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CDS बिपिन रावत की यादें:10 सितंबर 2020 को राफेल की इंडक्शन सेरेमनी में आए थे अंबाला, फ्रांस के रक्षामंत्री भी थे साथ

अंबाला5 महीने पहले
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अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचने पर सेना के अधिकारियों को सैल्यूट करते हुए CDS बिपिन रावत - Dainik Bhaskar
अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचने पर सेना के अधिकारियों को सैल्यूट करते हुए CDS बिपिन रावत

8 दिसंबर को तमिलनाडु में हेलिकॉप्टर क्रैश में शहीद हुए देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल (सीडीएस) बिपिन रावत की हरियाणा के अंबाला शहर से खास यादें जुड़ी हैं। 10 सितंबर 2020 को उन्होंने अंबाला में सैन्य जवानों को आखिरी सैल्यूट किया था। वह उस दिन अंबाला एयरफोर्स स्टेशन में राफेल की इंडक्शन सेरेमनी में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। उनके साथ रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, फ्रांसीसी रक्षामंत्री फ्लोरेंस पार्ली व एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया भी आए थे। बिपिन रावत करीब आधा दिन अंबाला में रहे। साथ ही भारत व फ्रांस के बीच रक्षा से जुड़े मुद्दे को लेकर फ्रांसीसी रक्षामंत्री फ्लोरेंस पार्ली से चर्चा भी की थी।

अंबाला में राफेल की इंडक्शन सेरेमनी में पहुंचे थे CDS बिपिन रावत।
अंबाला में राफेल की इंडक्शन सेरेमनी में पहुंचे थे CDS बिपिन रावत।

10 सितंबर 2020 का दिन अंबाला में लिए ऐतिहासिक था, क्योंकि फ्रांस से आए पांचों राफेल विमानों को वायुसेना के 17 स्कवॉड्रन 'गोल्डन ऐरोज' में शामिल किया गया था। अंबाला एयरबेस पर राफेल विमानों की लैंडिंग और उन्हें एयरफोर्स में शामिल करने के लिए भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था। हालांकि अंबाला में बिपिन रावत ने देश की सुरक्षा से जुड़े किसी सवाल का जवाब नहीं दिया था, लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा था कि देश की सुरक्षा के मामले में वह खुद एक सुरक्षा कवच बनकर काम करते थे, करते हैं और करते रहेंगे।

अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर हुए कार्यक्रम में भारत व फ्रांस के रक्षामंत्री।
अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर हुए कार्यक्रम में भारत व फ्रांस के रक्षामंत्री।

इस तरह हुआ था इंडक्शन कार्यक्रम

उस दिन CDS बिपिन रावत, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, फ्रांस के रक्षामंत्री फ्लोरेंस पार्ली को लेकर सुबह ही अंबाला पहुंच गए थे। जिला प्रशासन व सैन्य अधिकारियों द्वारा उनका स्वागत किया गया था। राफेल विमानों को वायुसेना के बेड़े में शामिल करने के कार्यक्रम की शुरुआत उन्होंने सर्वधर्म पूजा से की थी। वायुसेना की प्रक्रिया के तहत सभी धर्मों के गुरुओं ने पूजा की और विधिवत राफेल को बेड़े में शामिल किया। इस दौरान धर्मगुरुओं ने शांति और देश के जवानों की सलामती के लिए प्रार्थना की थी। इसके बाद फ्लाईपास्ट किया गया था।

कार्यक्रम में शामिल बिपिन रावत व भारत -फ्रांस के रक्षामंत्री।
कार्यक्रम में शामिल बिपिन रावत व भारत -फ्रांस के रक्षामंत्री।

राफेल को दी गई थी वाटर कैनन से सलामी

अंबाला में राफेल के वायुसेना में शामिल होने पर दो दमकल विभाग की गाड़ियों से वाटर कैनन की सलामी दी गई थी। यह क्षण देशभर में दिखाई दे रहा था। इसी ऐतिहासिक क्षण के CDS बिपिन रावत साक्षी रहे थे। बता दें कि राफेल के वायुसेना में शामिल होने के बाद हुए एयर शो में सुखोई, जगुआर, देश में निर्मित स्वदेशी तेजस जैसे लड़ाकू विमान शामिल हुए थे।

दो साल पहले ही CDS बने थे बिपिन रावत

पूर्व सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत (61) को 2019 में देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) नियुक्त किया गया था। वे 65 साल की उम्र तक इस पद पर रहने वाले थे। इस पद को बनाने का मकसद यह है कि आर्मी, नेवी और एयरफोर्स में सही तरीके से और इफेक्टिव को-ऑर्डिनेशन किया जा सके।

रावत दिसंबर 1978 में कमीशन ऑफिसर (11 गोरखा राइफल्स) बने थे। वह 31 दिसंबर 2016 को थलसेना प्रमुख बने। उन्हें पूर्वी सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा, कश्मीर घाटी और पूर्वोत्तर में कामकाज का अनुभव रहा। खास बात यह है कि रावत उसी यूनिट (11 गोरखा राइफल्स) में पोस्ट हुए थे, जिसमें उनके पिता भी रह चुके थे।