पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

डॉक्टर्स डे आज :आप स्वस्थ रहें इसलिए अपनों की खुशियों से दूर रहे डॉक्टर कोरोना काल में ड्यूटी के दौरान नहीं मना पाए पत्नी का जन्मदिन

कुरुक्षेत्र15 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • अस्पताल प्रशासन ने मनाया ड्यूटी दे रहे डॉक्टर व फार्मासिस्ट का जन्मदिन
Advertisement
Advertisement

वर्तमान में डॉक्टरी ही एक ऐसा पेशा है, जिस पर लोग विश्वास करते हैं। डॉक्टर को लोग भगवान के बाद का दर्जा देते हैं। कोरोना काल में इसे हर कोई जान भी गया है। कोरोना काल में जहां मंदिर मस्जिदों के दरवाजे लोगों के लिए बंद है, वहीं चिकित्सक दिन रात ड्यूटी कर लोगों की सेवा में जुटे हैं। इससे चिकित्सकों के प्रति लोगों का और विश्वास बढ़ा है। कोरोना काल में चिकित्सकों को सबसे बड़ी चुनौती झेलनी पड़ रही है।

एक तरफ जहां चिकित्सकों को ड्यूटी टाइम से ज्यादा समय ड्यूटी करनी पड़ रही है। वहीं पारिवारिक कार्यक्रमों में भी सरीख नहीं हो पा रहे। लॉकडाउन के दौरान एक चिकित्सक परिवार से दूर रह रहे थे। आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी होने के कारण घर नहीं जा पाए जिससे पत्नी का जन्मदिन नहीं मना पाए। वहीं हाल ही में ड्यूटी को चेंज करके परिवार के सदस्यों के साथ जन्मदिन मनाने पहुंचे। वहीं डॉ. दीपाली गोयल व फार्मासिस्ट स्नेहा का अस्पताल प्रशासन ने जन्मदिन मनाया।

कोरोना काल में करनी पड़ रही 12 से 13 घंटे ड्यूटी : कोरोना काल में कुछ चिकित्सक 12 से 13 घंटे की ड्यूटी दे रहे हैं तो कुछ चिकित्सक शिफ्टों में ड्यूटी कर कोरोना संबंधी मरीजों का इलाज करने में जुटे हैं। आइसोलेशन वार्ड में चार से पांच चिकित्सक शिफ्टों में ड्यूटी कर रहे हैं। इससे पहले चिकित्सक आठ से दो ओपीडी में ड्यूटी कर रहे थे।

पहले पीलिया महामारी, उसके बाद कोरोना जारी : डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुदेश सहोता ने कहा कि फरवरी माह से ही उनका बिजी शेड्यूल चला है। डॉ. सहोता ने कहा कि फरवरी माह में शहर में पीलिया फैल गया था। मार्च माह में जाकर स्थिति कंट्रोल में आई। उसके बाद करीब 10 मार्च से कोरोना ने दस्तक दे दी। उन्होंने कहा कि वह सुबह 9 बजे ड्यूटी पर आते हैं। पूरा दिन फिल्ड में रहते हैं। रात को 9 से दस बजे के आस-पास ही घर जाते हैं। उन्हें 12 से 13 घंटे की ड्यूटी करनी पड़ रही है।

ड्यूटी करने के बाद घर जाते समय बच्चों में सताता है संक्रमण का खतरा : आईसोलेशन वार्ड इंचार्ज डॉ. गौरव चावला व अन्य चिकित्सकों ने कहा कि कोरोना काल में उनपर पहले से ज्यादा जिम्मेदारी बढ़ी है। चिकित्सकों ने कहा कि मरीजों के स्वास्थ्य के साथ-साथ खुद व बच्चों के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना पड़ रहा है। चिकित्सकों ने कहा कि ड्यूटी खत्म होने के बाद जब वह घर जाते हैं तो बच्चों व परिवार के अन्य सदस्यों में संक्रमण का खतरा सताता है।

इसलिए बनाया जाता है डॉक्टर्स-डे
डॉक्टर को भगवान के बाद का दर्जा समाज में दिया जाता है। देश के प्रसिद्ध चिकित्सक व पश्चिम बंगाल के सीएम रहे डॉ. विधान चन्द्र रॉय को श्रद्धांजलि और सम्मान देने के लिए एक जुलाई को चिकित्सक दिवस मनाया जाता है। चिकित्सा जगत में उनकी साख ऐसी थी कि सीएम रहते हुए भी वे मरीज देखा करते थे। बेहतर सेवाओं के लिए केंद्र सरकार ने उन्हें 4 फरवरी 1961 को डॉ. विधान चन्द्र रॉय भारत रत्न से नवाजे गए। एक जुलाई 1962 को उनकी मौत हुई थी। उनके सम्मान में ही देश में डॉक्टर्स-डे मनाया जाने लगा।

Advertisement
0

आज का राशिफल

मेष
मेष|Aries

पॉजिटिव - आज का दिन पारिवारिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से शुभ फलदायी है। व्यक्तिगत कार्यों में सफलता मिलने से मानसिक शांति का अनुभव करेंगे। कठिन से कठिन कार्य को आप अपने दृढ़ निश्चय से पूरा करने की क्षमत...

और पढ़ें

Advertisement