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कोर्ट:बराड़ा में 15 दुकानें तोड़ने के मामले में जग्गी व बेटे की गिरफ्तारी पर रोक; अदालत ने दाेनाें काे जांच में शामिल हाेने के आदेश दिए

अम्बालाएक महीने पहले
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बराड़ा में 15 दिन पहले 15 दुकानें तोड़ने के मामले में जज संदीप सिंह की कोर्ट ने हरदीप सिंह जग्गी और उनके पुत्र सरवजोत जग्गी की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए दोनों को पुलिस जांच में शामिल होने के आदेश दिए हैं। जांच अधिकारी को आदेश दिए कि दोनों को जांच में शामिल कर रिपोर्ट 25 जून तक कोर्ट में दाखिल करें।

बराड़ा के रुहानी सत्संग घर के पास 15 दुकानों को रात को अर्थमूविंग मशीन से तोड़ दिया गया था। पुलिस ने राधे श्याम, सतीश दहिया, सुभाष चंद, शीशपाल की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें पता चला कि उक्त दुकानों का सौदा हरदीप सिंह जग्गी प्राॅपर्टी डीलर ने किया है। उन्होंने दुकानें खाली कराने के लिए कुख्यात अपराधी मोनू राणा से संपर्क किया हुआ है। मोनू ने अपने आदमी भेजकर दुकानों को खाली करने के लिए कहा था। इसके बाद दुकानाें को तोड़ना शुरू कर दिया था।

पुलिस मौके पर पहुंची ताे मोनू राणा, कपिल शर्मा, मोनू राणा का भाई गौरव तथा 15-20 अन्य भाड़े के व्यक्तियों के साथ हथियारों से लेस होकर अर्थमूविंग से दुकानों को तुड़वा रहे थे। अर्थ मूविंग मशीन का चालक दुकानों को तोड़ रहा था। आरोपी हथियारों से लेस होकर दुकानों के पास खड़े थे। पुलिस जब आरोपियों को पकड़ने के लिए पहुंची तो उसी समय आरोपी वहां से भाग गए। वहां पर अर्थमूविंग मशीन चलाते हुए सूर्यभान को गिरफ्तार किया था।

पुलिस ने दुकानदारों की शिकायत पर हरदीप सिंह जग्गी, मोनू राणा, गौरव, कपिल शर्मा व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए हरदीप सिंह जग्गी तथा उनके बेटे सरवजोत ने कोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी।

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