चयन:कुरुक्षेत्र के हॉकी खिलाड़ी सुरेंद्र दूसरी बार बनेंगे ओलिंपिक टीम का हिस्सा

कुरुक्षेत्र4 महीने पहले
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कुरुक्षेत्र, हॉकी खिलाड़ी सुरेंद्र कोच के साथ। - Dainik Bhaskar
कुरुक्षेत्र, हॉकी खिलाड़ी सुरेंद्र कोच के साथ।
  • साई सेंटर से ओलिंपिक को टीम में दूसरी बार भी एक ही खिलाड़ी सिलेक्ट, 17 साल से प्रेक्टिस कर रहे सुरेंद्र

कुरुक्षेत्र के हॉकी खिलाड़ी सुरेंद्र पालड़ दूसरी बार ओलिंपिक टीम का हिस्सा होंगे। खास बात यह है कि सुरेंद्र भारतीय खेल प्राधिकरण साई कुरुक्षेत्र सेंटर के पहले खिलाड़ी हैं, जिनका ओलिंपिक के लिए चयन हुआ है। यही नहीं इससे पहले रियो ओलिंपिक 2016 के लिए भी सुरेंद्र का ही चयन हुआ था। अब टोक्यो जापान ओलिंपिक 2021 का टिकट मिला है। हालांकि इससे पहले कुरुक्षेत्र के शाहाबाद की कई महिला व पुरुष हॉकी खिलाड़ी ओलिंपिक तक का सफर तय कर चुके हैं।

इस बार भी शाहाबाद की 3 खिलाड़ी महिला टीम में शामिल हैं। इनमें रानी रामपाल को फिर से टीम की कप्तानी मिली है। सुरेंद्र पालड़ के चुने जाने की सूचना मिलते साई सेंटर के अधिकारियों, प्रशिक्षकों और खिलाड़ियाें में खुशी है। इस उपलब्धि पर अंतरराष्ट्रीय हाॅकी खिलाड़ी सुरेंद्र पालड़ के प्रशिक्षक गुरविंद्र सिंह को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

6 साल की उम्र में पकड़ी स्टिक: कुरुक्षेत्र सेक्टर-8 में सुरेंद्र का परिवार रहता है। किसान मल्खान सिंह के पुत्र सुरेंद्र कुमार पालड़ ने मेहनत और लगन से टीम इंडिया में अपनी जगह बनाई। सुरेंद्र ने 6 साल की उम्र से ही अपने हॉकी जीवन की शुरुआत की। पहली स्कूली नेशनल प्रतियोगिता से अपना जीवन शुरू करने वाले सुरेंद्र का चयन अब टोक्यो ओलिंपिक 2021 के लिए भारतीय सीनियर हॉकी टीम के लिए हुआ है।

सुरेंद्र पालड़ के हॉकी के जुनून के लिए करनाल से कुरुक्षेत्र शिफ्ट हुआ परिवार
मूलरूप से उनका परिवार करनाल के बारान गांव का है। लेकिन सुरेंद्र के हॉकी के प्रति जुनून को देखते हुए परिवार यहां शिफ्ट हो गया। द्रोणाचार्य स्टेडियम से साथ लगती कॉॅलोनी में रहकर वर्ष 2004 में भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के हॉकी कोच गुरविंद्र सिंह से कोचिंग शुरू की। यहीं से सुरेंद्र ने अपने हॉकी जीवन की शुरुआत की।

काेच गुरविंद्र सिंह ने बताया कि सुरेंद्र ने वर्ष 2004 में हॉकी थामी थी। 6 साल की उम्र में सुरेंद्र ने मई 2010 में राई में स्कूल नेशनल-19 वर्ष से कम आयु वर्ग की प्रतियोगिता में भाग लिया। अपनी पहली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार खेल का प्रदर्शन किया और प्रतियोगिता जीतने में अहम भूमिका निभाई। 2011 में जूनियर नेशनल गेम के लिए हरियाणा की टीम में चयन हुआ।

पुणे में हुई इस जूनियर चैंपियनशिप में हरियाणा की तरफ से खेलते हुए सुरेंद्र पालड़ ने शानदार प्रदर्शन किया था। इस प्रतियोगिता को जीतकर हरियाणा ने पिछले 50 साल के रिकॉर्ड को तोड़ा था। इसके बाद 3 से 13 मई 2013 में मलेशिया में हुई जूनियर हॉकी चैंपियनशिप में सुरेंद्र ने भारतीय टीम की तरफ से खेलते टूर्नामेंट में भारत को कांस्य पदक मिला।

वर्ष 2013 में ही सुरेंद्र ने हॉलैंड व बेल्जियम में जूनियर भारतीय हॉकी टीम की तरफ से टेस्ट सीरिज खेली। मलेशिया में जूनियर टीम ने जौहर कप जीतने में अहम भूमिका निभाई। 6 से 15 दिसंबर 2013 को दिल्ली में हुए जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप में खेलने का मौका मिला। जून 2013 में भारतीय हॉकी टीम में चुने गए।

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