पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

विरोध:कर्मचारी संगठनों ने एकजुट हो रोष मार्च निकाल सौंपा ज्ञापन

कुरुक्षेत्र4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • कर्मचारी व मजदूर विरोधी नीतियां वापस लेने की मांग, निजीकरण को बढ़ावा देने का लगाया आरोप, मांगों को लेकर पीएम व श्रम मंत्री को भेजे ज्ञापन

विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने एकजुट होकर शुक्रवार को मजदूर व कर्मचारी विरोधी नीतियों का आरोप लगा ताज पार्क से लघु सचिवालय तक रोष मार्च निकाला। प्रधानमंत्री व केंद्रीय श्रम मंत्री के नाम मांगों का ज्ञापन डीआरओ को सौंपा। जन संघर्ष मंच, सर्व कर्मचारी संघ, निर्माणकार्य मजदूर मिस्त्री यूनियन, मनरेगा मजदूर यूनियन सहित सीआईटीयू आदि संगठनों के नेताओं ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

जन संघर्ष मंच हरियाणा की प्रदेश महासचिव सुदेश कुमारी ने कहा कि देश के मजदूरों पर संकट फूट पड़ा है। मजदूरों को मालिकों के जुल्म से राहत पाने के लिए और शोषण दमन के खिलाफ संघर्ष करने के लिए श्रम कानूनों के तहत कुछ अधिकार मिले हुए थे। लेकिन मौजूदा केंद्रीय सरकार के साथ-साथ विभिन्न राज्य सरकारें श्रम कानूनों पर हमले कर रही हैं। जबरदस्ती काम के घंटे 12 किए जा रहे हैं। सार्वजनिक संस्थानों का निजीकरण व निगमीकरण किया जा रहा है। ठेका प्रथा को बढ़ावा दिया जा रहा है। आरोप लगाया एक तरफ प्रधानमंत्री लोकल से वोकल और स्वदेशी का उपदेश दे रहे है, वहीं डिफेंस की फैक्टरियों सहित एफडीआई के जरिये विदेशी पूंजीवादी को देश के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करने, मजदूरों का बेरहमी से शोषण करने व माल बेचने के लिए बाजार खोल रही हैं। 

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दावे कर रही है कि कोई मालिक मजदूरों को नौकरी से न निकाले लेकिन सरकार खुद ही कर्मचारियों को हटा रही है। केडीबी में दशकों से अस्थाई तौर पर काम कर रहे 70 सफाई कर्मचारी नौकरी से निकाल दिए गए हैं। कर्मचारियों के संघर्ष के बाद 46 को नौकरी पर रखने का आश्वासन दिया था। लेकिन उससे भी सरकार पीछे हट गई। कर्मचारियों को प्रदर्शन करने के जुर्म में थाने ले जाकर प्रताड़ित किया गया। साथ ही उनके खिलाफ केस भी दर्ज किया गया।  निर्माण कार्य मजदूर मिस्त्री यूनियन के प्रधान करनैल सिंह ने कहा कि एक तरफ सरकार ने निर्माण कार्य खोल दिया है, दूसरी तरफ निर्माण कार्य मजदूरों के खड़ा होने के लिए कोई जगह नहीं है। निर्माण कार्य मजदूर जहां भी खड़े होते हैं पुलिस डंडे मार भगा देती है। मौके पर चन्द्र रेखा, ऊषा कुमारी ,सोमनाथ, सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान ओमप्रकाश, भीम सिंह, सफाई कर्मचारी यूनियन से कृष्ण कुमार सहित अन्य कर्मचारी नेता मौजूद रहे ।

जिला प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में मुख्य मांगें

लॉकडाउन के पूरे काल में सभी मजदूरों को पूरा वेतन दिया जाए, किसी कर्मचारी को नौकरी से न हटाया जाए, नौकरी से हटाने वालों के खिलाफ कोविड 19 आपदा प्रबंधन कानून मे कार्रवाई की जाए, काम के घंटों (कार्यदिवस) में बढ़ोतरी के साथ श्रम कानूनों में सभी मजदूर-विरोधी बदलावों को रद्द किया जाए, घर लौटने को इच्छुक सभी प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचने में सहायता के साथ उनके पुनर्वास व रोज़गार की व्यवस्था की जाए, असंगठित क्षेत्र व स्वरोजगार से जुड़े सभी मजदूरों, जिन्हें लॉकडाउन के काल में वेतन नहीं मिला है, उन्हें 10 हजार रुपए की राहत राशि दी जाए, मनरेगा मजदूरी में वृद्धि की जाए, प्रत्येक ग्रामीण मजदूर को 200 दिन के काम की गारंटी दो और काम सारा साल चलाया जाए, निजीकरण, निगमीकरण व ठेकाप्रथा पर रोक लगाई जाए।

देशभर में प्रदर्शन कर किसान खेत मजदूरों ने ऑनलाइन भेजा पीएम व सीएम को ज्ञापन
पूरे देश में शुक्रवार को केंद्रीय ट्रेड यूनियन एआईयूटीयूसी व ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने मांगों को लेकर जगह-जगह विरोध दिवस मनाया। डीसी की मार्फत प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ऑनलाइन ज्ञापन भेजे गए। कुरुक्षेत्र के दुर्गा नगर में एआईयूटीयूसी के राज्य कमेटी सदस्य कामरेड रोशन लाल के नेतृत्व में विरोध दिवस मनाया गया। गांव सारसा में कामरेड राजकुमार सारसा जिला सचिव कुरुक्षेत्र आॅल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के नेतृत्व में मनाया गया। कामरेड रोशन लाल ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकारों द्वारा कोरोना महामारी के बहाने मजदूरों, कर्मचारियों और आम मेहनतकश अवाम के जनतांत्रिक अधिकारों को, श्रम कानूनों को खत्म करने, सार्वजनिक क्षेत्र को खत्म करने के खिलाफ ज्ञापन सौंपे गए।

0

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज घर से संबंधित कार्यों को संपन्न करने में व्यस्तता बनी रहेगी। किसी विशेष व्यक्ति का सानिध्य प्राप्त हुआ। जिससे आपकी विचारधारा में महत्वपूर्ण परिवर्तन होगा। भाइयों के साथ चला आ रहा संपत्ति य...

और पढ़ें