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मुलाना:बाल भवन की जर्जर इमारत बनी नशेड़ियों का अड्डा, नया भवन बनाने की मांग

मुलाना8 महीने पहले
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1993 में मुलाना में बना बाल भवन अब जर्जर हालत में पहुंच चुका है। आलम यह है कि बाल भवन की यह जर्जर इमारत अब नशेड़ियों की शरण स्थली बनी हुई है। वहीं, इस इमारत के आस पास फैली गंदगी बीमारियों को न्योता दे रही है। बता दें कि इस भवन के लिए मुलाना कस्बे की ग्राम पंचायत ने जमीन उपलब्ध कराई थी व 1993 में तत्कालीन राज्यपाल महाबीर प्रसाद ने इस भवन का उद्घाटन किया था।

इस भवन में तीन कमरे, एक हॉल व एक स्टोर बनाया गया था। इस भवन में जहां छोटे बच्चों के लिए प्ले-वे कक्षाएं शुरू की गई थी, वहीं युवाओं के लिए कुछ तकनीकी कोर्स शुरू किए गए थे। जिनमें वेल्डर, रेडियो एंड टीवी रिपेयर, कंप्यूटर, अकाउंटेंसी जैसे कोर्स थे।

इन कोर्साें को चलाने का सरकार का उद्देश्य था कि युवा आत्मनिर्भर हो सकें, लेकिन कुछ समय पश्चात सरकार की नीतियों व प्रशासन की अनदेखी के चलते ये कोर्स कुछ वर्षों में ही बंद कर दिए गए। उसके बाद प्रशासन ने कभी इस भवन की तरफ ध्यान नहीं दिया।प्रशासन की अनदेखी के चलते यह भवन जर्जर अवस्था में पहुंच गया और सरकार का इस भवन पर लगा लाखों रुपए का बजट मिट्टी में मिलता नजर आ रहा है। लोगों ने यहां घर का कूड़ा डालना शुरू कर दिया है।

भवन कंडम घोषित कर गिराने की मांग

नशेड़ी युवक यहां छिपकर नशा करते हैं और पुलिस प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। कस्बे की पंचायत का कहना है कि इस विषय को लेकर बाल कल्याण विभाग सहित डीसी को भवन कंडम घोषित कर गिराने के बारे में लिखा है। इस भवन को लेकर ग्राम पंचायत डीसी से मिली भी है। उन्होंने इस भवन को कंडम घोषित कर गिराने का आश्वासन दिया है। ग्राम पंचायत चाहती है कि इस जर्जर भवन को गिरा एक नए भवन का निर्माण किया जा सके, ताकि यह जमीन काम मे लाई जा सके।

भवन पूरी तरह से कंडम हो चुका है। पंचायत द्वारा बाल कल्याण विभाग एवं डीसी से भवन को कंडम घोषित करने की मांग की गई है। पंचायत चाहती है कि इस भवन को गिराकर यहां नए भवन का निर्माण करवाया जाए।
नरेश चौहान, सरपंच, मुलाना।

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