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शहर का प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे:प्रॉपर्टी धारकों के सहयोग न करने से 12 हजार प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड नहीं जुटा पाई सर्वे कंपनी

कुरुक्षेत्र10 दिन पहलेलेखक: सुखबीर सैनी
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नगर परिषद कार्यालय। - Dainik Bhaskar
नगर परिषद कार्यालय।
  • नप ने दिए रि-सर्वे के आदेश, आमजन से नप की अपील-करें सहयोग

शहर के प्रॉपर्टी टैक्स ऑनलाइन होने की सुविधा का लाभ लेने के लिए फिलहाल शहरवासियों को इंतजार करना होगा। सर्वे कंपनी यासी कंसल्टेंसी शहर का प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे निपटा चुकी है, लेकिन 70 हजार में से 12 हजार प्रॉपर्टी का सर्वे टीम डाटा नहीं जुटा पाई। इनमें सबसे बड़ा कारण लोगों द्वारा सर्वे टीम को डाटा उपलब्ध करवाने में आनाकानी करना है, इनमें अधिकतर संख्या खाली प्लाट की है। वहीं कुछ प्रॉपर्टी पर ताला यानी मकान बंद हैं। बिना मालिक के इनका रिकॉर्ड भी सर्वे टीम को नहीं मिल पाया।

अब नगर परिषद ने इन 12 हजार प्रॉपर्टी का रि-सर्वे कराने के निर्देश संबंधित सर्वे कंपनी को दिए हैं। साथ ही नप ने शहरवासियों से सर्वे टीम को सहयोग की अपील की है। सर्वे कंपनी द्वारा जो डाटा उपलब्ध करवाया है। इसमें से 70 फीसदी का मिलान नप के पास मौजूद रिकॉर्ड से हो चुका है, लेकिन जो प्रॉपर्टी खाली रही हैं। उसका रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के पीछे कंपनी कर्मचारी लोगों द्वारा सहयोग न करना बता रहे हैं।

लोग सर्वे टीम को डाटा उपलब्ध करवाते हुए हिचक करते हैं। दूसरी मुसीबत खाली प्लॉट को लेकर बनी है। इनके मालिकों का पता लगाना सर्वे टीम के लिए ढेरी खीर साबित हो रहा है। वहीं ऐसी प्रॉपर्टी जिनके मालिक परिवार सहित किसी दूसरे शहर में रहते हैं और उनकी प्रॉपर्टी या मकान पर ताले लगे हैं। उनका डाटा कैसे जुटाया जाए यह भी सर्वे टीम के लिए चुनौती है। लिहाजा लोगों द्वारा सहयोग न करने के कारण शहर का प्रॉपर्टी सर्वे कंपनी को सिरे चढ़ाना मुसीबत बना है। इसके कारण ही डाटा ऑनलाइन होने में देरी हो रही है।

सर्वे में 70 हजार प्रॉपर्टी का मिला डाटा, इसमें से 12 हजार प्रॉपर्टी दिखाई खाली

ऐसे मिलेगा रिकॉर्ड ऑनलाइन होने का फायदा

बता दें फिलहाल नगर परिषद का प्रॉपर्टी टैक्स मेन्युअल है। इस सर्वे के सिरे चढ़ने पर शहर की हर प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज हो जाएगा। हर शहरवासी को एक आईडी मिलेगी। उस आईडी के हिसाब से कोई भी प्रॉपर्टी धारक घर बैठे अपनी प्रॉपर्टी का पूरा ब्यौरा, मसलन उसकी प्रॉपर्टी का साइज क्या है। उसका प्रॉपर्टी टैक्स कितना बना है, पिछला टैक्स कितना भरा इन सबकी जानकारी मिलेगी। साथ ही घर बैठे ही हाउस टैक्स भर सकेंगे।

नप ने सर्वे कंपनी को दोबारा प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड जुटाने को लिखा

बता दें 2011-12 में हुए शहर के प्रॉपर्टी सर्वे में 68 हजार प्रॉपर्टी नप के पास दर्ज थी। अभी तक इनका रिकॉर्ड मेन्युअल ही रजिस्टर में नप के पास था। इस रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की भी संभावना रहती थी। पिछले साल याशी कंसल्टेंसी द्वारा ड्रोन सर्वे व मौका निरीक्षण के बाद शहर की हर प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड तैयार किया है। सर्वे कंपनी ने शहर में 70 हजार प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड जुटाया है। इस रिकॉर्ड में 12 हजार के करीब प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड न मिलने के कारण खाली दिखाया है। सर्वे कंपनी को नप ने दोबारा खाली रही प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड जुटाने को लिखा है। ताकि पूरा सही डाटा नप के पास पहुंच सके।

रिकॉर्ड न दर्ज होने पर प्रॉपर्टी मालिक को भुगतना होगा खामियाजा: नप ईओ

नगर परिषद ईओ रविंद्र कुहाड़ का कहना है, कंपनी के कर्मचारी एक बार और उन प्रॉपर्टी के रि-सर्वे को निकलेंगे। जिनका रिकॉर्ड अभी कंपनी नहीं जुटा पाई है। ईओ ने कहा यह डाटा लोगों की सुविधा के लिए जुटाया जा रहा है। इसमें जो लोग अब सहयोग नहीं करेंगे और नप के रिकॉर्ड में उनकी प्रॉपर्टी बिना मालिक दर्ज हो जाएगी। जिसका खामियाजा प्रॉपर्टी मालिक को ही भुगतना पड़ेगा। कारण उन्हें इन प्रॉपर्टी की खरीद-फिरोख्त करने में दिक्कत आएगी।

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