धनोरा की गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्ची:एक महीने की बच्ची की कमर से उतर रहा मांस, पुलिस व संस्थाएं मदद काे आगे आईं

मुलाना7 दिन पहले
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धनोरा निवासी गोविंद काे 51 हजार रुपए देते मुलाना थाना प्रभारी। - Dainik Bhaskar
धनोरा निवासी गोविंद काे 51 हजार रुपए देते मुलाना थाना प्रभारी।

एमएम अस्पताल में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही करीब 1 महीने की बच्ची की मदद के लिए कई सामाजिक संस्थाएं काम कर रही हैं। शनिवार को पुलिस ने धनोरा की गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्ची के परिजनों की आर्थिक सहायता की। मुलाना थाने के सभी कर्मचारियों ने अपने मासिक वेतन में से 51 हजार रुपए एकत्रित किए। यह राशि थाना प्रभारी सुभाष सिंह ने धनोरा गांव के पूर्व सरपंच सुखबीर सिंह की मौजूदगी में बच्ची के पिता गोविंद को सौंपी।

अब तक वह बेटी का नामकरण भी नहीं कर पाए: बच्ची के पिता गोविंद का कहना है कि जन्म के 15 दिन बाद ही बेटी की हालत खराब हो गई थी। जिस के बाद वह एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल बेटी को लेकर दौड़ते रहे। इस दौरान वह बच्ची के नामकरण का भी नहीं सोच पाए। गोविंद का कहना है कि वह मजदूरी करते हैं। उनके पास इतना पैसा नहीं था कि वह इतना महंगा इलाज करा सके। अब उस की बेटी के इलाज के लिए अनेक लोग उस की मदद कर रहे हैं।

पिता बोले- शादी के 3 साल बाद पैदा हुई थी बेटी, जन्म के 15 दिन बाद बिगड़ी हालत बच्ची के पिता गोविंद ने कहा कि उस की शादी को तीन साल हो चुके थे लेकिन उन्हें बच्चा नहीं हुआ। अब पत्नी ने सिजेरियन डिलीवरी से बेटी को जन्म दिया। जन्म के समय बेटी बिल्कुल स्वस्थ थी। जगाधरी के सिविल अस्पताल में कुछ दिन रहने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई। उस के बाद उस की पत्नी भौती अपने मायके चली गई। वहां एक दिन बच्ची को तेज बुखार आया। जिस के बाद उसे इलाज के लिए अम्बाला के निजी अस्पताल में लेकर गए। लेकिन सुधार नहीं हुआ।

उसकी लगातार बिगड़ती हालत को देखते हुए उसे मुलाना स्थित एमएम अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। एमएम अस्पताल में डॉक्टरों ने बताया कि उस की कमर में इंफेक्शन हो चुका है, जिसकी सर्जरी कर इंफेक्शन रिमूव करना होगा। बच्ची के पिता ने बताया कि अब बच्ची की हालत सुधर रही है। बच्ची के शरीर पर नई स्किन भी आने लगी है। डॉक्टरों का कहना है कि वह कुछ दिनों बाद बच्ची स्वस्थ हो जाएगी।

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