तेजी से बढ़ रहे डेंगू के मामले:शाहाबाद से कैंट अस्पताल में डेंगू संदिग्ध की मौत

अम्बाला सिटी24 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
अम्बाल सिटी | सिविल अस्पताल के डेंगू वार्ड में दाखिल मरीज। - Dainik Bhaskar
अम्बाल सिटी | सिविल अस्पताल के डेंगू वार्ड में दाखिल मरीज।
  • 16 नए मरीज मिले, दिन का तापमान 25 डिग्री के पास आने के बाद डेंगू केसों में गिरावट आने की उम्मीद

जिले में डेंगू का कहर जारी है। शनिवार को भी 16 नए मरीज मिले। इसके साथ ही जिले में अब तक मिले डेंगू केसों की संख्या 451 हो गई। वहीं, कैंट अस्पताल में शनिवार दोपहर एक डेंगू संदिग्ध 67 वर्षीय महिला मरीज की मौत हो गई। इस महिला को शाहाबाद के डॉ. भास्कर के अस्पताल से रेफर किया था। इस मरीज के प्लेटलेट्स 76 हजार रह गए थे। अस्पताल के आरएमओ डॉ. मुकेश ने बताया कि इस महिला को शुक्रवार आधी रात करीब साढ़े तीन बजे अस्पताल लाया गया था।

इस महिला को बुखार के अलावा सांस लेने में दिक्कत थी, जिसकी सुबह लगभग 12 बजे मौत हो गई। अभी इस मरीज का डेंगू कंफर्मेशन को लेकर कोई टेस्ट नहीं हुआ था। एक दूसरे मामले में शुक्रवार को लक्ष्मण नाम के 40 वर्षीय मरीज की मौत हुई। अस्पताल लाए जाने से पहले ही मरीज की मौत हो चुकी थी। परिजनों के पास डेंगू संबंधी इलाज का कोई दस्तावेज नहीं था। परिजनों का कहना था कि मरीज को तीन चार दिनों से बुखार था। जिले में बीते साल मिले 42 केसों की तुलना में अब तक 10 गुना से भी ज्यादा मरीज मिल चुके हैं। वहीं, साल 2018 से 2020 के तीन सालों में कुल 276 मरीज मिले थे। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि ठंड बढ़ने के बाद इन केसों में गिरावट आएगी।

वहीं, डेंगू के अलावा उल्टी-दस्त व बुखार के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी में ऐसे मरीजों की भरमार है। ऐसे मरीज भूख नहीं लगने, पेट दर्द, उल्टी, दस्त व बुखार की समस्या लेकर ओपीडी पहुंच रहे हैं। दूसरी तरफ सरकारी व प्राइवेट लैब में भी टेस्ट कराने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।

बुखार व पेट दर्द से पीड़ित 40 वर्षीय व्यक्ति की मौत

अम्बाला | तेज बुखार व पेट दर्द से पीड़ित सिटी के मानव विहार निवासी 40 वर्षीय लक्ष्मण की मौत हो गई। मृतक जलेबी की रेहड़ी लगाता था और तीन दिन से तेज बुखार व पेट दर्द से परेशान था। दवा लेने के बाद जब आराम नहीं आया तो लक्ष्मण ने निजी लैब से टेस्ट कराया था।

इसके बाद उसके साथ किराये के कमरे में रहने वाले साथियों ने सिटी के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था, लेकिन आराम नहीं आया तो वह सिटी से कैंट में इलाज कराने के लिए लाया गया था, लेकिन यहां पहुंचने से पहले उसकी माैत हाे गई। साथियों ने बताया कि लक्ष्मण जलेबी की रेहड़ी लगाता है और तीन दिन पहले उसे तेज बुखार हो गया था। उसका डेंगू का टेस्ट कराया था।

डाॅक्टर से ली गई दवाई से असर नहीं हुआ तो सिटी के ट्राॅमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। साथियों ने बताया कि जब अस्पताल में भर्ती कराया तो लक्ष्मण के प्लेटलेट्स एक लाख के करीब थे। अस्पताल में मौजूद रामानंद ने बताया कि लक्ष्मण उसका भाई है और उत्तर प्रदेश के मऊ का रहने वाला है। सिविल अस्पताल कैंट के डाॅक्टरों का कहना है कि कोई ऐसी लैब रिपोर्ट हमारे पास नहीं है जिसे देखकर लक्ष्मण की मौत का कारण बताया जा सके। अस्पताल प्रशासन द्वारा लक्ष्मण के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

खबरें और भी हैं...