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आज हेल्थ डे:20 मिनट दीजिए- 6 टेस्ट सेे आप जान जाएंगे कि आपका दिल, दिमाग, फेफड़े और नर्वस सिस्टम कितना दुरुस्त है

रोहतक/अम्बाला8 दिन पहले
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  • बीते डेढ़ साल में सबसे बड़ी चिंता हेल्थ की रही है। ऐसे में अपनी सेहत के बारे में जानने का सबसे सटीक तरीका है, टेस्ट करिए। इसीलिए आज हम कुछ आसान सेल्फ टेस्ट के बारे में बता रहे हैं। इस खास हेल्थ टेस्ट को रोहतक पीजीआई के न्यूरोलॉजी विभाग की हेड डाॅ. सुरेखा डाबला, पद्मश्री न्यूरोलॉजिस्ट डाॅ. अशोक पनगड़िया, पद्मश्री कार्डियोलॉजिस्ट और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डाॅ. केके अग्रवाल, श्वास रोग विशेषज्ञ डाॅ. वीरेन्द्र सिंह और डाॅ. शीतू सिंह ने तैयार किया है।

टेस्ट 1- दिमाग व शरीर का तालमेल

3 टेस्ट जो आपके दिल, दिमाग और फेफड़ों की क्षमता-तालमेल बताएंगे

एक मिनट तक खबर बोलकर पढ़ें, आवाज न बदले तो फिट

आज अच्छी सेहत के लिए खुद को पूरी तरह से समर्पित करने का दिन है। कोविड ने हमें सिखा दिया है कि अच्छी सेहत का कोई विकल्प नहीं, लेकिन इसके लिए जरूरी है संतुलन। रोहतक पीजीआई के न्यूरोलॉजी विभाग की हेड डाॅ. सुरेखा डाबला बताती हैं कि न्यूरोलॉजिकल रोगों का निदान करना वैसा ही है जैसे शेरलॉक होम्स द्वारा रहस्यमयी मामला सुलझाना।

मस्तिष्क की वास्तुकला इतनी अच्छी तरह से बनाई गई है कि यदि मस्तिष्क का एक छोटा हिस्सा भी प्रभावित हो जाए तो यह शरीर के किसी भी अंग पर असर नजर होता है। जैसा कि लकवा या बोलने/ चलने में कठिनाई आदि। ऐसे में न्यूरोलॉजिकल रोगों को पहचानना और समय पर इलाज करवाना जरूरी है। यूसी बर्कले यूनिवर्सिटी की रिसर्च के मुताबिक आपको लगता है कि तनाव आपके दिल और दिमाग के लिए खतरनाक ही होता है, तो एक बार फिर सोचिए।

तनाव को बिना किसी पक्षपात के गुलाबी चश्मे से देखिए। ऐसा सोचने भर से आपका दिमाग बिल्कुल अलग तरह से काम करने लगेगा। उससे निकलने वाले कॉर्टिसॉल स्ट्रेस हॉरमोन की मात्रा कम हो जाती है। उसी दौरान दिमाग से एक ऐसा स्टेरॉयड डीएचईए एंटी-एजिंग हॉरमोन भी निकलता है, जो मुस्कराने से भी बढ़ता है। जब डीएचईए की मात्रा कॉर्टिसॉल से ज्यादा होती है तो शरीर पर पड़ने वाले तनाव के बुरे असर के खिलाफ सुरक्षा चक्र बनकर खड़ा हो जाता है।

आपकी रिपोर्ट

इस खबर को पढ़ते हुए आवाज पर ध्यान दें- 1 मिनट बोलकर पढ़ने के दौरान आवाज जरा भी नहीं बदलती तो ब्रेन और नर्वस सिस्टम का फंक्शन सही है। आवाज बदले (भर्राए, अस्पष्ट हो जाए या स्वर बदल जाए) तो डॉक्टर से जरूर मिलें।

टेस्ट 2- फेफड़ों की फिटनेस

नीचे लिखी खबर एक सांस में पढ़ेें, 20 से कम शब्द पढ़ पाएं तो 90% से कम O2 सेचुरेशन

फिटनेस जांचने का सबसे अच्छा पैमाना है आपके चलने की गति। अगर आप बिना किसी परेशानी के 6 मिनट में 500 मीटर की दूरी तय कर लेते हैं तो आप फिट हैं, लेकिन अगर आप इस अवधि में 200 मीटर की दूरी भी तय नहीं कर सकें और थकावट महसूस करें तो डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

आपकी रिपोर्ट 30 से कम शब्द गिनते हैं तो करीब 90% आशंका है कि आक्सीजन सेचुरेशन 94% से कम है, जो इससे ज्यादा होनी चाहिए। आप 20 से भी कम शब्द गिनते हैं तो डॉक्टर से मिलें। क्याेंकि ऑक्सीजन सेचुरेशन 90% से कम होने की संभावना है।

यह टेस्ट इजराइल के साइंटिफिक रिसर्च पेपर रॉथ स्कोर पर आधारित है

टेस्ट 3- दिल व फेफड़ों की क्षमता

इस मंत्र के 6 शब्द पढ़िए,10 सैकंड सांस रोकिए, दोहराइए... सांस फूली तो दिक्कत है

ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतरये अमृतकलशहस्ताय सर्वभयविनाशाय सर्वरोगनिवारणाय त्रिलोकपथाय त्रिलोकनाथाय श्री महाविष्णुस्वरूपाय श्रीधन्वंतरीस्वरूपाय श्रीश्रीश्री औषधचक्राय नारायणाय नमः॥

