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विश्वविद्यालयों ने की चर्चा,:महामारी से निपटने और टीकाकरण में तेजी लाने पर किया मंथन

कुरुक्षेत्र24 दिन पहले
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  • कोरोना संक्रमण की लड़ाई में हमें एक साथ खड़े होने की आवश्यकता : राजा कृष्णमूर्थि

यूएस हाउस प्रतिनिधि सभा के सदस्य एवं राजनीतिज्ञ राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि अमेरिका दोबारा पटरी पर आ चुका है। क्योंकि यहां वैक्सीनेशन कार्यक्रम को तीव्र गति से चलाया गया। उन्होंने कहा कि कोरोना की लड़ाई में हमें एक साथ खड़े होने की आवश्यकता है। कोरोना ने हम सभी को प्रभावित किया है। हमें एक-दूसरे की सहायता करनी होगी।

वे गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, हावर्ड विश्वविद्यालय, वाशिंगटन डीसी यूएसए, भारतीय विश्वविद्यालय संघ, हरियाणा उच्च शिक्षा परिषद्, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, स्वदेशी स्वावलंबन न्यास तथा यूनिवर्सल अक्सेस टू वेक्सिनन्स एंड मेडिसिन कैंपेन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय वेबिनार में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक देश को वैक्सीनेशन पर जोर देना होगा। कोरोना प्रभावित देशों को 20 अरब डालर की सहायता के लिए अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में एक विधेयक पेश किया गया है। हार्ड इम्युनिटी के लिए विश्व की 60 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण बेहद जरूरी है।

  • वैक्सीनेशन हो पूरी तेजी से : रॉन -अमेरिकी भारत व्यापार परिषद के पूर्व अध्यक्ष रॉन सोमर्स ने कहा कि इससे पहले भी विश्व हेपेटाइटिस जैसी गम्भीर महामारी से पार पा चुका है। उन्होंने भारत में वैक्सीन के लिए वालंटियर लाइसेंस दिए जाने की वकालत की। जितनी जल्दी वैक्सीन की उत्पादकता होगी उतनी जल्दी इस महामारी से भारत निजात पा लेगा। उन्होंने भारतीय कंपनियों द्वारा वैक्सीन तकनीक के हस्तांतरण की भी सराहना। उन्होंने कहा कि भारत ने सात कंपनियों के साथ तकनीक को सांझा किया है।
  • 700 विद्वानों ने की चर्चा - केयू वीसी प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। सचदेवा ने बताया कि टीकों तक समान पहुंच के लिए महामारी से निपटने की रणनीतियां विषय पर आयोजित वेबिनार में 700 से अधिक विद्वानजनों ने भाग लिया। संगोष्ठी में कोरोना से लड़ने के लिए विश्व की 70 प्रतिशत आबादी के लिए पेटेंट मुक्त टीकाकरण एवं दवाओं के बारे में विश्वव्यापी राय बनी।
  • तकनीक हस्तांतरण जरूरी - वेबिनार के मुख्य आयोजक गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय ग्रेटर नोएडा के कुलपति प्रो. भगवती प्रकाश ने विश्व व्यापार संगठन में पेटेंट फ्री वैक्सीन के मुद्दे की ओर ध्यान दिलाया। मानवता को बचाने के लिए लाभ को छोड़कर, नवाचार को प्रोत्साहित कर, समाजहित में वैक्सीन तकनीक का हस्तांतरण जरूरी है। प्रत्येक देश का कर्तव्य है कि वह अपने यहां स्थित कंपनियों को इसके लिए तैयार करें। भारतीय विश्वविद्यालय संघ सचिव डॉ. पंकज मित्तल ने कहा कि गरीब देशों के लिए वैक्सीन की पहुंच अभी भी दूर है।

पेटेंट फ्री वैक्सीनेशन पर दिया जोर

सीजीबीएस हावर्ड विश्वविद्यालय के निदेशक प्रोफेसर नरेन्द्र रस्तोगी ने कहा कि इसे समाप्त करने के लिए ज्यादा से ज्यादा टीकाकरण करने की जरूरत है। वैक्सीनेशन की उपलब्धता, सप्लाई चेन को दुरूस्त करना एवं सफल प्रबंधन आवश्यक है। ज्यादा से ज्यादा उत्पादक कंपनियों को लाइसेंस प्रदान करना, पेटेंट फ्री वेक्सीनेशन की मुहिम में एक साथ खड़ा होना होगा। भारतीय मजदूर संघ के पूर्व अध्यक्ष सजी नारायण ने कहा कि उचित कीमत में ही वैक्सीन उपलब्ध हो।

वैक्सीनेशन की उत्पादकता सभी देशों में हो, इसके लिए तकनीकी फॉर्मूला एवं पैटर्न हस्तांतरित किया जाना चाहिए। कहा कि भारत थोड़े ही समय बाद इस महामारी से पार पा लेगा। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज तिरूनवेल्ली के डॉ. जयालाल ,नेशनल मेडिकल आर्गेनाइजेशन के सचिव डॉ. योगेन्द्र मलिक , उपभोक्ता मामले कार्यकर्ता अरूण देशपाण्डेय ने भी संबोधित किया । स्वदेशी स्वावलंबन न्यास के सह संगठक सतीश कुमार ने कहा कि स्वदेशी जागरण मंच ने वैक्सीन एवं मेडिसिन की सार्वभौमिक पहुंच अभियान को विश्व पटल पर रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

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