जब सीता ने मांगा श्रीराम जैसा वर:रावण और कई राजकुमार शिव धनुष को हिला भी नहीं पाए, श्रीराम ने तोड़ा

कुरुक्षेत्र20 दिन पहले
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श्री रामलीला में सीता स्वयंवर का मंचन करते कलाकार। - Dainik Bhaskar
श्री रामलीला में सीता स्वयंवर का मंचन करते कलाकार।
  • जयश्री शारदा रामलीला में सीता स्वयंवर का मंचन

स्थाण्वीश्वर महादेव मंदिर मार्ग स्थित नेताजी सुभाष पार्क में जयश्री शारदा रामलीला ड्रामाटिक क्लब ने सीता स्वयंवर एवं परशुराम-लक्ष्मण संवाद का मंचन किया। महासचिव नरेश चौधरी ने बताया कि मंच पर खास बात यह रही कि रामलीला के दो दिग्गज कलाकारों उपप्रधान सोहन लाल काकयान ने रावण एवं महाप्रबंधक संजीव शर्मा पांडे ने राजा जनक का रोल प्ले किया।

रामलीला के मंच पर मनोहारी दृश्यों एवं संवाद अदायगी के कायल दर्शकों ने कलाकारों के नाम से नकद ईनाम राशि रामलीला पदाधिकारियों को सौंपी। समाजसेवी राजेश सिंगला व प्रमोद बंसल ने बतौर मुख्यातिथि मां शारदा की आरती में भाग लिया। मंच पर मिथिलापुरी का बगीचा दिखाया जाता है, जिसमें सीता मां गौरी के दर्शनों के लिए पुष्प लेने आती हैं। वहीं श्रीराम और लक्ष्मण भी इस बगीचे की अनुपम छटा देखने आते हैं। संयोगवश श्रीराम और सीता एक दूसरे को निहारते हैं। सीता मां गौरी से प्रार्थना करती हैं कि उन्हें श्रीराम जैसा वर मिले। उधर, राजा जनक का दरबार दिखाया जाता है, जिसमें वे सीता स्वयंवर रचाते हैं।

दशानन रावण सहित सुदूर देशों के कईं राजा शिव धनुष को उठाने का प्रयत्न करते हैं, लेकिन हिला भी नहीं पाते। अंत रघुकुल नंदन श्रीराम शिव धनुष को उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाते हैं। इसके पश्चात भगवान परशुराम का आगमन होता है, जिनके क्रोध से राजकुमार भयभीत हो जाते हैं।

परशुराम जी के लक्ष्मण से संवाद होते हैं। रामलीला दृश्यों के बीच-बीच में कॉमेडियन दगडू और चटरू मटरू ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुति से दर्शकों को लोटपोट किया। मौके पर सुधीर चुघ, सह सचिव अजय ठाकुर, निदेशक दर्शन लाल सैनी, भूषण कुमार गुप्ता, करनैल सिंह, बालकृष्ण रोहिला, महिपाल धीमान, प्रेस सचिव पदम धीमान, सोमनाथ सैनी, गौरव सैनी, विनोद सहगल मौजूद रहे।

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