सरकार ने एक और शर्त मानी:अब मिलर्स को मिलेगी धान लोडिंग की पेमेंट, अनलोडिंग का मसला अनसुलझा

कुरुक्षेत्र18 दिन पहले
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लोडिंग के लिए भुगतान प्रति बैग सवा दो रुपए का होगा - Dainik Bhaskar
लोडिंग के लिए भुगतान प्रति बैग सवा दो रुपए का होगा
  • समझौता हुआ तो खरीद में जुटे मिलर्स

राइस मिलर्स का प्रदेश सरकार के साथ मंगलवार देर शाम समझौता तो हो गया, लेकिन अभी तक राइस मिलर्स की शर्तें मानने को लेकर सरकार व खाद्य आपूर्ति विभाग की तरफ से लिखित में आश्वासन नहीं भेजा गया। इस पर मिलर्स बुधवार से खरीद शुरू करने को लेकर असमंजस में भी रहे। राइस मिलर्स एसोसिएशन के निर्देशों के बाद मिलर्स खरीद में जुट गए। जिले की सभी मंडियों में मिलर्स ने खरीद एजेंसियों के साथ मिलकर खरीद की।

वहीं बुधवार को सरकार ने मिलर्स की धान लोडिंग की पेमेंट की डिमांड भी मंजूर कर ली। देर शाम तक इस संबंध में मिलर्स व विभाग के पास लिखित आदेश नहीं पहुंचे थे। इसकी पुष्टि हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन चेयरमैन ज्वैल सिंगला ने की। अनलोडिंग की पेमेंट का मसला अभी अनसुलझा है। मंडी से लाकर मिल में अनलोडिंग खुद मिलर्स कराते हैं। मिलर्स लोडिंग के साथ ही अनलोडिंग की पेमेंट की भी मांग कर रहे हैं।

पिछले साल नहीं मिली थी पेमेंट : सरकार की तरफ से मिलर्स की तरफ पिछले साल भी लोडिंग की पेमेंट नहीं की थी। पहले मंडियों से राइस मिल तक भेजने के लिए लोडिंग का भुगतान सरकार की तरफ से किया जाता था, लेकिन पिछले साल लोडिंग का भुगतान सरकार ने नहीं किया। मिलर्स के मुताबिक पिछले साल लोडिंग का प्रति बैग एक रुपए 80 पैसे के हिसाब से रेट था। मिलर्स को खुद भुगतान करना पड़ा।

सरकार करेगी लोडिंग का भुगतान

सरकार ने लोडिंग पेमेंट की डिमांड अब मान ली है। हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ज्वैल सिंगला के मुताबिक बुधवार देर शाम ही सरकार की तरफ से सूचना मिली है। विधायक सुभाष सुधा की तरफ से भी यह जानकारी दी गई। सरकार अब लोडिंग के लिए मजदूरों को देने के लिए प्रति बैग सवा 2 रुपए का भुगतान करेगी। यह पैसा आढ़तियों के जे फार्म में लगना शुरू होगा।

अनलोडिंग का मसला अभी तक अनसुलझा है। मिलर्स का कहना है कि धान सरकार का होता है। मिलर्स कस्टम मिलिंग कर उसका चावल बनाकर सरकार को लौटाता है। ऐसे में मंडी से मिल तक लाने ले जाने, लोडिंग व मिल में अनलोडिंग के लिए मजदूरों को भुगतान का जिम्मा सरकार का है।

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