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ऑनलाइन प्रक्रिया में अड़चन:एनडीसी की साइट पर सेक्टराें के प्लाॅटों पर अब नहीं लगकर आएगा डिवेलपमेंट चार्जेज, अनप्रूव्ड एरिया भी नहीं दिखाएगा

अम्बालाएक महीने पहले
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निगम कमिश्नर ने हफ्ते में दुरुस्त करने के दिए निर्देश - Dainik Bhaskar
निगम कमिश्नर ने हफ्ते में दुरुस्त करने के दिए निर्देश
  • सेक्टराें के करीब 8 हजार से ज्यादा प्लाॅटाें पर दिखा रहा है डिवेलपमेंट चार्जेज, कई प्लाॅटाें को दिखा रहा अनअप्रूव्ड

प्लाॅट खरीद फरोख्त के मामले में निगम से मिलने वाली एनडीसी पर सेक्टराें के प्लाॅटाें के साैदे में ऑनलाइन प्रक्रिया के बाद बड़ी अड़चन आ रही है। सभी सेक्टराें के करीब 8 हजार प्लाॅटाें पर शहरी स्थानीय निकाय का एनडीसी पाेर्टल डिवेलपमेंट चार्जेज यानी विकास शुल्क बकाया दिखा रहा है।

ऐसे में प्राॅपर्टी के साैदाें में हो रही देरी से लाेग परेशान हैं। इसमें गलती ठीक कराने के लिए नीचे से ऊपर तक के अधिकारियाें की स्वीकृति लेनी पड़ती है। फाइल लगाने के बाद ठीक हाेकर आने के पूरे प्राेसेस में दाे से ढाई महीने तक का समय लाेगाें का खराब हाे रहा है। मगर अब यह परेशानी जल्द ही समाप्त हाेने वाली है।

नगर निगम कमिश्नर अशाेक कुमार गर्ग ने बिल्डिंग ब्रांच के अधिकारियाें काे निर्देश दिए कि एक सप्ताह के अंदर सभी प्लाॅटाें के डिवेलपमेंट चार्जेज हट जाने चाहिए। उन्हाेंने हाल ही में हुई बिल्डिंग ब्रांच के अधिकारियाें काे ये तक कहा कि ये शर्म की बात है कि सेक्टराें के प्लाॅट अनअप्रूव्ड एरिया में दिखा रहा है। इस सब काे दुरुस्त किया जाए।

समझिए... किन-किन परेशानियों से गुजरना पड़ता है प्लॉटधारकों को
दरअसल, सेक्टराें में प्लाॅटाें के विकास शुल्क पहले ही जमा है। ऐसे में जब काेई खरीद बेच का साैदा हाेता है ताे लाेग एनडीसी के लिए एप्लाई करते हैं। जब एनडीसी नहीं मिल पाती ताे समस्या पता चलती है। इसमें काेई प्लाॅट पर डिवेलपमेंट चार्जेज व काेई अनअप्रूव्ड दिखाता है। अब इसे ठीक कराने के लिए प्लाॅट हाेल्डर काे एप्लीकेशन देनी पड़ती है।

ऑनलाइन ऑब्जेक्शन डालने पर फिर इस फाइल पर अधिकारी अपनी प्राेसेस शुरू करते हैं। यह फाइल नीचे से लेकर उच्च अधिकारी तक जाती है इसमें समय लग जाता है। फिर इसे वेबसाइट पर अपलाेड किया जाता है। तक जाकर एनडीसी जारी हाे पाती है। इस प्राेसेस में दाे से ढाई महीने तक लाेगाें काे धक्के खाने पड़ते हैं।

जानिए... देरी की एक और बड़ी वजह दो वेबसाइट पर डेटा अपलोड होता है
हिसार प्राॅपर्टी डीलर एसाेसिएशन के उप प्रधान प्रवीन सिंगल कहना है कि असल में एक समस्या की जड़ ताे टैक्स ब्रांच द्वारा दाे वेबसाइट पर डाटा अपलाेड करने काे लेकर है। निगम अधिकारी जीआईएस पाेर्टल पर टैक्स से संबंधित डाटा जिसमें दुरुस्ती की फाइल का डाटा, टैक्स का डाटा या एरिया कम ज्यादा का डाटा अपलाेड करती है। तहसील कार्यालय में एनडीसी पाेर्टल से जुड़ा डाटा यूएलबी की पाेर्टल से जुड़ा है। जीआईएस पाेर्टल पर डाटा अपलाेड करने के बाद स्थानीय अधिकारी इस इंतजार में रहते हैं कि मुख्यालय ये यह डाटा जब यूएलबी की वेबसाइट पर अपलाेड हाेगा तभी एनडीसी जारी हाे पाएगी।

इन सेक्टरों में ज्यादा दिक्कत

  • सेक्टर 14 पार्ट टू
  • सेक्टर 33
  • सेक्टर 9-11
  • सेक्टर 14
  • सेक्टर 16-17
  • सेक्टर 13 व पार्ट
  • सेक्टर 1-4
  • सेक्टर 3-5
  • सेक्टर 21 पी
  • ग्लाेबल स्पेश

पढ़िए... इसका क्या है असर, सरकार काे रेवेन्यू का हाे रहा घाटा, चक्कर लगाने से लोगों का समय हो रहा बर्बाद
जिन लाेगाें काे प्लाॅट बेचने व खरीदने हैं उनका ताे समय पर लेन देन हाे ही नहीं पाता। इसमें सरकार काे भी रेवेन्यू का घाटा हैं। क्याेंकि स्टांप खरीद से जाे कराेड़ाें रुपये दाे माह पहले आने थे वह दाे माह बाद में सरकार के खजाने में जमा हाेते हैं। ऐसे में कराेड़ाें रुपये की पेमेंट पर दाे माह का ब्याज सरकार काे नहीं मिल पाता। ऐसे में सिस्टम दुरुस्त होने के बाद लोगाें की समस्या दूर होने से समय व पैसा बचेगा

एक हफ्ते के बाद नहीं आएगी परेशानी : गर्ग
बिल्डिंग ब्रांच काे एक सप्ताह का समय दिया है वे रिकाॅर्ड काे दुरुस्त करेंगे। सेक्टराें के जिन भी प्लाॅटों पर डिवेलपमेंट चार्जेज दिखाया जा रहा है इसके बाद वह हट जाएगा। एनडीसी मामले में फिर किसी काे काेई परेशानी नहीं आएगी।'' -अशाेक कुमार गर्ग, कमिश्नर, नगर निगम हिसार।

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