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धोखाधड़ी का मामला:साइबर ठग ने जानकार बता फोन-पे पर 25 हजार भेजने का झांसा देकर खाते से निकाले 50 हजार रुपए, केस दर्ज

कुरुक्षेत्र10 दिन पहले
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  • साइबर एक्सपर्ट बोले- न आएं बहकावे में, सर्तकता ही बचाव, किसी को न दें खाते या एटीएम की जानकारी

साइबर अपराध आमजन के साथ ही पुलिस के लिए भी चुनौती बना हुआ है। रोजाना साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों के खाते खंगाल रहे हैं। साइबर अपराध रोकने के लिए बैंक से लेकर पुलिस भी निरंतर प्रयास करती है, लेकिन इसके बावजूद साइबर ठग रोजाना लोगों को नए-नए तरीके से चपत लगा रहे हैं। एक ही दिन में साइबर ठगों ने 2 तरीकों से लोगों को शिकार बनाने का जाल बूना।

एक मामले में साइबर ठग ने एक बुजुर्ग को दोस्त का नाम लेकर फोन किया और खाते में 25 हजार रूपए भेजने का झांसा देकर उसके बेटे के खाते से उलटा 50 हजार रूपए निकाल लिए। वहीं दूसरे मामले में केयू के प्रोफेसर के पास अनजान नंबर से मैसेज आया कि आपकी बीएसएनएल सिम के डॉक्यूमेंट पेंडिंग हैं, एक मोबाइल नंबर दिया गया, उस पर कॉल करने और ऐसा न करने पर 24 घंटे में सिम ब्लॉक करने की चेतावनी दी गई।

परिचित की आवाज में फोन किया

शाहाबाद के रहने वाले अवतार सिंह ने बताया कि उसके पास शाम के समय उसके परिचित की आवाज में फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि उसने किसी व्यक्ति से 25 हजार रूपए लेने हैं, उक्त व्यक्ति फोन-पे एप के जरिए पेमेंट करने को कह रहा है। कॉल करने वाले ने कहा कि उसके पास फोन पे एप नहीं हैं, इसलिए उसने शिकायतकर्ता के खाते में पैसे डलवाने काे कहा और उससे कहा कि वह बाद में ले लेगा।

फिर एक और व्यक्ति का फोन आया, फोन करने वाले ने कहा कि वह फोन पे के जरिए 25 हजार रूपए भेज रहा है। शिकायतकर्ता ने अपने बेटे का फोन पे नंबर उक्त आरोपियों को दे दिया। आरोपियों ने कई बार लिंक भेजे, पैसे आने की बजाए उलटा शिकायतकर्ता के बेटे के खाते से 50 हजार रूपए कट गए। पैसे कटने पर उन्हें वापस करने बारे कहा, तो ठगों ने गाली-गलौज कर फोन काट दिया।

शिकायत पर थाना शाहाबाद पुलिस ने केस दर्ज कर शुरू की है। साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन यूनियन से सब इंस्पेक्टर सुभाषचंद का कहना है कि सिम ब्लॉक होने या जानकार बनकर खाते में पैसे भेजने, केवाईसी अपडेट कराने, वैक्सीनेशन रजिस्ट्रेशन कराने, बैंक अधिकारी बनकर एटीएम या खाते की जानकारी लेने समेत अन्य कई तरीके साइबर ठग लोगों के खातों से पैसे ठगने को लेकर अपना रहे हैं।

कभी भी किसी अंजान व्यक्ति के साथ आधार नंबर, ईमेल आईडी, ओटीपी व अन्य निजी जानकारी सांझा न करें। सोशल मीडिया खातों के लिए दो-चरणीय सत्यापन को सक्रिय करें। मैसेजिंग एप्स या सोशल मीडिया ऐसे किसी भी प्रकार के मैसेज नहीं भेजता है

सिम ब्लॉक करने की दी चेतावनी

अन्य मामले में केयू के कॉमर्स विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर तेजेंद्र शर्मा ने बताया कि उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया कि आपके बीएसएनएल सिम के डॉक्यूमेंट पेंडिंग हैं, मैसेज में एक मोबाइल नंबर भी अंकित है, उस पर संपर्क कर 24 घंटे के अंदर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन न कराने पर सिम ब्लॉक करने की चेतावनी दी गई है। प्रोफेसर तेजेंद्र शर्मा ने बताया कि वे साइबर ठगी का शिकार होने से पहले ही ठगों की चाल समझ गए, जिससे ठगी का शिकार होने से बच गए।

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