मौसम सर्द, सियासत गर्म:डॉ. वंदना शर्मा भाजपा की मेयर प्रत्याशी; 2019 में पति डॉ. संजय सिटी हलके के टिकट से चूके थे

अम्बाला2 वर्ष पहले
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यह तस्वीर 11 अक्टूबर 2019 की है... जब सीएम मनोहर लाल सिटी में विधानसभा प्रत्याशी असीम गोयल के प्रचार के लिए आए थे। मंच पर डॉ. संजय शर्मा के नाम की स्लिप लगी कुर्सी खाली रही थी। शर्मा भी यहां से टिकट के दावेदार थे। नहीं मिला तो असीम के प्रचार अभियान में नहीं दिखे थे। - Dainik Bhaskar
यह तस्वीर 11 अक्टूबर 2019 की है... जब सीएम मनोहर लाल सिटी में विधानसभा प्रत्याशी असीम गोयल के प्रचार के लिए आए थे। मंच पर डॉ. संजय शर्मा के नाम की स्लिप लगी कुर्सी खाली रही थी। शर्मा भी यहां से टिकट के दावेदार थे। नहीं मिला तो असीम के प्रचार अभियान में नहीं दिखे थे।
  • भाजपा ने घोषित किए प्रत्याशी, सहयोगी जजपा ने भी उतारे 5 कैंडिडेट, एक ने लड़ने से इंकार किया, प्रदेश अध्यक्ष ओपी धनखड़ की सिफारिश काम आई
  • जीत के लिए जोड़ी जरूरी 2019 के विस चुनाव में संजय शर्मा असीम गोयल के प्रचार से दूर रहे थे, अब पत्नी को जितवाने के लिए अपने पुराने जोड़ीदार से दूरी कम करनी होगी

आखिर रविवार देर रात भाजपा ने डॉ. वंदना शर्मा को अम्बाला सिटी नगर निगम से मेयर पद की प्रत्याशी घोषित कर दिया। डॉ. वंदना भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. संजय शर्मा की पत्नी हैं। डॉ. संजय ने 2009 में भाजपा के टिकट पर सिटी हलके से विधानसभा का चुनाव लड़ा था और 12,741 वोट मिले थे।

2019 में भी टिकट पर दावा जताया था लेकिन पार्टी ने सिटिंग विधायक असीम गोयल को ही दूसरा मौका दिया। इसके बाद शर्मा असीम के चुनाव प्रचार में नहीं दिखे। हालांकि उनका तर्क था कि उनके पास मुलाना हलके का प्रभार था। शुरुआती राजनीति में शर्मा और गोयल की जोड़ी मशहूर थी लेकिन बाद में कट्टर प्रतिद्वंद्वी बन गए।

भाजपा ने जातीय समीकरण देखते हुए बनिया-पंजाबी-ब्राह्मण समुदाय के नामों को पैनल में रखा था। आखिरी चरण में तय हुआ कि पंजाबी या ब्राह्मण में से किसी का नाम फाइनल किया जाए। ब्राह्मण को टिकट देने की स्थिति में डॉ. वंदना शर्मा का नाम आगे बढ़ा लेकिन असीम गोयल की तरफ पंजाबी बिरादरी से नाम आगे बढ़ाया गया। पंजाबी बिरादरी की शैलजा सचदेवा और मंडल अध्यक्ष अर्चना छिब्बर के नाम पैनल में थे। भाजपा की विधायक रहीं स्व. वीणा छिब्बर की पुत्रवधू अर्चना ने पार्षद के टिकट के लिए भी आवेदन कर रखा था और उन्हें वार्ड-6 से टिकट मिला। एडवोकेट संदीप सचदेवा की पत्नी शैलजा के टिकट की पैरवी करने वालों ने कहा कि संदीप लंबे समय से पार्टी में हैं। अब मेयर का टिकट तो उनके खाते में जाना चाहिए।

लेकिन पार्षद टिकटों में असीम की ज्यादा चली
भाजपा के खाते में 20 में से 15 वार्ड आए थे। पार्षदों के टिकट वितरण में विधायक असीम गोयल की ज्यादा चली। भाजपा ने बनिया समुदाय में 4 (एक जैन) व पंजाबी समुदाय में 4 टिकट बांटे। तीन प्रत्याशी ऐसे भी हैं जो पूर्व मंत्री विनोद शर्मा के साथ होते थे लेकिन विधानसभा चुनाव में असीम गोयल के साथ आ गए थे।

  • कुमारी सैलजा ने पूर्व पार्षद पवन अग्रवाल की पत्नी मीना अग्रवाल को दी मेयर प्रत्याशी के लिए हरी झंडी
  • पूर्व मंत्री विनोद शर्मा मेयर के लिए पत्नी शक्ति रानी का नाम आज घोषित करेंगे
  • अम्बाला विकास मंच में इंजीनियर बलबीर व हिम्मत सिंह में पैचअप

मल की पुत्रवधू 7 और अर्चना छिब्बर 6 से प्रत्याशी
पूर्व मेयर रमेश मल की पुत्रवधू को वार्ड 7 से भाजपा का टिकट मिला है जबकि मंडल अध्यक्ष अर्चना छिब्बर को वार्ड-6 से पार्षद के लिए उतारा है। अर्चना का नाम मेयर प्रत्याशियों के पैनल में भी था। जिला परिषद सदस्य गुरविंद्र सिंह को वार्ड-1 से टिकट मिला है। अन्य प्रमुख नामों में दुर्गानगर मंडल अध्यक्ष हितेश जैन को वार्ड-16 से टिकट मिला। भाजयुमो के जिला उपाध्यक्ष मनीष आनंद व किसान मोर्चा के शोभा सिंह पूनिया को भी टिकट मिला है।

पिता का आवेदन, टिकट बेटे को मिला
वार्ड-13 से पूर्व पार्षद चंद्र गुप्ता बंसल ने टिकट के लिए आवेदन किया था लेकिन भाजपा ने उनके बेटे यतिन बंसल को प्रत्याशी बनाया। इस वार्ड में शहीद के परिवार से अतुल आहूजा भी दावेदार थे।

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