रेमडेसिविर और टोक्सली दवा की कमी:सिटी के सिविल अस्पताल में कंसंट्रेटर ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण करने पहुंचे सीएम

अम्बाला सिटी6 महीने पहले
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अम्बाला सिटी | सिविल अस्पताल के निरीक्षण के दाैरान मरीजाें से बातचीत करते मुख्यमंत्री मनोहर लाल। - Dainik Bhaskar
अम्बाला सिटी | सिविल अस्पताल के निरीक्षण के दाैरान मरीजाें से बातचीत करते मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
  • प्रदेश में रेमडेसिविर व टोक्सली दवा की कमी: सीएम

सीएम मनोहर लाल ने माना कि रेमडेसिविर और टोक्सली दवा की कमी है। उन्होंने कहा कि रेमडेसिविर और टोक्सली इंजेक्शन के लिए डॉक्टरों के तीन सदस्यीय बोर्ड का गठन किया गया है। जब भी किसी प्राइवेट अस्पताल से इसकी डिमांड आती है तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित तीन डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा यह निर्णय लिया जाता है कि क्या वास्तव में ही उन्हें इस इंजेक्शन की जरूरत है। उसके बाद ही इंजेक्शन की आपूर्ति होती है।

वह वीरवार को सिटी के सिविल अस्पताल में कंसंट्रेटर ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण करने पहुंचे थे। सीएम ने कहा कि जो छोटे अस्पताल कोविड पेशेंट का इलाज कर रहे हैं। उन्हें लेटर लिख दिया है कि वह बिना परमिशन के कोविड के मरीजों का इलाज नहीं करेंगे। अगर कोई ऐसा करता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्राइवेट अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी को लेकर उन्होंने कहा कि इन अस्पतालों में जितने बेड हैं उनकी सीमा को न देखते हुए भर्ती कर लिया। जब पेशेंट बेड आक्यूपाइड कर लेते हैं तो अस्पताल के पास जितने सिलेंडर होते हैं वह सभी लग जाते हैं। उनके पास ऑक्सीजन का बैकअप नहीं होता है। यही वजह है कि प्राइवेट अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है।

उन्होंने कहा कि अम्बाला में सिस्टमेटिक तरीके से ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। सिविल अस्पताल में बेड की व्यवस्था पर्याप्त है। सामान्य बेड, ऑक्सीजन बेंड व वेंटिलेटर भी हैं। अगर जरूरत पड़ती है ताे मुलाना मेडिकल काॅलेज का सहयोग लिया जाता है।

ऑक्सीजन, दवा व खाने-पीने की वस्तुओं की ब्लैक न हो

सीएम मनोहर लाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऑक्सीमीटर, डिजिटल थर्मामीटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, दवाओं आदि खाने-पीने की वस्तुओं, सरसों के तेल इत्यादि की काला बाजारी न हो। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में सामान्य बेड, ऑक्सीजन बेड, वेंटिलेटर का डाटा, प्रतिदिन रियल टाइम व्यवस्थाओं का डाटा अपडेट के साथ डिस्पले भी किया जाए। जिससे लोगों को अस्पताल में बेड और वेंटिलेटर आदि की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।

सीएम वीरवार को सिटी के सिविल अस्पताल के पीएमओ ऑफिस में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोविड -19 के लिए जो भी व्यवस्थाएं की गई हैं उन्हें छुपाया न जाए। गंभीर कोविड रोगियों का जीवन बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत है उन्हें समय पर ऑक्सीजन मिले और जिन रोगियों को वेंटिलेटर की आवश्यकता है उन्हें वेंटिलेटर उपलब्ध करवाए जाएं। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को दवाइयों की किट इत्यादि समय पर दी जाए और डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों की टीम रोगी के घर जाकर उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखे।

सिटी अस्पताल में गैसमैनी फोल्ड शुरू हो गया, कंस्ट्रेटर प्लांट इंस्टॉल

सिटी सिविल अस्पताल में वीरवार शाम से गैसमैनी फोल्ड शुरू हो गया यानी अब यहां एक ही जगह से सभी सिलेंडर सप्लाई हो सकेंगे। वहीं ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर प्लांट भी तैयार हो गया है। हालांकि इसे चालू करने के लिए मध्य प्रदेश से इंजीनियर अगले एक या दो दिन में आ सकते हैं। ऑक्सीजन प्लांट में रो‌जाना 6000 लीटर गैस तैयार होगी। यह गैस सिटी के सिविल अस्पताल में 100 बेड के लिए पर्याप्त है। अगर फिर भी ऑक्सीजन की कमी रहती है तो उसके लिए ऑक्सीजन सिलेंडरों को जोड़कर अस्पताल में सप्लाई दी जाएगी।

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