गीता जयंती पर अनूठा प्रयास:2500 स्कूलों के 55000 बच्चों ने किया ऑनलाइन अष्टादश ग्लोबल गीता का पाठ

कुरुक्षेत्रएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव पर स्कूली छात्राओं से बातचीत करते राज्यपाल व अन्य। - Dainik Bhaskar
अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव पर स्कूली छात्राओं से बातचीत करते राज्यपाल व अन्य।
  • कुरुक्षेत्र में 15 स्कूलों के 1155 बच्चों ने किया श्लोकों का उच्चारण

गीता जयंती पर कुरुक्षेत्र में दो बरस बाद गीता महोत्सव मना। पिछले साल कोरोना के कारण गीता महोत्सव नहीं हो पाया था। इस बार भी कोरोना का असर दिखा। महोत्सव में कई बढ़े आयोजन रद्द रहे, लेकिन दीपोत्सव व सामूहिक गीता पाठ जैसे अनूठे कार्यक्रम भव्यता से हुए। मंगलवार को ऐसा ही श्लोकोच्चारण हुआ। इस बार गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड के प्रयास नहीं हुए, लेकिन इसके बावजूद 55000 बच्चों ने गीता का पाठ किया। इस बार ग्लोबल गीता पाठ ऑनलाइन हुआ। 2500 स्कूलों के 55 हजार बच्चों ने 12 बजे गीता पाठ किया।

कुरुक्षेत्र में इसी दौरान पुरुषोत्तमपुरा बाग में 1155 बच्चे ऑफलाइन पाठ करने जुटे। इस आयोजन के गवाह राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, केंद्रीय पर्यटन-मंत्री जी कृष्णारेड्डी बनें। बता दें कि गीता पाठ को लेकर पहले ही गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड बन चुका है। 2018 व 2019 में कुरुक्षेत्र थीम पार्क में 18 हजार बच्चों ने एक साथ पाठ किया था। पहला प्रयास गिनीज बुक रिकॉर्ड में कुछ औपचारिकताएं पूरी न करने के चलते दर्ज नहीं हो पाया। दूसरी बार 2019 में यह प्रयास पूरा हुआ। इस बार ऑनलाइन होने के कारण यह प्रयास नहीं किया। राज्यपाल ने कहा कि कुरुक्षेत्र की धरा पर 5158 वर्ष पूर्व भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता के उपदेश देकर कर्म करने का संदेश दिया। पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेश युगों-युगों से मानवता को ज्ञान और शांति का मार्ग दिखा रहे हैं। गीता ने मानवता को जीवन जीने का सार और विश्व को शांति सदभावना का संदेश भी दिया है। इसलिए आज प्रत्येक नागरिक को गीता के उपदेशों को अपने जीवन में धारण करना चाहिए।

पवित्र ग्रंथ गीता उपदेश युगों-युगों से मानवता को दिखा रहा ज्ञान और शांति का मार्ग : दतात्रेय

राज्यपाल और केन्द्रीय मंत्री बच्चों से प्रभावित होकर मिलने पहुंचे
राज्यपाल और केन्द्रीय मंत्री बच्चों के गीता पाठ से इतने प्रभावित हुए कि वे मिलने के लिए पहुंच गए। केडीबी और शिक्षा विभाग के तत्वावधान में वैश्विक गीता पाठ हुआ। इससे पहले राज्यपाल, केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी, स्वामी ज्ञानानंद ने गीता पूजन कर गीता जयंती पर वैश्विक गीता पाठ का शुभारंभ किया। कुरुक्षेत्र के 15 विद्यालयों के 1155 विद्यार्थियों ने वैश्विक गीता पाठ में पवित्र ग्रंथ गीता के 18 अध्यायों के 18 श्लोकों का उच्चारण किया।

इन विद्यार्थियों ने जैसे ही वैश्विक गीता पाठ शुरू किया, उसी समय हरियाणा के 22 जिलों के राजकीय और निजी स्कूलों के 55 हजार से ज्यादा विद्यार्थी, विभिन्न देशों के लोग ऑनलाइन प्रणाली से जुड़े और सभी ने एक सुर में विश्व शांति के लिए वैश्विक गीता पाठ किया। दतात्रेय ने कहा कि गीता जयंती का यह दिन विलक्षण, अनोखा और प्रेरणा देने वाला दिन है।
अमीन की देवी की हैदराबाद में पूजा
केन्द्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि यह सौभाग्य है कि गीता जयंती पर कुरुक्षेत्र की पवित्र धरती पर आने का अवसर मिला। 1989 में गीता जयंती का आगाज हुआ। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रयासों से इस महोत्सव को इंटरनेशनल गीता महोत्सव का बड़ा दर्जा मिला। कुरुक्षेत्र का उनके गृह क्षेत्र दक्षिण भारत हैदराबाद का गहरा संबंध है। कुरुक्षेत्र के गांव अमीन में देवी माता की पूजा हैदराबाद में भी की जाती है। भगवान विष्णु ने इसी धरा पर वामन अवतार के रूप में जन्म लिया। इस वामन अवतार की दक्षिण भारत में भी पूजा की जाती है।

आज पूरे भारत में देश की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर आजादी का अमृत महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है और गीता महोत्सव भी इसी थीम को समर्पित है। विधायक सुभाष सुधा ने मेहमानों का आभार जताया। डीसी मुकुल कुमार ने मेहमानों का स्वागत किया। वैश्विक गीता पाठ के साथ प्रदेश, देश और विदेशों के लोग वर्चुअल रुप से जुड़े, यह क्षण कुरुक्षेत्र ही नहीं प्रदेश के लिए ऐतिहासिक क्षण है। मौके पर अखिल पिलानी, अरुण आश्री, विनोद कौशिक, विनोद सिंगला, डॉ. सौरभ चौधरी, विजय नरुला, उपेंद्र सिंघल भी उपस्थित थे।

खबरें और भी हैं...