विधायक काला के पुतले की शव यात्रा निकाली:शाहाबाद में किसानों ने विधायक राणकरण काला के कार्यालय के बाहर पुतला फूंक रोष जताया

शाहाबाद9 महीने पहले
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शाहाबाद | विधायक रामकरण काला के पुतला की अर्थी बनाकर नगर में घूमते किसान। - Dainik Bhaskar
शाहाबाद | विधायक रामकरण काला के पुतला की अर्थी बनाकर नगर में घूमते किसान।

विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान सरकार के पक्ष में वोट करने पर विधायक रामकरण का किसानों ने उनके कार्यालय के बाहर पुतला फूंका और प्रदर्शन किया। इससे पूर्व बड़ी संख्या में किसान देवी मंदिर चौक पर इकट्ठा हुए। वहां से किसान विधायक रामकरण काला के पुतले की शवयात्रा निकालते हुए पूरे नगर में घुमाया। किसानों के गुस्से को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात रहा।

भाकियू के कार्यकारी प्रधान जसबीर सिंह ने कहा कि एक तरफ तो रामकरण काला किसानों के बीच में आकर समर्थन करने की बात करते रहे। वहीं दूसरी ओर अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सरकार का समर्थन किया। किसानों ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव के दौरान कृषि कानूनों का समर्थन में रामकरण काला ने वोट डालकर साबित कर दिया कि वह किसानों के साथ नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि अब शाहाबाद के किसानों ने विधायक काला का पूर्ण रूप से बहिष्कार करने का मन बना लिया है। इसी के चलते उनके कार्यालय के बाहर उनका पुतला फूंका गया। इस मौके पर कोर कमेटी के सदस्य जसबीर सिंह, पवन बैंस, मान सिंह रतनगढ़, तेजपाल जंधेड़ी, हरकेश खानपुर, बलकार सिंह कतलाहरी,बाला राम ढोला माजरा, रणधीर सिंह राणा, राजबीर दाऊमाजरा सहित किसान मौजूद थे।

कांग्रेस पार्टी लाई थी अविश्वास प्रस्ताव किसान नहीं : विधायक रामकरण ने कहा कि विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव कांग्रेस पार्टी द्वारा लाया गया था न कि किसान। वे जजपा पार्टी से विधायक हैं और सरकार में उनकी भागीदारी है। इसलिए उन्होंने कांग्रेस पार्टी को वोट न देकर सरकार के पक्ष में वोट दी है। उन्होंने कहा कि वे किसान विरोधी नहीं किसान हितैषी हैं और हमेशा से किसानों की आवाज को बुलंद करते आए हैं।

विधायक ने कहा कि अगर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा किसानों के हित में अपने विधायकों सहित इस्तीफा देते हैं तो वह भी किसानों के हित में अपना त्याग पत्र सरकार को सौंप देंगे।

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