काेराेना की दूसरी लहर में रसाेई पर भी असर:7 महीने में दाेगुना महंगा हुआ घी, रिफाइंड और सरसाें का तेल, 80 रुपए प्रति लीटर रिफाइंड 150 तक पहुंचा

अम्बाला सिटी6 महीने पहले
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खाद्य सामाग्री (प्रतिकात्मक फोटो) - Dainik Bhaskar
खाद्य सामाग्री (प्रतिकात्मक फोटो)
  • वेजिटेबल व साेयाबीन ऑयल की कीमतें बढ़ी

काेराेना की दूसरी लहर का असर लाेगाें के बिजनेस व नाैकरी पर तो पड़ा ही साथ ही वेजिटेबल व साेयाबीन ऑयल की कीमतें दाेगुनी होने से रसाेई पर पड़ा है। 7 महीने पहले ब्राडेंड कंपनी का जाे रिफाइंड 80 रुपए प्रति लीटर तक मिल जाता था। उसकी हाेलसेल कीमत अब करीब 145-150 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई है। यह असर इंटरनेशनल मार्केट में तेजी की वजह से बताया जा रहा है।

खास बात यह भी है कि जब मार्च 2020 के बाद लाॅकडाउन हुआ तो भी इन चीजाें की कीमताें में इतना इजाफा नहीं हुआ था। मगर अक्टूबर 2020 के बाद कीमतें बढ़ने लगीं। अब तक 60 से 70 प्रतिशत तक कीमतें बढ़ चुकी हैं।

मैसर्ज किशाेरी लाल पवन कुमार के हाेलसेल व्यापारी पवन कुमार बताते हैं कि वेजिटेबल अाॅयल घी, रिफाइंड इंडाेनेशिया, मलेशिया से आता है। साेयाबीन ऑयल रिफाइंड ब्राजील व अमेरिका से आता है। ब्रांडेंड कंपनी के घी, रिफाइंड और सरसाें के तेल की सबसे ज्यादा कीमतें बढ़ी है। यह कीमतें काेराेना की वजह से नहीं, बल्कि इंटरनेशनल मार्केट में तेजी की वजह से बढ़ी है। बाकी अन्य खाद्य सामाग्री की कीमताें पर काेई असर नहीं है।

बीते वर्ष लाॅकडाउन रहा, मगर अक्टूबर 2020 तक भी घी, रिफाइंड, सरसाें के तेल की कीमताें पर काेई खास असर नहीं पड़ा था। मगर अप्रैल 2021 तक आते ही इनकी कीमतें हाेलसेल में 60 से 70 प्रतिशत तक बढ़ी हैं। जिससे व्यापारी वर्ग से लेकर आम आदमी तक असर पड़ा है।

सामाग्री अक्टूबर 2020 रेट
घी - 75 रुपए प्रति लीटर
रिफाइंड - 80 रुपए प्रति लीटर
सरसाें का तेल - 100 रु प्रति लीटर

अप्रैल 2021 के हाेलसेल रेट

घी - 138.50 प्रति लीटर रिफाइंड - 145-150 रु प्रति लीटर सरसाें का तेल - 160 रु प्रति लीटर

एसडीएम ने मुनाफाखोरी पर लगाम लगाने काे बनाया कंट्रोल रूम सेंटर, नंबर किया जारी

खाद्य पदार्थों जैसे दालें, चावल, आटा, सरसों तेल आदि की काला बाजारी न हो और सही दाम पर लोगों को खाद्य सामग्री मिले। यह निर्देश एसडीएम सचिन गुप्ता ने करियाना एसोसिएशन (हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल) के पदाधिकारियों के साथ बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब कोरोना संकट व्याप्त है तो यह ध्यान रखा जाना बेहद आवश्यक है कि कोई भी व्यक्ति ऐसे समय में मुनाफाखोरी, कालाबाजारी न करें।

उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान यह भी देखना आवश्यक है कि खाद्य वस्तुओं के दामो में मनमर्जी से उतार-चढ़ाव न हो। मार्केट बंद करने का समय सायं 6 बजे है। करियाना की दुकानों को इसमें छूट दी गई है। 6 बजे के बाद वे होम डिलीवरी को प्राथमिकता दें।

बैठक में मौजूद हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के जिला प्रधान नीरू वढेरा ने एसडीएम को आश्वस्त किया कि उनकी एसोसिएशन से जुड़े सभी करियाना विक्रेता दुकानदार इस बात का ध्यान रखेंगे और प्रशासन को जहां भी उनकी एसोसिएशन से सहयोग की आवश्यकता होगी एसोसिएशन पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रतिदिन की रेट लिस्ट डीएफओ को प्रतिदिन भेजी जाती है।

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