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पीएनजी प्राेजेक्ट लटका:वन विभाग की परमिशन पेंडिंग, शहरवासियाें काे गैस के लिए अभी करना हाेगा इंतजार

अम्बाला सिटी14 दिन पहले
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अम्बाला सिटी | अम्बाला क्लब के बाहर पड़े पीएनजी लाइन के पाइप। - Dainik Bhaskar
अम्बाला सिटी | अम्बाला क्लब के बाहर पड़े पीएनजी लाइन के पाइप।
  • 2 साल पहले शुरू हुआ प्राेजेक्ट कोरोना की वजह से लटक रहा

करीब 2 साल पहले शुरू हुआ पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस प्राेजेक्ट) लटक गया है। एक ताे काेराेना में लाॅकडाउन लगने से काम बंद हाे गया। दूसरी तरफ अब वन विभाग की तरफ से परमिशन ( फॉरेस्ट राइट एक्ट क्लीयरेंस) न मिलने के कारण काम नहीं हाे पा रहा।

इस कारण प्राेजेक्ट ताे लेट हाे ही रहा है, शहरवासियाें काे भी अभी घर-घर गैस के लिए इंतजार करना पड़ेगा। प्राेजेक्ट में पाइपलाइन दबाने के लिए रेलवे और एनएचएआई की तरफ से ताे परमिशन मिल गई है। अब एचपी ऑयल कंपनी अधिकारी वन विभाग से परमिशन के इंतजार में हैं। वहीं, एचपी ऑयल कंपनी अधिकारियाें ने इस बारे में मिनिस्ट्री अाॅफ इंडस्ट्री काे भी पत्र लिखकर अवगत करवाया है।

एचपी ऑयल कंपनी अधिकारियाें ने पूछने पर बताया कि गांव जलबेड़ा से सेक्टर-10 चाैक राधा स्वामी सत्संग भवन तक 5 किलाेमीटर और ईंकाे चाैक रेलवे पुल से लेकर जंडली पुल तक करीब 1.6 किलाेमीटर कुल करीब 6.8 किलाेमीटर एरिया में प्राेजेक्ट अधर में लटका है। इन दाेनाें साइट से पाइपलाइन दबाने के लिए वन विभाग की तरफ से अभी एफआरए परमिशन नहीं दी गई। जबकि सेक्टर-10 चाैक से ईंकाे चाैक के बीच सेक्टराें में पाइपलाइन दबा दी गई है।

वहीं, रेलवे पुल जंडली व ईंकाे पुल के नीचे से पाइपलाइन निकालने काे लेकर रेलवे भी परमिशन दे चुका है। जंडली से कैंट की तरफ बिछाई जा रही पाइपलाइन काे लेकर भी परमिशन मिल चुकी है। अब कंपनी अधिकारी वन विभाग से परमिशन के इंतजार में हैं। वहीं, इस प्राेजेक्ट के तहत पहले हुडा सेक्टर काे लिया गया है। हुडा सेक्टराें में घर-घर तक पाइपलाइन बिछा दी गई है। प्राेजेक्ट शुरू हाेते ही लाेगाें काे सस्ती गैस मिलेगी।

मीटर से पता चलेगा घर में कितनी गैस हुई खर्च

पाइपलाइन से घर के रसाेई घर के बाहर मीटर वाॅल लगा दिया जाएगा। मीटर वाॅल के साथ ही सर्विस रेगुलर लगेगा। जैसे ही रेगुलर अाॅन करेंगे ताे गैस कनेक्ट करने पर गैस मिलेगी। कंज्यूमर जितनी गैस खर्च करेगा, उतनी मीटर में एड हाे जाएगी। जिले में 30 गैस एजेंसी चल रही हैं। इनमें करीब 3.26 कनेक्शन धारक हैं। इनमें से अम्बाला शहर में ही 70 हजार से ज्यादा गैस कनेक्शन हैं। जिला वन अधिकारी हैरतजीत काैर ने बताया कि पीएनजी पाइपलाइन दबाने के लिए अगर काेई परमिशन पेडिंग पड़ी है ताे वह इसे चेक करवाएंगी।

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