भावनाएं आहत होने से तनाव:गीता महोत्सव में लगे अहमदिया समाज के स्टॉल उखाड़ विहिप ने पढ़ी हनुमान चालीसा

कुरुक्षेत्र2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
अहमदिया समाज के स्टॉल को उखाड़ते विपिह के कार्यकर्ता। - Dainik Bhaskar
अहमदिया समाज के स्टॉल को उखाड़ते विपिह के कार्यकर्ता।

अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव मंगलवार को हंगामा खड़ा हो गया। अहमदिया समाज के द्वारा लगाए स्टॉल पर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने धावा बोल दिया। आरोप लगाया कि गीता जयंती में उक्त स्टॉल पर एक धर्म का प्रचार किया जा रहा है। विहिप सदस्यों ने स्टॉल उखाड़ दिया। सूचना मिलते ही केयूके से एसएचओ राजपाल के नेतृत्व में पुलिस मौके पर पहुंची। हंगामा होते देखते स्टाल संचालक बचने को इधर-उधर खिसक गए।

शाम तक महोत्सव में तनावपूर्ण हालात बने रहे। बाद में पुलिस स्टॉल से साहित्य को पुलिस थाने ले गई। उधर देर शाम विहिप ने लिखित में भी थाने में शिकायत की। समाचार लिखे जाने तक कोई केस पुलिस ने दर्ज नहीं किया था। पुलिस ने इस संबंध में जानकारी लेने के लिए केडीबी अधिकारियों को भी बुलाया है। स्टॉल आवंटित करने का जिम्मा केडीबी जिला प्रशासन की कमेटी पर बता रही है।

531 में लगा था स्टॉल

अहमदिया कम्युनिटी की तरफ से गीता महोत्सव में दक्षिण दिशा में स्टॉल लगाया है। बताया जाता है कि इसके लिए बाकायदा परमिशन भी ली है। यहां 531 नंबर स्टॉल अलॉट हुआ है। इस स्टॉल पर उक्त कम्युनिटी की तरफ से कथित तौर पर भाईचारे, आपसी सौहार्द आदि साहित्य का प्रचार किया जा रहा है। मंगलवार देर शाम उस समय स्थिति विवादित हो गई जब विहिप के काफी सदस्य एकत्रित होकर 531 में स्टॉल पर पहुंचे।

आरोप लगाया कि उक्त स्टॉल पर एक विशेष धर्म का प्रचार किया जा रहा है। धर्मप्रचार विभाग के प्रांत अध्यक्ष सुरेश भैया, जिला महामंत्री प्रेमनारायण अवस्थी, सह जिला मंत्री ऋषिपाल, सहजिला मंत्री अजय गुप्ता, जिला संयोजक धर्मबीर बूरा आदि की अगुवाई में काफी कार्यकर्ता स्टॉल पर पहुंचे। आरोप लगाया कि यह सब जानबूझ कर प्रचारित किया जा रहा है। इससे धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। कहा कि गीता जयंती में उक्त समाज विशेष के स्टॉल का कोई औचित्य नहीं बनता।

पुलिस अपने साथ ले गई साहित्य
विहिप सदस्यों ने स्टॉल को उखाड़ दिया। इसके बाद वहीं ब्रह्मसरोवर तट पर बैठकर सबने हनुमान चालीसा पढ़ी। इसी बीच पुलिस भी पहुंच गई। विहिप सदस्यों को देख स्टाल संचालक इधर-उधर खिसक गए। तनाव बढ़ता देख पुलिस साहित्य को कब्जे में लेकर थाने ले गई।

केडीबी को नहीं शिकायत : छाबड़ा
केडीबी मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा का कहना है कि उक्त स्टॉल पर समुदाय विशेष द्वारा गलत साहित्य के प्रचार को लेकर विहिप की तरफ से केडीबी को कोई शिकायत नहीं मिली। यदि ऐसा है तो यह सरासर गलत है। धार्मिक भावनाएं आहत करने वाले कार्य सहन नहीं हो सकते। उक्त स्टॉल कमेटी द्वारा अलॉट किया है। इस बार केडीबी ने स्टॉल नहीं अलॉट किए।

सोशल आर्गेनाइजेशन को अलॉट : एडीसी
वहीं स्टॉल आवंटित करने वाली कमेटी के अध्यक्ष व एडीसी अखिल पिलानी का कहना है कि एक सोशल आर्गेनाइजेशन को स्टॉल आवंटित किया है। इसके लिए बाकायदा उनकी तरफ से एप्लीकेशन मिली थी। पहले भी उक्त आर्गेनाइजेशन को स्टॉल आवंटित किए गए। धार्मिक भावनाएं आहत करने संबंधित कोई शिकायत नहीं मिली थी। इस संबंध में वे जानकारी लेंगे।

थाने पहुंचा मामला, अभी केस दर्ज नहीं
एक तरफ जहां विहिप ने उक्त स्टॉल उखाड़ दिया। पुलिस साहित्य को अपने साथ थाने ले गई। वहीं विहिप की तरफ से सुरेश भैया व प्रेमनारायण अवस्थी ने धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए शिकायत भी की। अभी तक कोई केस दर्ज नहीं किया। उधर एएसपी कर्ण गोयल का कहना है कि उक्त आर्गेनाइजेशन ने स्टॉल हटा लिया है। अब स्थिति सामान्य है।

खबरें और भी हैं...