गोल्ड मेडल लाकर देश का नाम रोशन करना है:जूनियर वर्ल्ड कप में कांस्य पदक लेकर लौटी रमिता जिंदल का किया भव्य स्वागत

लाडवा15 दिन पहले
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गोल्ड मेडल लाकर देश का नाम रोशन करना है - Dainik Bhaskar
गोल्ड मेडल लाकर देश का नाम रोशन करना है
  • रमिता बोलीं-ओल्पिंक में गोल्ड मेडल लाकर देश का नाम रोशन करना है

लाडवा की रहने वाली व करण शूटिंग अकादमी कुरुक्षेत्र की 17 वर्षीय खिलाड़ी रमिता जिंदल ने 27 सितंबर से 10 अक्टूबर तक लीमा, पेरू (दक्षिण अमेरिका) में चल रही जूनियर विश्व चैंपियनशिप राइफल 2020-21 में दस मीटर एयर राइफल में कांस्य पदक प्राप्त किया। अकादमी के कोच जगबीर सिंह ने बताया कि रमिता ने भारत व हरियाणा का गौरव बढ़ाया।

वह एक छोटे से शहर लाडवा, कुरुक्षेत्र से ताल्लुक रखती है। उन्होंने बताया कि करण शूटिंग अकादमी, कुरुक्षेत्र ने देश को कई अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज दिए हैं। जो अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं और वर्तमान में भारतीय टीम के दस्ते में 5 खिलाड़ी खेल रहे हैं। वहीं विजेता खिलाड़ी रमिता का बुधवार सुबह लाडवा पहुंचने पर स्वागत किया गया। रमिता ने बताया कि वह ओलंपिक के लिए तैयारी करेगी।

अपने देश के लिए गोल्ड मेडल लाकर न केवल अपना व अपने माता-पिता सहित पूरे देश का गौरव बढ़ाना है। रमिता के पिता अरविंद ने कहा कि उनकी बेटी रमिता द्वारा कांस्य पदक जीता है उससे न केवल उनकी बल्कि पूरे शहरवासियों की खुशी है। मौके पर अरविंद जिन्दल, अभिनव गोयल, डा. अमृत गर्ग, अरविंद सिंघल, अजय सिंघल, शैलेश गर्ग, सुमित गर्ग, कुंवर सिंघल, विकास बंसल, सुरेन्द्र मालिक, अमित देसवाल, अनिल मोर, इंद्रपाल सिंह, राजेश मलिक, रणधीर सिंह आदि मौजूद थे।

रमिता का भाई प्रणव भी है नेशनल शूटर : अग्रसेन पब्लिक स्कूल कुरूक्षेत्र में 9वीं कक्षा में पढ़ रहे रमिता जिंदल के भाई प्रणव जिंदल भी नेशनल शूटर हैं। पिछले महीने अगस्त 2021 में प्रणव जिंदल ने दस माउंट एआईआर राइफल शूटिंग इवेंट में खेलो हरियाणा 2021 में गोल्ड मेडल हासिल किया था। रमिता ने इस साल अग्रसेन पब्लिक स्कूल कुरुक्षेत्र से 96.6 प्रतिशत कॉमर्स के साथ 12वीं कक्षा में प्रवेश किया।

एक छात्रा व निशानेबाज के रूप में दोनों क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। रमिता ने 2017 से निशानेबाजी की अपनी यात्रा शुरू की। उन्होंने फरवरी 2020 में गुवाहाटी में तीसरे खेलो इंडिया युवा खेलों में कांस्य भी जीता था। 13 सितंबर को घर वालों को पता चला कि रमिता पेरू में आईएसएसएफ जूनियर विश्व चैंपियनशिप के लिए अपने खर्चे पर भाग ले सकती है। तब घर वालों ने उन्हें अपनी सहमति भेजी। वहां अपना सर्वश्रेष्ठ स्कोर 629.8 किया और फाइनल में तीसरा स्थान मिला।

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