खनन पर खुन्नस:डेरा मौजा की जमीन पर अवैध खनन को लेकर 2 गुटों में टकराव; डंडे, तलवारें और गाेली चली

नारायणगढ़6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
नारायणगढ़ | टोका में चलाया जा रहा स्क्रीनिंग प्लांट। - Dainik Bhaskar
नारायणगढ़ | टोका में चलाया जा रहा स्क्रीनिंग प्लांट।
  • दोनों गुटों के खिलाफ मारपीट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज

डेरा मौजा में एक ही जमीन से अवैध खनन कर रहे 2 धंधेबाजाें में टकराव हो गया। दोनाें गुटाें में जमकर मारपीट हुई। लाठी, डंडे, तलवारें और गोलियां चली। काला अम्ब पुलिस ने दोनों गुटों के खिलाफ मारपीट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया। काला अम्ब चौकी इंचार्ज ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

अवैध खनन पर लगाम लगाने का दावा करने वाले खनन विभाग के अधिकारियों की नाक के नीचे खनन सामग्री चोरी की जा रही है। इसका ताजा उदाहरण बुधवार को 2 गुटों के बीच हुए खूनी संघर्ष में देखने को मिला। एक एकड़ जमीन को दोनों गुट अपनी-अपनी बता रहे हैं। इसी को लेकर दोनों में झगड़ा हुआ। दोनों गुटों की शिकायत पर पुलिस ने अलग-अलग केस दर्ज किए हैं।

डेरा मौजा में स्थित सिटी स्क्रीनिंग प्लांट ये मालिक गांव सेन माजरा के रविंद्र सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि डेरा मौजा में उसका स्क्रीनिंग प्लांट है। उसने एक एकड़ जमीन ठेके पर भी ले रखी है। इस जमीन से रोहित व शुभम सैनी जबरन अवैध खनन कर रहे थे। जब इन्हें रोकने का प्रयास किया तो इन्होंने रविंद्र को धमकाया। बुधवार शाम गांव सेन माजरा का शुभम सैनी, पंजोडी का गौतम, नारायणगढ़ का गौरव डांग और वासलपुर का कमालुद्दीन 10-12 अन्य सहित 2 गाड़ियाें में सवार होकर सिटी स्क्रीनिंग प्लांट पर पहुंच गए। आरोप है कि सभी ने डंडों से उस पर हमला कर दिया। जब वह जान बचाकर भागा तो सेन माजरा के रोहित सैनी ने गोली चला दी। रविंद्र का कहना है कि वह नीचे झुक गया और गोली उसके सिर के पास से निकल गई। आरोपी जाते समय उसे जान से मारने की धमकी देकर गए हैं।

पुलिस ने शुभम, गौतम, गौरव डांग व कमालुद्दीन के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।जमीन मेरी, खनन सामग्री चोरी रविंद्र ने की : शुभम : दूसरी तरफ गांव सेन माजरा के शुभम सैनी ने पुलिस को बताया कि उसका भी डेरा मौजा में स्क्रीनिंग प्लांट है। आरोप है कि मंगलवार रात को रविंद्र ने उसकी जमीन से अवैध खनन किया।

बुधवार को जब वह जमीन देखने गया तो सेन माजरा के रविंद्र, जगदीप और मलकियत सिंह ने उसका रास्ता रोक लिया और गाली गलौज की। आरोप है कि रविंद्र ने ललकारा मारकर जान से मारने की बात कही और तलवार से सिर पर वार कर दिया। तलवार से सिर बचाया तो तलवार कमर पर लगी। जगदीप ने डंडे से वार किया और मलकियत ने फायर कर दिया।

गोली कान के पास से निकल गई। मलकियत ने गले से सोने की चेन छीन ली। आरोपियों ने पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने रविंद्र, जगदीप और मलकियत के खिलाफ हत्या के प्रयास, छीनाझपटी, मारपीट और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

खनन माफिया के बीच पहले भी हो चुकी झड़प
क्षेत्र में पिछले 20 साल से खनन का वैध-अवैध कारोबार चल रहा है। जबकि पिछले एक साल में खनन माफिया की आपसी झड़प का यह दूसरा बड़ा मामला है। करीब 6 महीने पहले भी कोहड़ा बस अड्डे पर 2 गुटों में संघर्ष हुआ था। वहां भी गोलियां चलाने के आरोप लगे थे। इसके अलावा खनन माफिया खनन रक्षक रवित बालयान पर जानलेवा हमला कर चुके हैं। इस मामले में पुलिस 3 महीने में भी सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

शुभम और रविंद्र की शिकायतों पर अलग-अलग केस दर्ज किए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
पवन कांबोज, काला अम्ब चौकी इंचार्ज।

खबरें और भी हैं...