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समस्या:मंडौर की काॅलोनियां सिटी में, रेवेन्यू रिकाॅर्ड कैंट में

अम्बाला20 दिन पहले
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  • सिटी निगम से एनडीसी लेकर कैंट तहसील में रजिस्ट्री करानी हाे तो पोर्टल में काॅलोनी का न नाम, न खसरा नंबर

मंडौर और सुंदरनगर की 6 काॅलोनियों सिटी नगर निगम में पड़ती हैं, लेकिन उनका रेवेन्यू रिकाॅर्ड कैंट में है। अगर किसी ने सिटी नगर निगम से एनडीसी लेकर कैंट तहसील में रजिस्ट्री करानी है तो पोर्टल में काॅलोनी का न नाम है और न ही खसरा नंबर। अम्बाला सिटी और कैंट को मिलाकर 2010 में अम्बाला नगर निगम का गठन किया गया था। उस समय निगम में जनसंख्या बढ़ाने के लिए सिटी के 8 तथा कैंट के 18 गांव जोड़े गए थे, जिसमें कैंट विधानसभा के मंडौर व सुंदरनगर का रकबा भी था। इसलिए इनका रेवेन्यू रिकाॅर्ड कैंट में है।

अम्बाला नगर निगम को खत्म कर 2019 में कैंट को नगर परिषद और सिटी को नगर निगम बनाने की अधिसूचना जारी की गई। निगम के लिए जनसंख्या पूरी करने के लिए मंडौर और सुंदर नगर को सिटी नगर निगम के एरिया में ही रहने दिया गया, जबकि उसका रेवेन्यू रिकाॅर्ड कैंट में है।

इसलिए नहीं हो रही रजिस्ट्री : दोनों रकबा में लगभग 3000 घर व प्लाॅट हैं, जबकि यहां की आबादी करीब 10 हजार है। यहां के लोगों की प्रापर्टी आईडी सिटी नगर निगम एरिया की बनी हुई है, इसलिए पोर्टल से एनडीसी नगर निगम जारी कर रहा है। जब यहां के लोग निगम से एनडीसी लेकर कैंट तहसील में रजिस्ट्री कराने पहुंचते हैं तो रजिस्ट्री नहीं हो पाती, क्योंकि कैंट तहसील के पोर्टल में न तो यहां की काॅलोनियां हैं, न ही खसरा नंबर। इसलिए मंडौर के साथ-साथ सुंदरनगर, दशमेश नगर, शिव काॅलोनी के अलावा अन्य काॅलोनियों की रजिस्ट्रियां नहीं हो पा रही हैं।

मेयर के लिए वोट सिटी में, विस. के लिए कैंट में
यहां के लोगों को अगर विधानसभा के लिए अपना नुमाइंदा चुनना होता है तो उन्हें कैंट विधानसभा में वोट डालनी पड़ती है। अगर उन्होंने सिटी नगर निगम के लिए मेयर या अपने वार्ड के लिए पार्षद चुनना है तो उनकी वोट सिटी में पड़ती है।

सिटी व कैंट के चक्कर लगाने पड़ रहे : मनीष
नगर निगम वार्ड 3 के पार्षद मनीष आनंद ने कहा कि उन्होंने रेवेन्यू रिकाॅर्ड में डाटा ठीक करने के लिए नगर निगम कमिश्नर को लिखा है, क्योंकि लोगों को रजिस्ट्री कराने के लिए सिटी व कैंट तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कुछ लोगों ने अपनी प्राॅपर्टी का बयाना किया है, लेकिन उनकी बयाने की तारीख निकल चुकी है। बयाना वापस करने की स्थिति में दोगुना बयाना देने की समस्या उत्पन्न हो सकती है। लोगों को घर बनाने के लिए बैंक से लोन भी नहीं मिल रहा है।

इस मामले को शाॅर्ट आउट किया जा रहा है। म्युनिसिपल कमेटी का लेटर डीआईओ को भेजा गया है कि इस रिकाॅर्ड को दुरुस्त किया जाए।-सुशील कुमार, तहसीलदार, कैंट

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