अंबाला में आज हड़ताल पर रहेंगे आढ़ती:2.50% आढ़त की मांग के साथ ई-नेम पोर्टल का विरोध: फसल खरीदने पर आढ़ती पर लगेगा 11 हजार तक जुर्माना

अंबाला7 दिन पहले

किसानों की फसल बिकने के लिए अनाज मंडियों में पहुंचने लगी है, लेकिन मांगें पूरी न होने पर प्रदेशभर के आढ़ती आज से हड़ताल पर चले गए हैं। आढ़ती ई-नेम पोर्टल प्रणाली का विरोध करने के साथ-साथ ढाई प्रतिशत आढ़त की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा आढ़तियों की अन्य कई मांगें हैं।

अंबाला सिटी अनाज मंडी में हड़ताल पर बैठे आढ़तियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान कच्चा आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मक्खन लाल ने कहा कि मंडी में किसी प्रकार की फसल की बोली नहीं होगी। न ही कोई लेन देन होगा। आढ़ती किसान की फसल को उतरवा सकता है, लेकिन खरीद नहीं कर सकता। अगर कोई आढ़ती फसल खरीदता है तो एसोसिएशन 5 से 11 हजार रुपए तक जुर्माना लगाएगी।

उधर, आढ़तियों ने किसानों से हड़ताल के दौरान धान लेकर मंडियों में न आने का अनुरोध किया है। फिर भी यदि कोई किसान धान लेकर आ जाता है तो उसकी फसल की उतराई तो करा दी जाएगी, लेकिन खरीद का कार्य बंद रहेगा।

कल विधायक, सांसद और मंत्री के आवास का करेंगे घेराव

अंबाला आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान दूनी चंद, कच्चा आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मक्खन लाल ने कहा कि कल 20 सितंबर को आढ़ती सांसद, विधायक और मंत्रियों के आवास का घेराव करेंगे। उन्होंने मांग पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान भी किया है। 21 सितंबर बुधवार को प्रदेशभर के आढ़ती करनाल में CM आवास का घेराव करेंगे। आढ़तियों का भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह ने भी समर्थन दिया है।

अनाज मंडी अंबाला सिटी मार्केट कमेटी ऑफिस के बाहर धरना देते आढ़ती।
अनाज मंडी अंबाला सिटी मार्केट कमेटी ऑफिस के बाहर धरना देते आढ़ती।

यह है ई-नेम पोर्टल प्रणाली

सरकार ने मंडियों में ऑनलाइन प्रणाली को 3 साल पहले ही शुरू किया था। इसमें गेट पास कटने के बाद ही किसान की फसल को मंडी में बेचा जा सकता है। इस प्रक्रिया में तो फसल खरीदने वाले आढ़ती व बेचने वाले किसान का नाम सरकारी खरीद के पोर्टल पर दर्ज होता है, लेकिन अब ई-नेम प्रणाली में फसल की ढेरी की महज फोटो ऑनलाइन डालने से देश का कोई भी व्यापारी ढेरी को खरीद सकेगा। इसी बात का आढ़ती विरोध कर रहे हैं।