किसानों का गुस्सा / मेरा पानी मेरी विरासत योजना का जायजा लेने पहुंचे अफसरों को करना पड़ा किसानों के रोष का सामना

शाहाबाद | मेरा पानी मेरी विरासत योजना पर मंथन करते नोडल अधिकारी ए.श्रीनिवास, डीसी व अन्य अधिकारी। शाहाबाद | मेरा पानी मेरी विरासत योजना पर मंथन करते नोडल अधिकारी ए.श्रीनिवास, डीसी व अन्य अधिकारी।
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शाहाबाद | मेरा पानी मेरी विरासत योजना पर मंथन करते नोडल अधिकारी ए.श्रीनिवास, डीसी व अन्य अधिकारी।शाहाबाद | मेरा पानी मेरी विरासत योजना पर मंथन करते नोडल अधिकारी ए.श्रीनिवास, डीसी व अन्य अधिकारी।

  • धान पर पाबंदी के विरोध में पनपा गुस्सा, किसान कह चुके-नहीं मानेंगे फरमान

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

कुरुक्षेत्र. मेरा पानी मेरी विरासत योजना को लागू करने के लिए रणनीति बनाने आए शाहाबाद के नोडल अधिकारी एवं डायरी विकास निगम के एमडी ए. श्रीनिवास के समक्ष किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया और अपनी मांगे अधिकारियों के समक्ष रखी। स्थानीय विश्राम गृह में योजना के नोडल अधिकारी ए. श्रीनिवास, डीसी धीरेंद्र खड़गटा, शुगर मिल के एमडी सुशील कुमार एवं कृषि विभाग के प्रदीप नीर और अन्य अधिकारी योजना के क्रियान्वयन के लिए बैठक कर रहे थे। इसी बीच भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी और प्रवक्ता राकेश बैंस के नेतृत्व में भारी संख्या में किसान विश्राम गृह पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। 

बाढ़ एरिया-यहां कैसे लगाएं दूसरी फसलें

: किसानों ने कहा कि क्षेत्र में कुछ क्षेत्र तो बाढ़ ग्रस्त है कुछ में चिकनी मिट्टी है कुछ भूमि का स्तर नीचा है जिससे पानी आगे नहीं निकल पाता और कुछ जमीन कल्लर है इन जमीनों पर पानी की मार बहुत ज्यादा होती है। इसलिए मक्का या अन्य फसलें नहीं हो सकती और तब उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा धान ना लगाए जाने पर दी जा रही 7 हजार की राशि भी बहुत कम है। भाकियू के प्रवक्ता राकेश बैंस ने कहा कि सरकार ने पिछले वर्ष भी धान की जगह मक्का की खेती करने पर 2 हजार प्रति एकड़ नकद, 766 प्रति एकड़ बीमा प्रीमियम और हाईब्रिड बीज देने का वायदा किया था लेकिन किसान को ना तो मुआवजा मिला ना बीमा हुआ और हाईब्रिड सीड फेल हो गया। जिससे पूरी स्कीम केवल कागजों का पुलिंदा बनकर रह गई। उन्होंने बताया कि 2 वर्ष पूर्व की आलू की खेती का मुआवजा भी आज तक किसानों को नहीं मिला ऐसे में किसान सरकार और अधिकारियों की बात पर कैसे विश्वास कर सकते हैं। 

सीएम के समक्ष रखेंगे बात : पूरी बात सुनने के बाद नोडल अधिकारी ए. श्रीनिवास ने किसानों को भरोसा दिलाया कि वह पूरी बात जाकर सरकार के समक्ष रखेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

इसी बीच विधायक रामकरण काला मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की। इसके बाद विधायक ने किसानों की बैठक उन अधिकारियों से करवाई। बैठक में गुरनाम सिंह चढूनी ने बताया कि शाहाबाद क्षेत्र में 4 प्रकार की जमीन है जिनमें धान के अलावा किसी भी चीज की खेती नहीं हो सकती ऐसे में किसानों से बिना सलाह लिए इस तरह की योजना को थोपना सरासर नाजायज है। 

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