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छात्रवृत्ति की राशि विद्यार्थियों के खातों में डाली जा रही:जीरो फीस सिस्टम बना एडिड व सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों के गले की फांस

कुरुक्षेत्रएक महीने पहले
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  • एडिड व सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में सरकार के हैं एससी विद्यार्थियों को जीरो फीस पर दाखिले देने के आदेश

प्रदेश सरकार की ओर से एससी विद्यार्थियों को एडिड व सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में जीरो फीस पर दाखिले देने के आदेश कॉलेजों के लिए गले की फांस बने हुए हैं। इन विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति की राशि भी सरकार की ओर से संबंधित विद्यार्थियों के बैंक खातों में डाली जा रही है।

इसके चलते छात्रवृत्ति के पैसे आने पर कॉलेजों को विद्यार्थियों से अपनी फीस के पैसे लेने पड़ते हैं। ऐसे में प्रदेशभर के एडिड व सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं कि जब सरकार जीरो फीस पर दाखिले करवा रही है तो इन विद्यार्थियों के पैसे कॉलेज के अकाउंट में आने चाहिएं। ताकि कॉलेजों को अपनी फीस पाने के लिए विद्यार्थियों के पीछे चक्कर न काटने पड़ें।

इस मांग को लेकर एडिड कॉलेज की प्राचार्य एसोसिएशन के सदस्य शिक्षामंत्री से भी मिले थे। बता दें कि सरकार की ओर से जहां एडिड व सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में एससी विद्यार्थियों को जीरो फीस पर दाखिला देने के आदेश हैं, वहीं राजकीय कॉलेजों में एससी विद्यार्थियों से पूरी फीस लेने के आदेश हैं।
यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रेशन फीस भी भरनी पड़ती है खुद

एडिड कॉलेज प्राचार्य एसोसिएशन के प्रधान डॉ. राजपाल ने बताया कि एससी विद्यार्थियों को जीरो फीस पर दाखिला देने के आदेश सरकार ने दिए हैं, लेकिन प्रथम वर्ष में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की यूनिवर्सिटी में जमा होने वाली दो से ढाई हजार रुपए की रजिस्ट्रेशन फीस कॉलेजों को अपनी ओर से यूनिवर्सिटी में जमा करवानी पड़ती है।

डॉ. राजपाल ने कहा कि ऐसे में कॉलेजों को निशुल्क दाखिले के साथ-साथ विद्यार्थियों की रजिस्ट्रेशन फीस का आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ता है।

पढ़ाई छोड़ने और पास आउट विद्यार्थियों से पैसे लेना चुनौती

भगवान परशुराम कॉलेज के प्राचार्य डॉ. योगेश्वर जोशी ने कहा कि छात्रवृत्ति मिलने के बाद पढ़ाई को बीच में छोड़ने वाले विद्यार्थियों और पास आउट विद्यार्थियों से फीस के पैसे लेना चुनौती होता है। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी पढ़ाई को बीच में छोड़ देता है उसकी रजिस्ट्रेशन फीस तक कॉलेजों को नहीं मिल पाती। ऐसे में प्रदेश सरकार को कॉलेजों को ही छात्रवृत्ति की राशि देनी चाहिए। ताकि कॉलेजों को विद्यार्थियों के चक्कर न काटने पड़ें।

कॉलेजों को दें छात्रवृत्ति की राशि

एडिड व सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों के प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रदेश सरकार को छात्रवृत्ति की राशि सीधे कॉलेजों को देनी चाहिए। इससे न तो विद्यार्थियों से फीस के पैसे मांगने पड़ेंगे और ना ही कॉलेजों में फीस न आने का डर रहेगा।

शिक्षामंत्री से भी इस सिस्टम में बदलाव करने की मांग की गई है। इससे पहले कॉलेजों में ही छात्रवृत्ति की राशि आती थी। एडिड कॉलेजों में प्रथम वर्ष में हुए विद्यार्थियों के दाखिलों के पैसे भी उच्चतर शिक्षा विभाग के पास ही जमा हैं।

कॉलेजों को दाखिलों के पैसे भी अब तक ट्रांसफर नहीं किए गए। एडिड कॉलेज प्राचार्य एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण पहले ही कॉलेजों में आर्थिक तंगी है। ऐसे में विभाग को जल्द से जल्द कॉलेजों को उनमें दाखिल विद्यार्थियों की फीस ट्रांसफर करनी चाहिए।

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