परिंदों के कलरव से गुंजायमान वेटलैंड:बर्फीले क्षेत्रों से आए परिंदों ने इस बार कलेसर व ममदूबास के समीप जमाया डेरा

खिजराबाद2 महीने पहले
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कलेसर के समीप यमुना नदी के पानी की  स्तह पर अठखेलियां करते प्रवासी पक्षी। - Dainik Bhaskar
कलेसर के समीप यमुना नदी के पानी की स्तह पर अठखेलियां करते प्रवासी पक्षी।
  • प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा के लिए वन्य प्राणी विभाग ने दिनरात गश्त कर निगरानी की शुरू

मौसम में ठंडक बढ़ते ही कलेसर नेशनल पार्क एरिया में प्रवासी पक्षियों का आगमन शुरू हो गया है। बर्फीले क्षेत्रों से हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर अपेक्षाकृत गर्म स्थानों की ओर प्रवास करने वाले परिंदों ने इस बार कलेसर व ममदूबास के समीप डेरे जमाए हैं। प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा के लिए वन्य प्राणी विभाग की ओर से दिन-रात गश्त कर निगरानी शुरू की गई है। कलेसर नेशनल पार्क का कलेसर, ममदूबास व यमुना नदी का वेटलैंड परिंदों के कलरव से गुंजायमान हो रहा है।

यमुना नदी पर नए बांध के लिए प्रस्तावित ममदूबास व कलेसर की शांत व मनोरम घाटी प्रवासी परिंदों को खूब रास आ रही है। 3 तरफ से शिवालिक की पहाड़ियों से घिरे एरिया में पौ फटते ही प्रवासी परिंदों का कलरव शुरू हो जाता है। पक्षी यमुना नदी के पानी की सतह पर डुबकियां लगाते, कभी यमुना की रेत पर अठखेलियां करते राहगीरों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। कलेसर निवासी गुलाब सिंह, राजीव हसन, रियाज खान ने बताया कि आमतौर पर प्रवासी पक्षी हथनीकुंड बैराज व उसके आसपास के एरिया में देखे जाते रहे हैं। लेकिन बैराज के आस-पास वाहनों के बढ़ते शोर-शराबे की वजह से पक्षियों ने ममदूबास, कलेसर के शांत एरिया को अपना पसंदीदा ठिकाना बनाया है।

राजीव हसन ने बताया कि पक्षी सुबह सवेरे ही यमुना नदी के ठंडे पानी में डुबकियां लगाते, जोड़ें बनाकर तैरते सभी के मन को आकर्षित करते हैं। कभी रूट नहीं भटकते प्रवासी पक्षी मौसम के मिजाज को बखूबी जानते हैं। मौसम में ठंड बढ़ते ही पक्षियों का आगमन शुरू हो जाता है। मेहमान परिंदों की खासियत यह है कि यह हजारों किलोमीटर की दूरी तय करते समय कभी अपना रूट नहीं भूलते।

प्रवासी पक्षी हरियाणा के कलेसर, कुरुक्षेत्र, बड़खल लेक, पक्षी विहार सुल्तानपुर व भिंडरवास आदि क्षेत्रों के शांत माहौल को खूब पसंद करते हैं। वन्य प्राणी विभाग के जिला इंस्पेक्टर सुनील कुमार तंवर ने बताया कि प्रवासी पक्षी आमतौर पर नवंबर से लेकर फरवरी महीने तक प्रवास करते हैं। आजकल प्रवासी पक्षी कलेसर व ममदूबास के आस पास बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। पक्षियों की सुरक्षा के लिए दिन-रात निगरानी की जा रही है।

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