29 अप्रैल को रिकॉर्ड तोड़ कोरोना:6 दिन पहले मां, 1 दिन पहले पिता और अब बेटे की मौत; एक साथ जली पिता-पुत्र की चिताएं

मुलाना6 महीने पहले
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मुलाना के साबांपुर श्मशानघाट में वीरवार को एक ही एंबुलेंस से पिता-पुत्र का शव पहुंचा। - Dainik Bhaskar
मुलाना के साबांपुर श्मशानघाट में वीरवार को एक ही एंबुलेंस से पिता-पुत्र का शव पहुंचा।
  • 487 नए केस, 11 मौत, 3250 एक्टिव केस, अप्रैल में अब तक 6,346 केस आए

गांव साबांपुर में 6 दिन में एक परिवार में 3 मौत हो गईं। 24 अप्रैल को 62 वर्षीय सरोज बाला की कैंट अस्पताल में मौत हुई। उन्हें किडनी की समस्या थी। 39 साल का बेटा संदीप कुमार मां का डायलिसिस कराने करनाल लेकर जाता था। इसी दौरान सरोज बाला संक्रमित हुई और अस्पताल में मौत हो गई। संदीप व उनके 65 वर्षीय पिता सुरेंद्र कुमार भी पॉजिटिव हो गए। दोनों होम आइसोलेशन में रहे।

बुधवार को तबीयत बिगड़ने पर पिता-पुत्र को अम्बाला अस्पताल में लेकर गए। जहां बुधवार को पिता की मौत हो गई और वीरवार के बेटे ने दम तोड़ दिया। वीरवार को गांव में पिता-पिता के शव एक ही एंबुलेंस में पहुंचे और दोनों की चिता आसपास जली। परिवार की गांव में करियाना की दुकान है और दूध व खेती-बाड़ी का भी काम है।

संदीप 11 साल की बेटी व 9 साल के बेटे का पिता था। संदीप का छोटा भाई दिनेश उर्फ जोनी भी कोरोना संक्रमित है। बीमार परिजनों को मिलने आई बहन भी आइसोलेशन में है।

मुलाना के साबांपुर श्मशानघाट में एक साथ जलतीं पिता-पुत्र का चिताएं।
मुलाना के साबांपुर श्मशानघाट में एक साथ जलतीं पिता-पुत्र का चिताएं।

ऑब्जर्वेशन होम में 39 बच्चे संक्रमित, सेक्टरों में 23 केस

अम्बाला, स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में वीरवार को कोरोना से 11 मौत दर्ज हुईं। एक दिन में इतनी मौतें होने का यह रिकॉर्ड है। वैसे कैंट सिटी रामबाग में 7 व कैंट रामबाग में 6 अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकॉल में हुए। शहजादपुर, पतरेहड़ी व धनाना के अधीन गांव साबांपुर में 2, ऊपरी धमौली में एक और फतेहगढ़ जटवाड़ में एक संस्कार कोविड प्रोटोकॉल में हुआ।

इसके अलावा 487 संक्रमित केस मिले हैं। वीरवार को 487 नए केस मिले। सबसे ज्यादा सिटी से 169, कैंट से 90, चौड मस्तपुर से 77, शहजादपुर से 52, मुलाना से 41, नाराायणगढ़ से 30, बराड़ा से 28 मरीज मिले हैं। ऑब्जरवेशन होम में बच्चों के आरटीपीसीआर टेस्ट कराए गए तो 71 में से 39 बच्चे संक्रमित मिले।

सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह ने डिप्टी सिविल सर्जन बलविंद्र कौर को टीम के साथ मौके पर भेजा। सभी बच्चों के दोबारा से एंटीजन व आरटीपीसीआर कराए जाएंगे। होम को चार सेक्शन में बांट कर तीन हॉल में संक्रमित बच्चों को ठहराया गया जबकि एक हॉल में ठीक बच्चों को रखा गया है। होम आइसोलेशन के इंचार्ज एसएमओ डॉ. राजेंद्र राय ने बताया कि कोरोना के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने होम आइसोलेशन टीमों की संख्या 62 से बढ़ाकर 73 कर दी है।

विभाग के सरकारी रिकॉर्ड में ये 11 मौत दर्ज

  • 50 वर्षीय व्यक्ति पंचकूला का रहने वाला था। शुगर से ग्रस्त मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर था।
  • दिल्ली की रहने वाली 40 वर्षीय महिला की मौत हुई, जो शुगर व हाईपरटेंशन से ग्रस्त थी।
  • जंडली की रहने वाली 38 वर्षीय महिला को हाईपरटेंशन थी।
  • सेक्टर-7 के 39 वर्षीय व्यक्ति को हाईपरटेंशन थी।
  • कैंट में सदर बाजार की रहने वाले 60 वर्षीय को हाईपरटेंशन थी।
  • कैंट में 58 वर्षीय व्यक्ति को हाईपरटेंशन की बीमारी थी।
  • कैंट के कच्चा बाजार के रहने वाले 84 वर्षीय व्यक्ति को शुगर व दिल की बीमारी थी।
  • शहजादपुर के ऊपरी धमौली के 60 वर्षीय व्यक्ति को शुगर व दिल की बीमारी थी।
  • गांव बड़ागढ़ के 59 वर्षीय मरीज को दिल व शुगर की बीमारी थी।
  • साबांपुर के 39 वर्षीय बेटे व 65 वर्षीय को हाईपरटेंशन थी।

मुलाना एमएम कोविड अस्पताल में 4 लोगों की मौत

  • कैंट के पक्की सराय के 58 वर्षीय इंद्र प्रसाद ने बाइपेप पर दम तोड़ा।
  • कैंट के इंद्रपुरी की 75 वर्षीय कृष्णा को बुधवार को भर्ती किया था, वीरवार को मौत हो गई।
  • कैंट के 77 वर्षीय जगदीश वर्मा को बाइपेप से ऑक्सीजन दी जा रही थी।
  • सर्राफा बाजार की 59 वर्षीय रंजू अग्रवाल दो दिन से आईसीयू में थीं।

ऑक्सीजन सिलेंडर तो मिला पर 6 बजे के बाद साइंस मार्केट बंद होने से रेगुलेटर के लिए भटकते रहे परिजन, बुजुर्ग की सांस थमी

अम्बाला| कैंट के कबीर नगर में 93 वर्षीय राजरानी खन्ना की बुधवार शाम को तबीयत बिगड़ गई। पिछले दिनों कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव होने के बाद वे होम आइसोलेट थीं। सांस उखड़ने लगी तो परिजन ऑक्सीजन के लिए भटकने लगे। किसी तरह ऑक्सीजन सिलेंडर तो मिल गया लेकिन मरीज को सप्लाई देने के लिए रेगुलेटर नहीं मिल पाया। प्रशासन के आदेशों की वजह से शाम 6 बजे साइंस मार्केट बंद हो जाती है।

परिजन भटकते रहे कोई इंतजाम नहीं हुआ। देर रात राजरानी की सांस थम गई। अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकॉल से होना था लेकिन प्रशासन को सूचना देने के बाद भी कई घंटे तक टीम नहीं पहुंची। कई बार फोन करने के बाद दोपहर में टीम पहुंची और कैंट रामबाग में संस्कार हुआ। इस परिवार के कई सदस्य पहले कोविड संक्रमित हो गए थे, हालांकि बाद में उभर गए।

रामबाग में काेराेना पाॅजिटिव का संस्कार करते हुए।
रामबाग में काेराेना पाॅजिटिव का संस्कार करते हुए।
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