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रक्षाबंधन पर कोरोना की मार:30 प्रतिशत रह गई राखियों की डिमांड

कुरुक्षेत्र14 दिन पहले
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कोविड-19 के प्रकोप के चलते त्योहारों की चमक भी फीकी पड़ती जा रही है। यही वजह है कि इस बार बहन-भाई का त्योहार रक्षाबंधन भी कोरोना काल का शिकार हो रहा है। पिछले साल की अपेक्षा त्योहार पर जहां बाजारों में भीड़ कम दिख रही है, वहीं राखी, गिफ्ट व मिठाइयों की बिक्री भी पहले की अपेक्षा तक कम ही है। दुकानदारों की माने तो पिछले साल के मुकाबले इस साल राखियों की डिमांड 30 से 40 प्रतिशत रह गई है। सोमवार को रक्षाबंधन है। शहर व कस्बों के बाजार भी रक्षाबंधन के त्योहार पर पूरी तरह से गुलजार नजर नहीं हो पा रहे है। व्यापारी नेता फतेचंद गांधी ने बताया की इस बार धंधा कोरोना वायरस के चलते काफी मंदा है।

सोने चांदी की राखी की नहीं आई डिमांड : पिछले कुछ सालों से रक्षाबंधन पर सोने, चांदी की राखियों की काफी बिक्री रहती थी, लेकिन मंदी की मार से इस बार चांदी की राखियों का बाजार भी फीका ही है। सर्राफा बाजार एसोसिएशन प्रधान मनोज गोयल ने बताया कि इस बार सोने चांदी की राखियों की डिमांड नहीं।

चाइनीज से किनारा, देशी का सहारा : बाजारों में हर साल चाइनीज राखियों की भरमार रहती थी, लेकिन इस बार चाइनीज बाजारों में दिखाई नहीं दे रही है। दुकानदारों ने चाइनीज उत्पादों को पहले ही बिक्री करना बंद किया है। दुकानदार ने बताया कि गत वर्षों में राखी के त्योहार पर कार्य ठीक चलता रहता था। इस बार व्यापार मंदी का असर है, लेकिन दुकान पर इस बार भारतीय राखी ही बेची जा रही है।

घर की बनी मिठाइयों को ज्यादा पसंद कर रहे लोग : बीकानेर मिष्ठान भंडार के मालिक मोहन सिंह ने बताया कि हर साल की तरह इस बार मिठाइयों की बिक्री त्योहारी सीजन में कुछ कम हुई है। कोरोना के प्रकोप के कारण लोग मिठाई की खरीदारी न करते हुए घर की बनी मिठाईयां ही पसंद कर रहे हैं।

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