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धोखाधड़ी का मामला:कैंसर की दवा देने के नाम पर ठग लिए 30.30 लाख रुपए; केस दर्ज

अम्बालाएक महीने पहले
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  • मॉडल टाउन निवासी राजीव कुमार बाेले- उनकी फर्म का 50 लाख रुपए का चेक भी आराेपियाें के पास

कैंसर की दवा देने के नाम पर सिटी के एक व्यक्ति से 3 लोगों ने 30.30 लाख रुपए ठग लिए। यही नहीं उसकी फर्म का 50 लाख रुपए का चेक भी अपने पास रख लिया। जब पीड़ित ने आरोपियों से पैसे व चेक वापस मांगा तो उसे धमकी दी गई। बलदेव नगर पुलिस ने सिटी के माॅडल टाउन के राजीव कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज किया है।

राजीव ने कहा कि उनकी घास मंडी में मैसर्ज एचएस टैक्सटाइल्स की परदाें की दुकान है। उनकी एक और फर्म इकोनोर हेल्थ केयर सेंटर भी है। उनकी दुकान पर लंबे समय से सिंघावाला का रणजीत सिंह परदों की खरीदारी करने आता है, जिस कारण उनमें दाेस्ती हो गई। पिछले साल दिसंबर में रणजीत सिंह उनकी दुकान पर आया। उसने कहा कि यमुनानगर का बिजेंद्र कैंसर की दवा देता है, जोकि दुर्लभ किस्म की है। उसकी दवाई से सैकड़ों लोग ठीक हो चुके हैं। दवा काफी महंगी है। उसने कहा कि कोई कैंसर का मरीज हो तो बताना।

उसके दोस्त मोहन लाल सैनी के दो परिचित कैंसर के मरीज हैं। उनका भी एक परिचित कैंसर का मरीज है। कुछ दिन बाद रणजीत बिजेंद्र के साथ उनकी दुकान पर आया। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद का राजेंद्र नागर दवा लाकर देगा। उन्होंने मोहन लाल सैनी व अपने दोस्त संदीप कुमार को दुकान पर बुलाया। रणजीत और बिजेंद्र ने राजेंद्र नागर से फोन पर बात की। फिर कहा कि इस दवाई की कीमत लगभग 70 लाख है।

दोनों ने उनसे कहा कि आप हमारे मित्र हो। इसलिए दवा 55-60 लाख में मिल जाएगी। फिर यह दुर्लभ दवा की कीमत 52 लाख रुपए में तय की गई। इसके बाद मोहन लाल सैनी व संदीप के सामने उन्होंने एक लाख रुपए दोनों को दे दिए। कुछ दिन बाद राजेंद्र नागर उनकी दुकान पर आया तथा कहने लगा कि दवा तैयार हो रही है। कुछ दिन में मिल जाएगी। नागर ने फिर 5 लाख रुपए मांगे, लेकिन उस वक्त उनके पास एक लाख रुपए थे। यह राशि नागर को दे दी।

आरोपी ने दवा लेने के लिए कालाअम्ब बुलाया
जनवरी में रणजीत व बिजेंद्र ने उनसे कहा कि दवा लेने काला अम्ब जाना है। वह शहजादपुर पहुंचे जहां नागर उनका इंतजार कर रहा था। वह वहां से नागर की कार से काला अम्ब पहुंचे। नागर ने उन्हें वहां दो लोगों से मिलवाया। उनमें एक व्यक्ति सरदार और एक व्यक्ति को नागर टिंकू नाम से बुला रहा था। उन्हें वहां कहा गया कि दवा तैयार है।

कल 50 लाख रुपए लेकर आ जाना। राजीव ने कहा कि वह 8 जनवरी को काला अम्ब के लिए निकला तो शहजादपुर में नागर और टींकू जैन नाम का व्यक्ति मिला। वहां से वह तीनों नागर की कार से काला अम्ब पहुंचे। काला अम्ब पहुंचकर उन्होंने आरोपियों के कहे अनुसार उन्हें इकोनोर हेल्थ केयर के अकाउंट का 50 लाख का चेक हस्ताक्षर कर ब्लैंक दे दिया।

मौके पर खाते से निकालकर दिए 28 लाख रुपए
उन्होंने वहां पर दवा के लिए नकदी मांगी। राजीव ने कहा कि उन्होंने 28.30 लाख रुपए अपने खातों से निकलवा कर बिजेंद्र, राजेंद्र नागर तथा टिंकू जैन व एक सरदार व्यक्ति को दिए। लगभग डेढ़ घंटे तक आरोपी इधर घूमते रहे। फिर कहा कि कल दवा आपके पास पहुंचा देंगे। वह उनकी बातों पर विश्वास कर वापस आ गए। जब दवा नहीं आई तो उन्होंने आरोपियों से संपर्क किया। आरोपियों ने कहा कि सरदार व्यक्ति जिसने दवा लेकर आना था, उसे कोरोना हो गया।

बाद में बिजेंद्र ने सरदार व्यक्ति की फोटो मोबाइल पर भेज दी जो उन्हें काला अम्ब में मिला था। कुछ समय बाद उन्हें शक हुआ तो उन्हाेंने दवा या पैसे वापस मांगे। आरोपियों ने कहा कि दवा नहीं है। अगर पुलिस को शिकायत की तो उन्हें जान से मार देंगे। राजीव ने कहा कि आरोपियों ने साजिश के तहत उन्हें कैंसर की दवा बेचने के नाम पर धोखाधड़ी की है। 50 लाख का चेक भी नाजायज तौर पर रखे हुए हैं। पुलिस ने रणजीत सिंह, बिजेंद्र तथा राजेंद्र नागर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।

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