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  • Deaths From Corona After 19 Days Break, Less Than 100 Cases Were Found After 13 Days, 92 New Cases Followed By Active Cases In The District 1423

कोरोना से राहत:19 दिन बाद कोरोना से हो रही मौतों पर ब्रेक, 13 दिन बाद 100 से कम केस मिले, 92 नए केस के बाद जिले में एक्टिव केस 1423

अम्बालाएक महीने पहले
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  • डॉक्टरों को बढ़ते केसों के हिसाब से निपटने की दी जा रही ट्रेनिंग
  • कैंसर अस्पताल को कोविड अस्पताल में बदला जाएगा

सोमवार को जिले में कोरोना संक्रमण के नए केसों व लगातार हो रही मौतों को लेकर राहत रही। जिले में सोमवार को कोरोना से कोई मौत नहीं हुई। जिससे 19 दिनों से लगातार हो रही मौतों के सिलसिले पर ब्रेक लगा। इससे पहले 2 सितंबर को कोई मौत नहीं हुई थी। वहीं, नए संक्रमित मामलों की बात करें तो 92 मरीज मिले हैं। नए संक्रमित मरीजों के मिलने का सिलसिला भी 13 दिन के बाद 100 के नीचे आया है।

इससे पहले 8 सितंबर को 98 केस आए थे। सितंबर माह में रोजाना 160 की औसत से मरीज मिले हैं। 31 जुलाई को केस 3840 थे जो कि 21 सितंबर को 7,182 हो चुके हैं। सोमवार को ठीक होने के बाद डिस्चार्ज किए 130 मरीजों के बाद जिले में 1423 एक्टिव केस हैं। जो जिले के सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में मौजूद बेड़ क्षमता से दोगुने हैं। जिले के प्राइवेट अस्पतालों 425 बेड समेत 718 ही बेड हैं। लगातार बढ़ रहे केसों को देखते हुए अब स्वास्थ्य विभाग ने अम्बाला कैंट में बनाए टरशरी कैंसर केयर सेंटर को कोविड अस्पताल में बदलने की योजना बनाई है। सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप सिंह के मुताबिक स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने उन्हें निर्देश दिए हैं कि इस अस्पताल की बिल्डिंग का कोरोना अस्पताल के तौर पर उपयोग करें। जिसे देखते हुए यहां ऑक्सीजन व बेड लगाए जाएंगे।

ऑक्सीजन सिलेंडर की उनके पास कोई कमी नहीं है। इसके अलावा हवा से ऑक्सीजन बनाने की क्षमता वाले ऑक्सीजन कंसनट्रेटर उनके पास हैं। इसके साथ ही बराड़ा व मुलाना की बिल्डिंग में 50-50 बेड की सुविधा एकदम से देने में सक्षम हैं। सिविल सर्जन के मुताबिक बढ़ते केसों को देखते हुए डॉक्टरों को ट्रेंड किया जा रहा है। अभी बेड की कोई कमी नहीं हैं। जिले अब तक 85,942 कोरोना टेस्ट हो चुके हैं।

होम आइसोलेशन में 1208 मरीज, नहीं हुई कोई मौत
डिस्ट्रिक्ट क्वारेंटाइन कमेटी के इंचार्ज डॉ. राजेंद्र राय ने बताया कि जिले में अभी 1208 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। होम आइसोलेशन में अब तक 5,007 मरीजों को रखा गया है। इनमें से 4,028 मरीजों अपना आइसोलेशन पीरियड पूरा कर चुके हैं। इस दौरान 80 लोगों को अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत पड़ी लेकिन कोई मौत नहीं हुई।

निजी अस्पतालों को निर्धारित रेट से ज्यादा पैसे न दें
स्वास्थ्य विभाग ने नॉन एनएबीएच(नेशनल एक्रीडेशन बोर्ड फॉर हॉस्पटिल्स) के स्टैंडर्ड पर बने आइसोलेशन बेड व ऑक्सीजन के साथ सपोर्टिव केयर देने वाले अस्पतालों में प्रतिदिन 8 हजार रुपए तय किया हुआ है। वहीं, एनएबीएच के स्टैंडर्ड वाले हॉस्पिटल के लिए यह दर 10 हजार रुपए प्रतिदिन है। नॉन एनएबीएच आईसीयू वाले अस्पताल प्रतिदिन मरीज से 13 हजार रुपए व वेंटीलेटर सुविधा के साथ अधिकतम 15 हजार रुपए वसूल सकते हैं। जबकि एनएबीएच स्टैंडर्ड के हॉस्पिटल में आईसीयू के साथ 15 हजार रुपए व वेंटीलेटर सुविधा के साथ अधिकतम 18 हजार रुपए लिए जा सकते हैं।

बिना डॉक्टर की पर्ची के दवा नहीं दे पाएंगे केमिस्ट
स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना की बीमारी छिपाने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी की है। ड्रग कंट्रोलर ऑफिसर अम्बाला ने केमिस्ट एसोसिएशन को दिशा निर्देश जारी किए हैं कि वे खांसी-जुकाम व बुखार के मरीजों को बिना डॉक्टर की पर्ची के दवाई न दें और न खुद से इलाज करें। ऐसा करने वाले केमिस्ट पर विभाग कार्रवाई करेगा।

नॉन मेडिकल कारणों से टेस्ट कराने पर लगेगी फीस
सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि जो लोग सिर्फ विदेश जाने के लिए, एग्जाम देने के लिए, नौकरी को जॉइन करने आदि नॉन मेडिकल कारणों से टेस्ट कराते थे उनसे विभाग अब फीस वसूलेगा। ऐसे लोगों से आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए 1600 रुपए, एंटीजन टेस्ट के लिए 650 रुपए व एंटीबॉडी के लिए 250 रुपए रहेंगे। हालांकि, लक्षण वाले मरीजों के लिए टेस्ट नि:शुल्क रहेगा। जिन सरकारी स्कूलों के अध्यापकों को स्कूल जाने के लिए टेस्ट कराना है उनसे पैसा नहीं लिया जाएगा क्योंकि ये अध्यापक बाद में सरकार से ही रिम्बर्स कराते हैं, लेकिन प्राइवेट अध्यापकों से पैसा लिया जाएगा।

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