल| सेक्टर-20 के पार्क में फैली गंदगी और टूटे डस्टबिन।
  • सेक्टर में छह पार्क, अभी हालत खराब, न घास कट रही, न लाइट व्यवस्था, रात में शराबियों से लोग परेशान

सेक्टर-20 में छह छोटे पार्क हैं। जिनकी हालत इस समय खराब है। कुछ पार्कों की देखरेख आसपास कर रहे हैं। ये भी केवल पार्क की सफाई या फिर घोास की कटाई तक ही सीमित हैं। अन्य टूट-फूट और लाइटिंग के लिए नगर परिषद प्रशासन पर निर्भर रहते हैं। लेकिन इस साल सेक्टर की रेजिडेंस वेलफेयर साेसाइटी भी छह पार्कों की देखभाल अपने हाथों में लेना चाहती है। इसके लिए साेसाइटी के प्रधान देवेंद्र सहारण, उप प्रधान जग मोहन, डॉ. गुलाब सिंह, कृष्ण पाल, प्रवीण मंगला, रामप्रताप गोयल, प्रवीण बिड़ान, पवन कुकरेजा, विनोद कुमार नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी से मिले और उन्हें इस बात की जानकारी दी।

कार्यकारी अधिकारी ने भी कहा कि वे इसके लिए तैयार हैं। उन्होंने साेसाइटी से इस संबंध में साेसाइटी के डाॅक्यूमेंट मांगे थे। प्रधान ने बताया कि सोमवार को साेसाइटी से संबंधित डाॅक्यूमेंट ईओ ऑफिस में जमा करवा दिए हैं। अभी पार्कों की स्थिति खराब, लाइट की व्यवस्था नहीं प्रधान ने बताया कि पार्कों की हालत खराब है। सेक्टर-20 से अम्बाला रोड को मिलने वाली सड़क पर बना पार्क में बेच तक तोड़ दिए हैं। पार्कों में बड़ी-बड़ी घास है। गंदगी का आलम है। अंधेरा होने पर यहां पर लाइट की व्यवस्था नहीं है। ऐसे ही अन्य पार्कों की भी हालत है। हां इतना जरूर है कि एक-दो पार्कों की को ठीक-ठाक रखने में आसपास के लोग सहयोग करते हैं। आपसी कंट्रीब्यूशन करके पार्कों की साफ-सफाई और घास की कटिंग करवा दी जाती है।

मार्केट के पास बना शौचालय गिरने के कगार पर
कम्यूनिटी सेंटर से कुछ ही दूरी पर बनी मार्केट के साथ ही सार्वजनिक शौचालय बनाया है। लेकिन इसमें न तो पानी है और न ही सफाई। वहीं ये शौचालय एक तरफ झूका हुआ है। अगर इसे ठीक नहीं किया गया तो यह किसी भी दिन गिर सकता है। शौचालय की टंकी तक पानी पहुंचाने वाला पाइप टूटा हुआ है। जिस कारण यहां पानी भी नहीं है।
रात में शराबियों का जमावड़ा
साेसाइटी के उपप्रधान जग मोहन ने बताया कि शाम छह बजे से मार्केट में शराबियों का जमावड़ा लगता है। रात दस बजे तक यही स्थिति रहती है। शाम को छह बजे से यहां से कोई महिला या लड़की निकल नहीं सकी है। शराबी यहां गाड़ियाें में बैठकर शराब पीते हैं। उनकी मांग है कि प्रशासन इस पर ध्यान देते हुए यहां खुले में शराब पीने वालों पर रोक लगाई जाए।

पार्कों की देखभाल पर नप खर्च करेगी 11.85 लाख रुपए
एक्सइएन हिमांशु लाटका ने बताया कि सेक्टर-19 और 20 पार्कों की देखरेख पर 11.85 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके लिए टेंडर लगाए थे, जिनको खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दोनों सेक्टरों में करीब 16 पार्क हैं।

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