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हकीकत:सरकारी आंकड़ों में सड़कों पर 350 बेसहारा पशु, वंदे मातरम् दल का दावा- संख्या 2000 से ऊपर

अम्बाला20 दिन पहले
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आईटीआई के पास राेड के बीच में बैठे आवारा पशु। - Dainik Bhaskar
आईटीआई के पास राेड के बीच में बैठे आवारा पशु।
  • जिले की केवल एक गोशाला में 150 पशु रखने की जगह, बाकी में पहले ही ज्यादा पशु

सिटी नगर निगम एरिया में सरकारी आंकड़े के अनुसार लगभग 350 बेसहारा पशु सड़कों पर हैं, लेकिन घायल और बीमार गायों की सेवा करने वाले वंदे मातरम् दल का दावा है कि इनकी संख्या 2000 से ज्यादा है। उनका कहना है कि सच्चाई देखनी है ताे शहर का ऐसा कोई चौराहा जाकर देखा लें, वहां आपकाे 15-20 पशु जरूर मिल जाएंगे। नगर निगम ने इन्हें पकड़ने के लिए वर्क आॅर्डर तो रिलीज किया, लेकिन एक गाेशाला को छोड़कर शहर की गाेशालाओं में क्षमता से अधिक पशु हैं।

नगर निगम ने बेसहारा पशुओं को पकड़कर गाेशाला में पहुंचाने के लिए टेंडर निकाला था, लेकिन टेंडर में शर्त के मुताबिक पूरे आवेदन नहीं आए। इसलिए रि-टेंडरिंग की गई। रि-टेंडरिंग के बाद भी आवेदन पूरे नहीं हुए तो नगर निगम ने पहले से काम कर रही एजेंसी को दो माह के लिए पशु पकड़ने के लिए वर्क आॅर्डर दे दिया। अब यह एजेंसी फिर से पशु पकड़कर गोशाला और नंदीशाला में पहुंचाएगी। वंदे मातरम् दल के सदस्य देवेंद्र बताते हैं कि शहर का ऐसा कोई चौराहा नहीं है, जहां पर पशुओं का जमावड़ा न लगा हो। शहर की गलियों में भी बेसहारा पशु अपनी भूख को शांत करने के लिए घूमते रहते हैं। दो हजार से ज्यादा पशु सिटी की सड़कों पर हैं।

यहां पर सबसे ज्यादा पशु
देवेंद्र बताते हैं कि नावल्टी रोड, सब्जी मंडी दो खंभा चौक और मानव चौक, गुड़ मंडी, अनाज मंडी, रामबाग रोड, ईजी-डे के सामने प्रेम नगर में खाली ग्राउंड, सेक्टर-9 के अलावा कई ऐसे स्थान हैं, जहां पर पशुओं के झुंड के झुंड बैठे हुए नजर आते हैं।

रिटेंडरिंग के बाद भी कोई एजेंसी नहीं आई तो पुरानी एजेंसी का दो माह का वर्क आर्डर बढ़ा दिया गया। एक माह में 100 पशुओं को गौशाला पहुंचाया जाएगा।
धीरेंद्र खड़गटा, कमिश्नर, नगर निगम, अम्बाला सिटी

बेसहारा पशु को गाेशाला में पहुंचाने का कार्य बंद हुआ पड़ा था। अब लगभग 350 पशु सड़कों पर होंगे। पशुओं को जब गाेशाला ले जाया जाता है तो वहां पर उनकी टैगिंग की जाती है।
डॉ. प्रेम सिंह, डिप्टी डायरेक्टर, पशुपालन विभाग, अम्बाला

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