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  • Father Pai Pai, Who Was The Owner Of 14 Acres, Was Told By The Tribunal; Five Sons Rs 2 2 Thousand. Will Give Month, 4 Sons Reach High Court

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हक की लड़ाई:14 एकड़ के मालिक रहे पिता पाई-पाई को मोहताज, ट्रिब्यूनल ने कहा; पांचों बेटे 2-2 हजार रु. महीना देंगे, 4 बेटे हाईकोर्ट पहुंचे

अम्बाला/नारायणगढ़15 दिन पहले
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  • पिता को भरण-पोषण के लिए अपने 5 बेटों से लड़नी पड़ रही कानूनी लड़ाई
  • 4 भाइयों का तर्क- पिता ने एक बेटे और उसके बच्चों को ज्यादा जमीन दी, अब वे ही खर्चा दें

14 एकड़ जमीन के मालिक रहे 78 वर्षीय बंता राम 5 बेटों के होते हुए भी आज पाई-पाई को मोहताज हैं। वे भरण-पोषण के लिए अपनों से ही कानूनी लड़ाई लड़ने काे मजबूर हो गए। उन्होंने माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण न्यायाधिकरण में याचिका लगाई।

वहां से आदेश हुए कि पांचों बेटे पिता को गुजारे के लिए 2-2 हजार रु. महीना देंगे। 4 बेटों ने फैसले के खिलाफ अपीलेट ट्रिब्यूनल में याचिका लगाई। तर्क दिया कि पिता ने 5वें बेटे व उसके 2 बच्चों (पौत्र) को उनसे ढाई गुना ज्यादा जमीन दी है। अब वही खर्च उठाएं। अपीलेट ट्रिब्यूनल ने फैसला नहीं बदला। अब चारों बेटों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अर्जी लगाई है, जिसमें भावनात्मक के साथ तकनीकी आधार पर चुनौती दी गई है।

गांव फतेहपुर-126 के बंता राम के 4 बेटों बलजीत, बलबीर, राम सिंह व राम कुमार के वकील सुखविंदर नारा ने हाईकोर्ट में पहला तर्क यह दिया कि ट्रिब्यूनल के कोरम में कानूनन दो अन्य सदस्यों का होना जरूरी है, लेकिन इस केस में अकेले एसडीएम (सीनियर सिटीजन ट्रिब्यूनल) ने फैसला सुनाया।

इसी गलती को डीसी (अपीलेट ट्रिब्यूनल) ने दोहराया। इस कारण आदेश अवैध हैं। हरियाणा माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण रूल्स 2009 के रूल 12 के अनुसार मामले को मध्यस्थता अफसर के पास नहीं भेजा गया।

दूसरा तर्क यह दिया कि प्रार्थी के साथ-साथ उत्तरवादी गण की आय, प्रॉपर्टी व स्थिति का मूल्यांकन नहीं किया गया है। तीसरा यह कि खर्चा लगाने के लिए रूल के मुताबिक जांच नहीं की गई है। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार, ट्रिब्यूनल और अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर 24 मार्च तक जवाब मांगा है।

बुजुर्ग ने याचिका में बताई थी कामकाज न कर पाने की बेबसी

फतेहपुर के बंता राम ने माता-पिता व वरिष्ठ नागरिकों का भरण पोषण एवं कल्याण न्यायाधिकरण में अर्जी लगाई थी। उन्होंने कहा था कि वे वृद्धावस्था में काम नहीं कर पाते हैं। 5 बेटे खर्चा-पानी नहीं देते। पीटने की धमकी देते हैं। एसडीएम डॉ. वैशाली शर्मा ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पांचों बेटों को 2-2 हजार रु. महीना बंता राम के खाते में जमा कराने के आदेश दिए।

4 बेटों ने अपीलेट ट्रिब्यूनल में अपील कर कहा कि पिता ने 5वें बेटे राम लाल व उसके दो बेटों शिव कुमार व रविंद्र कुमार के नाम कुल 40 कनाल 4 मरले (5 एकड़ से ज्यादा) जमीन कराई है। बाकी चारों भाइयों को 17-17 कनाल (2-2 एकड़ से ज्यादा) जमीन ही दी। इस कारण पिता की सेवा करने का दायित्व भी शिव कुमार व रविंद्र कुमार का है। अपीलेट ट्रिब्यूनल ने 8 जनवरी 2021 को अपील खारिज कर दी थी।

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