प्रशासन की अनदेखी:शहर में धड़ल्ले से राइस मिलों को तोड़कर काटे जा रहे प्लाॅट, डीटीपी की कार्रवाई नोटिस देने तक सिमटी

कुरुक्षेत्र9 महीने पहले
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  • तीन जगह राइस मिलों में चल रहा सड़कें व प्लॉट काटने का काम, उधर-कंट्रोल एरिया में पनप रही कॉलोनी

शहर में इन दिनों राजनीतिक रसूख के दम पर प्रॉपर्टी डीलर अवैध कॉलोनियां धड़ल्ले से काटकर प्लॉट बेच रहे हैं। तीन से चार जगह तो राइस मिलों में ही रिहायशी से लेकर कॉमर्शियल प्लाट बेचे जा रहे हैं। प्रशासन की अनदेखी के चलते यह सब खेल हो रहा है।

सरकार को तो कॉलोनी विकसित करने के नाम पर मिलने वाले राजस्व का तो नुकसान हो ही रहा है, साथ ही अवैध एरिया में प्लाट खरीदने वाले लोगों पर भी हर वक्त कार्रवाई का भय बना रहेगा। डीटीपी विभाग शहर में बिना अनुमति कट रही रिहायशी व कॉमर्शियल साइट्स से खुद को अनजान बता रहा है।

इतना ही नहीं डीलर्स प्लाट की रजिस्ट्री तक करवाने का आश्वासन देकर प्लाट बेच रहे हैं। वहीं डीटीपी की मानें, बिना अनुमति काटी जा रही किसी भी कॉलोनी में रजिस्ट्री नहीं होगी। इसके अलावा इनमें निर्माण करने पर कार्रवाई भी विभाग करेगा। उन्होंने कहा जहां भी बिना अनुमति निर्माण हो रहा है, इसकी जानकारी जुटाकर इन एरिया में प्लाट काटने से रोका जाएगा। साथ ही मालिकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाएंगे।

इन एरिया में चल रहा कॉलोनी काटने का काम

अमीन रोड पर बफर गोदाम के नजदीक तीन एकड़ से अधिक जमीन में राइस मिल को तोड़कर सड़कें आदि बनाकर निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अलावा अमीन रोड ब्रह्मा मंदिर के सामने भी करीब तीन एकड़ में बने राइस मिल की जगह डीलर्स द्वारा प्लाट काटकर कच्ची सड़कें तैयार कर दी हैं।

इसके अलावा कुरुक्षेत्र-पिपली रोड पर रतगल पेट्रोल पंप के सामने भी एक राइस मिल में कॉमर्शियल साइट काटी गई है। न केवल राइस मिल इसके अलावा अमरगढ़ मझाड़ा जो कंट्रोल एरिया के अंतर्गत आता है, वहां भी कॉलोनी काटकर प्लाट बेचे जा रहे हैं।

राइस मिल में प्लॉट काटना गलत, भेजेंगे नोटिस : डीटीपी

डीटीपी सतीश पूनिया ने बताया ब्रह्मा मंदिर के सामने राइस मिल में जो कॉलोनी काटी है, जमीन मालिक को कुछ दिन पहले नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा जहां भी विभाग की अनुमति के बिना कॉलोनियां काटी जा रही हैं वहां विभाग कार्रवाई करेगा।

अवैध कॉलोनियों किसी सूरत में पनपनी नहीं दी जाएगी। उन्होंने कॉलोनाइजर्स से भी अपील की, कि दीन दयाल उपाध्याय योजना के तहत विभाग से अनुमति के साथ कॉलोनी काटें, ताकि प्लाट धारकों को निर्माण गिरने या रजिस्ट्री न होने का भय न रहे। सरकार को भी लाइसेंस कॉलोनी काटने पर मिलने वाले राजस्व मिल सके।

विभाग से तसल्ली कर खरीदें प्लॉट

​​​​​​​डीटीपी ने आमजन से अपील की, कि कोई भी शहरवासी कहीं भी प्लाट लेने का इच्छुक हो, पहले डीटीपी कार्यालय या नगर परिषद से उस साइट की अच्छे से पड़ताल कर ले, कि वह अप्रूवड एरिया है या अनप्रूवड। अनप्रूवड एरिया में प्लाट लेकर अपना पैसा बर्बाद न करें। नियमित कॉलोनियों में ही प्लाट लें। अनियमित कॉलोनियों में रजिस्ट्री पर सरकार पहले ही रोक लगा चुकी है।

दिखावेभर की होती कार्रवाई : दलेल सिंह

सीनियर एडवोकेट दलेल सिंह का कहना है, डीटीपी विभाग व नगर परिषद समय रहते अगर सचेत रहे, तो शहर में कहीं भी अवैध कॉलोनी नहीं पनप सकती। कॉलोनियों में आमजन जब जीवनभर की पूंजी लगाकर प्लाट खरीदता है या मकान का निर्माण करता है, उसके बाद विभाग की नींद टूटती है। जिससे आमजन को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। लिहाजा विभाग कॉलोनी कटते ही शुरूआती चरण में ही उन्हें रोके।

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