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दिवाली पर कपास उत्पादकों को तोहफा:कलायत की अनाज मंडी में 2 नवंबर से शुरू होगी कपास की सरकारी खरीद, एमएसपी पर बिकेगी

कलायतएक महीने पहले
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दिवाली के अवसर पर कलायत क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों को बड़ा तोहफा मिला है। भारतीय कपास निगम सीसीआई 2 नवंबर से कलायत मंडी में कपास की सरकारी खरीद की शुरुआत करने जा रही है। कलायत मंडी को कपास की सरकारी खरीद की मंडी बना दिए जाने से अब किसानों की कपास की फसल एमएसपी पर बिकेगी। जिला कैथल में केवल कलायत मंडी को ही कपास की सरकारी खरीद के लिए अधिकृत किया गया है। कलायत व राजौंद उपमंडल में कपास की खेती होती है। सरकारी खरीद न होने के कारण मंडी में किसानों को कपास की फसल के दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य से करीब एक हजार रुपए कम मिल रहे थे।

अब कलायत में 2 नवंबर से सरकारी खरीद शुरू हो जाने से किसानों को उनकी फसल के निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य 5725 रुपए मिल सकेंगे। मार्केट कमेटी मंडी सुपरवाइजर ओमप्रकाश सिंहमार व मोमन शर्मा से मिली जानकारी के अनुसार अब तक मंडी में 14710 क्विंटल कपास की फसल आ चुकी है। पिछले साल इस समय तक केवल 9153 क्विंटल फसल की आवक हुई थी। बता दें, कपास की मंडी बनने के बाद से मार्केट कमेटी को मिलने वाले राजस्व में वृद्धि होगी जिससे क्षेत्र के विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा कलायत स्थित दोनों सिक जिनिंग मिलों को भी कार्य मिलेगा व रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

चालू वित्त वर्ष में भारतीय कपास निगम ने चार मंडियों को किया अधिकृत| मार्केट कमेटी सचिव सविता चौधरी ने बताया कि भारतीय कपास निगम ने चालू वित्त वर्ष में कलायत सहित अटेली, रानियां व लोहारी राधो मंडी को कपास की सरकारी खरीद के लिए अधिकृत किया है। उन्होंने बताया कि कलायत मंडी में कपास की खरीद शुरू होने से जिला कैथल ही नहीं बल्कि नरवाना व टोहाना तक के किसान अपनी फसल लेकर कलायत आएंगे। जिनिंग मिल न तो नरवाना तथा न ही टोहाना में हैं।

उन्होंने बताया कि उचाना मंडी में सरकारी खरीद होने के कारण पूरे क्षेत्र के किसान अपनी कपास की फसल बेचने के लिए पहुंचते हैं। भारी भीड़ हो जाने के कारण किसानों को अपनी फसल बेचने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। कलायत में खरीद शुरू हो जाने पर पूरे प्रदेश से कहीं का भी मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकृत किसान अपनी फसल बेचने के लिए ला सकता है।

पंजीकृत किसान को अपनी फसल कलायत में लेकर आने से पहले मार्केट कमेटी में पहले अपना ब्यौरा लिखवाना होगा। उसके पश्चात मार्केट कमेटी फोन द्वारा किसान को उसकी फसल मंडी में लाने की सूचना देगी कि किस दिन लेकर आनी है। किसान को फसल बेचने के लिए अपने फसल पंजीकरण सर्टिफिकेट के साथ आधार कार्ड व बैंक की पास बुक की कापी साथ लेकर आना होगी।

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