हरियाली तीज:सर्वार्थसिद्धि व रवि पुष्य योग में आज हरियाली अमावस्या, राशि के अनुसार करें पौधारोपण

कुरुक्षेत्र2 महीने पहले
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  • भगवान शिव को समर्पित है सावन का संपूर्ण माह

हिंदू धर्म में श्रावण अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व है। सावन का पूरा महीना पूजा पाठ के लिए उत्तम माना गया है। सावन का संपूर्ण माह भगवान शिव को समर्पित है। इस दौरान हरियाली अमावस्या का पर्व पर्यावरण के महत्व को दर्शाता है। हरियाली अमावस्या के दिन पौधा लगाना शुभ माना गया है। हरियाली अमावस्या पर कृषि उपकरणों के पूजन की परंपरा भी है। ज्योतिषि डॉ. रामराज कौशिक के मुताबिक श्रावण मास की अमावस्या को हरियाली अमावस्या, सावन अमावस्या और श्रावणी अमावस्या के नाम से भी जानते हैं।

इस बार अमावस्या सात अगस्त को शाम 7 बजकर 11 मिनट से शुरू होगी। इस तिथि का समापन 8 अगस्त को शाम 7 बजकर 21 पर होगा। इस बार रविवार को श्रावणी अमावस्या के दिन सर्वार्थसिद्धि योग तथा रवि पुष्य योग भी बन रहा है। अमावस्या के दिन पितरों को खुश करने के लिए पिंडदान, तर्पण व श्राद्ध कर्म किए जाते हैं। कौशिक ने बताया कि हरियाली अमावस्या प्रकृति को पुन: कुछ लौटाने का पर्व है। हरियाली अमावस्या पर भी पितरों की शांति के लिए पिंडदान और दान-धर्म और पितरों की संतुष्टि के लिए पौधरोपण करने का महत्व है। मंदिर परिसर व तीर्थ स्थलों में पीपल, बरगद, केला, नींबू अथवा तुलसी का पौधरोपण करना शुभ है। पति-पत्नी को जोड़े के साथ शिव-पार्वती का पूजन करना शुभ माना है। इस दिन पौधा लगाना शुभ माना गया है। श्री दुर्गा देवी मन्दिर पिपली के अध्यक्ष डॉ. सुरेश मिश्रा के मुताबिक श्रावण कृष्ण अमावस्या को हरियाली अमावस्या के रूप में मनाया जाता हैs।

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