आपकी रिपोर्ट

धनवंतरि मंत्र अच्छे स्वास्थ्य की कामना का मंत्र है। इसे यहां इसीलिए लिया गया है। इस अभ्यास के लिए यह मंत्र जरूरी नहीं, कोई भी 6 शब्दों के साथ यह अभ्यास कर सकते हैं। सांस की गति नियंत्रित कर 10-10 सेकंड के लिए सांस रोकते हुए एक सेहतमंद व्यक्ति औसतन 6 शब्द प्रति मिनट पढ़ सकता है। 10 सेकंड भी सांस नहीं रोक कर पा रहे हैं तो डॉक्टर से परामर्श लें। दिन में एक बार 20 मिनट तक इस पैटर्न पर धीरे-धीरे सांस लेनी चाहिए।

और ये 3 टेस्ट- जिनमें उठाइए पेपर-पेन, जांचिए दिमाग की सेहत

टेस्ट 4- मानसिक विकास

बच्चों से ह्यूमन ड्राइंग बनवाइए, सही अनुपात, सारे अंग मतलब सही विकास

2.5 से 15.5 साल उम्र तक के बच्चों की मानसिक क्षमता जानने के लिए ड्रा-ए-पर्सन टेस्ट (गुड इनफ-हैरिस ड्रॉ-ए-पर्सन टेस्ट) किया जाता है। इसे बॉक्स में दिए प्रतीकात्मक चित्र से समझें। बच्चे को महिला, पुरुष और स्वयं का चित्र बनाने को कहिए। हैरिस के क्वांटिटेटिव स्कोरिंग सिस्टम पर डॉक्टर स्कोरिंग करते हैं।

आपकी रिपोर्ट

सभी अंग सही रेशो में बनाए हैं और महिला-पुरुष का अंतर दिखाया है तो समझिए बच्चे का मानसिक विकास सही हो रहा है।

टेस्ट 5- सही नर्वस सिस्टम

स्पाइरल पूरा करके देखिए, हाथ न कांपे तो दिमाग और शरीर का तालमेल सही

इस कॉन्सेंट्रिक स्पाइरल ड्राइंग को आपको पेंसिल से बिना रुके ही बनाना है। इस दौरान आपका हाथ नहीं कांपना चाहिए।

आपकी रिपोर्ट

आसानी से स्पाइरल बना पा रहे हैं तो ओके, पर ऐसा करते वक्त हाथ कांपे तो आपको डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए।

टेस्ट 6- आई क्यू लेवल

मैथ्स के 3 आसान प्रतीत होने वाले सवालों पर आधरित एमआईटी के प्रो. शेन फ्रेडरिक ने यह टेस्ट बनाया जिसमें 87 प्रतिशत लोग फेल हो चुके हैं। लेकिन इन्हें पढ़कर आपको लगेगा कि ये 5 सेकंड का टेस्ट है। और इसी सोच के कारण गलती हो जाती है।

बिना जल्दबाजी 3 सवालों को हल कर सकें तो 13% हाई आईक्यू वालों में हैं आप

एक बैट और बॉल की कीमत कुल 110 रुपए है। बैट की कीमत बॉल से 100 रुपए ज्यादा है तो बॉल की कीमत क्या है? मान लीजिए बॉल की कीमत X तो बैट की कीमत X + 100 होगी । बैट और बॉल की कीमत को जोड़ने पर X + (X + 100) = 110 आएगा। यानी, 2X + 100 = 110, तो 2X = 10, और X = 5 होगा। इसलिए बॉल की कीमत होगी 5 रुपए और बैट की कीमत होगी 105 रु.।

अगर 5 मशीन 5 मिनट में 5 छोटे गैजेट बना सकती हैं तो 100 मशीन कितने वक्त में 100 गैजेट बना सकती हैं?

5 मशीन 5 मिनट में 5 छोटे गैजेट बनाती है तो 1 मशीन 5 मिनट में 1 गैजेट बनाएगी। तो जब 100 मशीनें एक साथ काम करेंगी तो वो मिलकर 5 मिनट में 100 यूनिट ही बनाएंगी।

एक तालाब में कमल खिले हैं। जिनके पत्तों का पैच हर दिन दुगुना हो जाता है । अगर पूरा तालाब 48 दिनों में पत्तों के पैच से भर गया तो आधा तालाब ढंकने में कितने दिन लगेंगे?

हर आने वाले दिन में अगर पैच दोगुना होता है तो हर बीते दिन में पैच आधा होगा। अगर 48 दिन में पूरा तालाब भरता है तो 47वें दिन पर पैच उस तालाब को आधा ढंक देगा।

डिस्क्लेमर; ये टेस्ट किसी बीमारी की शुरुआती पहचान का तरीका है, लेकिन डॉक्टरी जांच-परामर्श का विकल्प नहीं है।

ये टेस्ट आपकी सेहत के सूचकों पर आधारित हैं। सेल्फ टेस्ट की रिपोर्ट सामान्य न हो तो घबराएं नहीं, डॉक्टर से सलाह लें।

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