अंबाला में भारतीय किसान यूनियन की रैली:गुरनाम सिंह चढूनी बोले- JP दलाल कृषि मंत्री के लिए काबिल नहीं; ये जूते भी खाते हैं और गदा भी

अंबाला2 महीने पहले

किसान मसीहा सर छोटू राम की जयंती और किसान आंदोलन की दूसरी वर्षगांठ पर आज अंबाला की मोहड़ा अनाज मंडी में रैली हो रही है। किसान भारतीय किसान यूनियन (चढूनी ग्रुप) के आह्वान पर हरियाणा ही नहीं, पंजाब के किसान भारी संख्या में ट्रैक्टर के साथ रैली में पहुंचे हैं। रैली में BKU (चढूनी ग्रुप) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी भी पहुंचे।

चढूनी बोले- कृषि मंत्री जूते भी खाते हैं और गदा भी
चढूनी ने कहा कि यह हमारी बदकिस्मती है कि जय प्रकाश दलाल को कृषि मंत्री का पद दे दिया है। कृषि मंत्री इस पद के लिए काबिल नहीं हैं। जब धान खरीदने की बात आई तब भी जेपी दलाल ने धान खरीदने से मना कर दिया था, लेकिन फिर खरीदनी पड़ी। कहा कि कृषि मंत्री जूते भी खाते हैं और गदा भी। वे भाजपा के नेतृत्व से मांग करेंगे कि काबिल नेतृत्व को आगे लेकर आए। ऐसे लोगों को बाहर निकाल दें।

रैली में मौजूद लोग।
रैली में मौजूद लोग।

केंद्र व राज्य सरकार के नाम सौंपा ज्ञापन
पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार ने अब तक के सभी केस वापस ले लिए हैं। अब MSP समेत अन्य लंबित मांगों के समर्थन में केंद्र व राज्य सरकार के नाम DC डॉ. प्रियंका सोनी को ज्ञापन सौंपा। चढूनी ने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों पर संज्ञान नहीं लेती तो आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।

रैली में मंचासीन गुरनाम सिंह चढूनी व अन्य।
रैली में मंचासीन गुरनाम सिंह चढूनी व अन्य।

चढूनी ग्रुप ने GT रोड जाम करने दी थी चेतावनी
बता दें कि किसान आंदोलन की दूसरी वर्षगांठ पर BKU चढूनी ग्रुप ने पहले 24 नवंबर को रेलवे ट्रैक जाम करने की चेतावनी दी थी, लेकिन रेलवे द्वारा केस वापस लेने के बाद यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने GT रोड जाम करने का ऐलान कर दिया था, लेकिन गृह मंत्री अनिल विज के आश्वासन के बाद BKU ने GT रोड जाम करने की कॉल को वापस ले लिया।

मोहड़ा अनाज मंडी में तैनात पुलिस कर्मचारी।
मोहड़ा अनाज मंडी में तैनात पुलिस कर्मचारी।

उधर, सुरक्षा के लिहाज से अनाज मंडी पर GT रोड पर भारी पुलिस बल तैनात है। हालांकि, हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज के आश्वासन के बाद किसान अंबाला में GT रोड जाम नहीं करेंगे।

रैली में ट्रैक्टर लेकर पहुंचे किसान।
रैली में ट्रैक्टर लेकर पहुंचे किसान।

294 में से 163 मामलों को वापस लेने की मिली मंजूरी
उल्लेखनीय है कि किसान आंदोलन के दौरान हुए 294 में से 163 मामलों को वापस लेने के लिए सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। 98 मामलों को वापस लेने के लिए कोर्ट ने अपनी मंजूरी दी है। इसके अलावा, 4 मामलों की मंजूरी राज्य सरकार से आने बाकी हैं तथा 3 मामले जिला सोनीपत कोर्ट में स्टे पर हैं और एक मामला पलवल जिला में अनट्रेसेबल है। गृह मंत्री ने सभी मामले वापस लेने का आश्वासन किसानों को दिया।

अनाज मंडी मे मेन गेट पर तैनात पुलिस कर्मचारी।
अनाज मंडी मे मेन गेट पर तैनात पुलिस कर्मचारी।
जश्न मनाते हुए रैली में पहुंचे किसान।
जश्न मनाते हुए रैली में पहुंचे किसान।
रैली में पहुंचे किसान।
रैली में पहुंचे किसान।