सुरक्षा से खिलवाड़ / लघु सचिवालय में लगे एक्सपायरी डेट के अग्निशमन यंत्र

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  • तीन जून तक थी एक्सपायरी डेट, लघु सचिवालय में हैं अधिकांश सरकारी दफ्तर

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

कुरुक्षेत्र. दीपक तले अंधेरा की कहावत इन दिनों लघु सचिवालय में चरितार्थ हो रही है। सचिवालय में अधिकांश सरकारी दफ्तर हैं। बावजूद इसके यहां अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन की सुरक्षा को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखती। 

सचिवालय की बहुमंजिला इमारत में कहने को जगह-जगह अग्निशमन यंत्र यानी फायर एक्सटिंग्विशर तो लगे हैं, लेकिन इनकी रिफिल करने की तरफ किसी का ध्यान नहीं है। इनकी एक्सपायरी डेट भी करीब 27 दिन पहले खत्म हो चुकी है। इनके पास से होकर ही अधिकारी व कर्मचारी रोजाना अपने दफ्तरों में जाते हैं, लेकिन किसी का इस पर ध्यान नहीं गया। संबंधित विभाग व आला अधिकारी जन सुरक्षा को लेकर कितने गंभीर हैं, इसका अहसास इसी नजर अंदाजी से होता है।

अगर बिल्डिंग में कहीं आग लग जाए तो ये अग्निशमन यंत्र किसी काम के नहीं होंगे। आग बुझाने वाले यंत्र शो पीस के तौर पर लगे हैं। बता दे की लघु सचिवालय की इमारत में कई जगहों पर ये फायर एक्सटिंग्विशर लगे हैं । इनमें से अधिकांश की समय सीमा तीन जून को पूरी हो चुकी है। इस पर अंकित भी है, लेकिन 30 जून तक भी इस पर ध्यान नहीं दिया गया। लघु सचिवालय में रोजाना अपने काम के लिए सैकड़ों लोग आते हैं।

सचिवालय पहुंचे लोगों का कहना था कि यदि कोई निजी संस्थान इस तरह की लापरवाही करता तो संबंधित विभाग उसका चालान काटने के साथ उसके खिलाफ कार्रवाई भी करता है, लेकिन खुद प्रशासन लापरवाही बरत रहा है। गैस सिलेंडर आउट डेटेड हो चुके हैं। वहीं लिफ्ट के साथ रेत से भरी बाल्टियां भी टंगी हैं, लेकिन चार बाल्टियों में से एक बालटी टूटी है। जिसमे रेत भी नहीं है।

 
नहीं कोई बड़ी बात : वहीं इस संबंध में फायर अधिकारी पंकज पराशर का कहना है कि सिलिंडर रिफिल न होना कोई बड़ी बात नहीं है। जब पूछा कि इस पर एक्सपायरी डेट क्यों है तो जवाब दिया कि रिफिल की गारंटी होती है। नीडल डाउन देखनी पड़ती है, लेकिन उनके पास इस बात का जवाब नहीं था कि फायर एक्सटिंग्विशर की वैद्यता तीन जून को खत्म हो गई है।

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