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मीटिंग का विरोध:किसानों के विरोध पर भाजपाइयों ने मीटिंग की रद्द, विश्रामगृह की बिजली सप्लाई भी काटी

कुरुक्षेत्रएक महीने पहले
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इस्माइलाबाद | भाजपा नेताओं का विरोध करते किसान। - Dainik Bhaskar
इस्माइलाबाद | भाजपा नेताओं का विरोध करते किसान।
  • किसानों का हंगामा देख बीच में ही मीटिंग छोड़कर पुलिस सुरक्षा में निकले भाजपाई

तीन नए कृषि कानूनों को लेकर किसानों की तरफ से प्रदेशभर में भाजपा नेताओं का विरोध किया जा रहा है। ऐसे ही शुक्रवार को भाजपाइयों की पिहोवा किसान रेस्ट हाउस में मीटिंग के दौरान हंगामा खड़ा हो गया। मीटिंग का पता चलते ही काफी संख्या में किसान रेस्ट हाउस पहुंच कर नारेबाजी की।

यही नहीं रेस्ट हाउस की बिजली सप्लाई भी किसानों ने काट दी। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना पर डीएसपी गुरमेल सिंह व एसएचओ जगदीश टामक की टीम मौके पर पहुंची। तनाव बढ़ने की आशंका को देखते हुए मीटिंग बीच में ही रद्द कर भाजपाइयों को वहां से सकुशल निकाला। किसानों ने कहा कि संयुक्त मोर्चा ने प्रदेश में भाजपा-जजपा के सार्वजनिक कार्यक्रमों के विरोध का ऐलान किया है। ऐसे में यदि दोनों दलों के नेता कार्यक्रम करते हैं तो वे विरोध करने जरूर पहुंचेंगे।

तीन मंडलों की मीटिंग थी : भाजपा की ओर से शुक्रवार को किसान रेस्ट हाउस में तीन मंडलों की मीटिंग पार्टी संगठन, 21 जून को योग दिवस व पीएम के मन की बात कार्यक्रम पर चर्चा के लिए बुलाई थी। इसमें जिला प्रभारी मेहरचंद गहलोत, जिलाध्यक्ष राजकुमार सैनी व महामंत्री सुशील राणा समेत कई नेता पहुंचे थे। वहीं जयसिंह पाल भी पहुंचे थे। जयसिंह का कुछ समय पहले इस्माइलाबाद में किसान विरोध कर चुके थे। डीएसपी गुरमेल सिंह पुलिस बल सहित मौके पर पहुंच कर किसानों को रोकने का प्रयास किया।

किसान अंदर घुसने की कोशिश करते रहे। यही नहीं किसानों ने बिजली सप्लाई भी बंद कर दी। साथ ही पिछले गेट पर भी ताला लगा दिया। बाद में डीएसपी ने किसानों को समझाकर शांत किया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि बैठक बंद करके नेता वहां से नहीं गए तो माहौल खराब हो जाएगा। पुलिस दोनों पक्षों से बातचीत करती रही। तनाव और बढ़ने की आशंका को देखते हुए भाजपा नेताओं ने बैठक स्थगित कर दी। विरोध व नारेबाजी के बीच पुलिस सुरक्षा में भाजपाई वहां से निकल गए।

किसानों ने विश्रामगृह में छिड़का गंगाजल
भाजपा नेताओं के जाने के बाद भी काफी देर तक हंगामेदार स्थिति रही। किसानों ने गंगाजल मंगवा कर विश्रामगृह में छिड़का। साथ ही भाकियू का झंडा भी लगा दिया। किसान यूनियन के नेता विक्रम चट्ठा प्रिंस ने कहा कि किसानों को गुंडा तत्व बताने वाले नेता का इलाज किया जाएगा। किसान यूनियन के नेता विक्रम चट्ठा ने कहा कि किसानों को गुंडा तत्व बताने वाले नेताओं का जनता इलाज करेगी। कहा कि प्रभारी जहां भी मीटिंग करेंगे, वहीं किसान विरोध करेंगे। ताकि उन्हें किसानों की ताकत का अंदाजा हो जाए।

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