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पानी की सप्लाई:करोड़ों की लागत से बनी नहरी पेयजल परियोजना का बड़सीकरीकला के लोगों को नहीं मिल रहा लाभ

कलायत10 दिन पहले
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  • जल भंडारण टैंकों की भी नहीं हुई सफाई, 3 वर्ष से दो फिल्टर खराब, लोग नलकूपों से पानी भरने को मजबूर

करीब 5 हजार की आबादी वाले गांव बड़सीकरी कलां में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए करोड़ों रुपए की लागत से बनाई गई नहरी पेयजल परियोजना मात्र दिखावा बनकर रह गई है। लंबे समय से गांव में बनाई गई नहरी पेयजल सप्लाई परियोजना का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है जिसके कारण गांव के लोग नलकूपों से पानी भरने को मजबूर हैं। बड़सीकरी कला निवासी पंचायत सदस्य चंद्रपाल, अमित कुमार, राजेश, सुनील ने बताया कि जल घर में जल भंडारण के लिए में बनाए गए टैंक गंदगी से अटे हुए हैं।

पानी साफ करने वाले तीन में से दो फिल्टर काम ही नहीं कर रहे हैं। जो एक फिल्टर से पानी साफ करके पानी सप्लाई किया जाता है वह इतना गंदा और बदबूदार है कि उसे पीना तो दूर बर्तन व कपड़े भी नहीं धोए जा सकते और करीब 5 दशक पहले बनाई गई पानी की टंकी जर्जर होकर गिरने की कगार पर पहुंच चुकी है। उन्होंने जिला प्रशासन व सरकार से गांव में बदहाल पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करवाए जाने की मांग की है।

कागजों में ही होती है केवल टैंकों की सफाई

गांव बड़सीकरी कला पंचायत सदस्य चंद्रपाल ने बताया कि गांव में बदहाल पेयजल व्यवस्था के लिए जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारी जिम्मेदार हैं। उनके द्वारा केवल कागजों में ही टैंकों की सफाई और दीवारों की रिपेयर करवा दी जाती है। लेकिन हकीकत में पिछले 3 वर्ष से विभाग द्वारा न तो जलघर में बने टैंकों की सफाई करवाई गई और न ही जलकर की दीवार व पानी की टंकी की रिपेयर की गई है। केवल कागजों में सफाई व रिपेयर दर्शाई गई है जिसकी सक्षम अधिकारी द्वारा जांच की जानी चाहिए।

एस्टिमेट भेजा है, जल्द शुरू होगा कार्य :महेंद्र सिंह
जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता महेंद्र सिंह राणा ने बताया कि ग्रामीणों का कागजों में सफाई दर्शाने का आरोप निराधार है। पानी की टैंकों की सफाई, रिपेयर व दीवार तथा खराब फिल्टर को ठीक करवाने के लिए एसटीमेट भेजा गया है। एस्टीमेट पास होते ही ग्रामीणों की समस्या का जल्द से जल्द समाधान करवा दिया जाएगा।

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