सवालों के घेरे में नप के टेंडर:आरोप पहले पैचवर्क कराया फिर काम अलाॅट, जिन सड़कों पर अभी पैचवर्क हो रहा, उनका निकाला निर्माण के लिए टेंडर

कुरुक्षेत्र2 महीने पहले
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कुरुक्षेत्र | पैचवर्क करने के कुछ समय बाद ही उखड़ गई सड़क। - Dainik Bhaskar
कुरुक्षेत्र | पैचवर्क करने के कुछ समय बाद ही उखड़ गई सड़क।

थानेसर नगरपरिषद अक्सर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा में रहती है। शहर में कुछ सड़कों पर पैचवर्क को लेकर पहले से ही चर्चा में थी। अब नप द्वारा सड़कों के निर्माण को निकाले टेंडर चर्चा में आ गए हैं। जिन सड़कों पर हाल में पैचवर्क को टेंडर निकाले थे, महज सात दिनों के अंतराल में उन्हीं सड़कों को नए सिरे से बनाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी। इसे लेकर सवाल उठने लगे हैं।

खुद गठबंधन सहयोगी पार्टी जजपा के नेता ने भी इसे लेकर सवाल उठाए हैं। यही नहीं जो पैचवर्क चल रहा है, उसकी गुणवत्ता पर भी सवालिया निशान हैं। उधर नप का तर्क है कि टेंडर प्रक्रिया लंबी चलेगी। लिहाजा समय रहते सड़क को दोबारा से बनाने के लिए उक्त टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। 9 को हुए थे पैचवर्क टेंडर| बरसात के कारण कई सड़कें खस्ताहाल हो गई थी।

नगरपरिषद की तरफ से बरसात से खस्ताहाल हुई कुछ सड़कों को लेकर पैचवर्क कराने का फैसला लिया गया क्योंकि बरसातों के चलते नवनिर्माण संभव नहीं था लेकिन कुछ सड़कों पर पैचवर्क का टेंडर भी सवालों में आ गया। इनमें सेक्टर 3-4 डिवाइडिंग रोड और सेक्टर 4-8 डिवाइडिंग रोड पर पैचवर्क टेंडर को लेकर सवाल उठे। आरोप लगे कि पैचवर्क का काम पहले ही एक कांट्रेक्टर को दे दिया।

जब मामला उठा तो आनन फानन में टेंडर निकाल कर काम अलाॅट करे जबकि पैचवर्क पहले शुरू हो गया। सूत्रों के मुताबिक इसे लेकर नप के टेंडर लेने वाले ठेकेदारों द्वारा ही सवाल उठाए गए थे। गत 9 तारीख को उक्त दोनों सड़कों पर पैचवर्क को टेंडर हुए। उक्त दोनों टेंडर करीब 44 लाख रुपए के हैं।

सेक्टर-3 और 4 के डिवाइडिंग रोड का टेंडर जिंदल चौक से उमरी रोड के नाम पर निकाला
जजपा नेता व वार्ड दस से पार्षद सुनीता शर्मा के बेटे योगेश शर्मा ने इन टेंडर पर सवाल उठाए। कहा कि सेक्टर 3-4 डिवाइडिंग रोड का टेंडर जिंदल चौक से उमरी रोड के नाम पर निकाला है। वहीं सेक्टर 4-8 डिवाइडिंग रोड का टेंडर केडीबी रोड से एयरफोर्स चौक तक नवनिर्माण के नाम से निकाला गया है।

योगेश शर्मा ने कहा कि जब उक्त सड़कों का नवनिर्माण ही कराना था पैचवर्क क्यों करीब 44 लाख रुपए खर्च किए गए। कहा कि नप जनता का पैसा ही बर्बाद कर रही है। टेंडर भी चहेतों को ही जारी करे जाते हैं।अब नवनिर्माण को निकले टेंडर| अभी पैचवर्क का काम उक्त सड़कों पर कंप्लीट नहीं हुआ है। महज सात दिनों बाद ही नगरपरिषद ने सड़कों के नवनिर्माण को टेंडर निकाल दिए।

नप का यह कारनामा चर्चा में आ गया। गत 15 तारीख को उक्त टेंडर निकाले गए। बताया जाता है कि इनमें एक सड़क पर करीब 96 लाख 17 हजार तो दूसरी का एक करोड़ सात लाख 75 हजार का टेंडर है। कई सड़कें होंगी तैयारः नप के ईओ बलबीर सिंह का कहना है कि उक्त टेंडर प्रक्रिया एक्सईएन की देखरेख में हो रही है।

शहर में कई सड़कों को दोबारा से तैयार किया जाना है। करीब पांच सड़कों को अप्रूवल भी मिल चुकी है। हालांकि नप की तरफ से कई सड़कों के लिए एस्टिमेट भेजे गए हैं। पहले पांच सड़कों को तैयार कराया जाएगा।सर्दी के बाद होगा कामः नप के एक्सईएन सुरेंद्र सिंह का कहना है कि पैचवर्क का काम सड़कों को चलने लायक बनाने के लिए किया जा रहा है। उक्त सड़कों को नए सिरे से तैयार करने का काम एकदम से शुरू नहीं होगा।

इसके लिए टेंडर प्रक्रिया में भी एक लंबा समय लगेगा। ठंड में वैसे भी नप सड़क तैयार नहीं कराती। ठंड निकलने के बाद ही उक्त सड़कों का निर्माण शुरू होगा। तब समय से काम शुरू हो सके, इसी लिए अभी से टेंडर प्रक्रिया शुरू की है ताकि समय रहते बजट आदि का भी प्रावधान हो सके।

नहीं हुई कार्रवाई, गुणवत्ता पर नहीं ध्यान | आरोप लगाया कि पैचवर्क में भी गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा। पैचवर्क हाथ से ही उखड़ रहा है। वहीं जिन ठेकेदारों ने पिछले काम नहीं निपटाए, उन्हें ही टेंडर जारी करे जा रहे हैं जबकि नियमानुसार ऐसे ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट करना था।

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