गृह मंत्री ने सुनीं फरियादें:अंबाला खुले दरबार में अनिल विज ने 9 शिकायतों की जांच SIT को सौंपी

अंबालाएक महीने पहले
जनता दरबार में शिकायत सुनते गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज।

हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के जनता दरबार में शनिवार को प्रदेश के कोने-कोने से भारी संख्या में फरियादी पहुंचे। अनिल विज ने अंबाला कैंट के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में लगे जनता दरबार में लोगों की फरियाद अपने तल्ख अंदाज में सुनी। इतना ही नहीं, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तुरंत जांच करने के निर्देश भी दिए और कहा कि कोई परवाह न करें, अनिल विज उनके साथ है। उनकी हर समस्या का समाधान किया जाएगा। जनता दरबार में गृहमंत्री अनिल विज ने 9 से ज्यादा मामलों में SIT गठित करने तथा कई मामलों में केस दर्ज कर जांच रिपोर्ट देने को कहा है।

जनता दरबार में फरियाद लेकर पहुंचे लोग।
जनता दरबार में फरियाद लेकर पहुंचे लोग।

जिसका कोई नहीं, उनके अनिल विज हैं

गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि जिसका कोई नहीं है उनके अनिल विज हैं। जनता दरबार में पहुंचने वाली शिकायतों पर गंभीरता से जांच कराई जाती है। दरबार में दोपहर तक ज्यादातर शिकायतें पुलिस विभाग से संबंधित आई।

गुर्दा डोनेट करने के बाद इकरारनाम से मुकरने पर FIR के निर्देश

अंबाला कैंट निवासी एक व्यक्ति ने गृह मंत्री को सौंपी शिकायत में बताया कि उसने अपना गुर्दा एक व्यक्ति को डोनेट करते हुए इकरारनामा किया था। कहा था कि वह मकान का किराया और हर माह कुछ खर्चा भी देगा, लेकिन अब वह इकरारनामे से मुकर गया है। गृह मंत्री ने इस मामले में FIR दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए हैं।

पानीपत में चल रहा फर्जी दस्तावेज बनाने का खेल

पानीपत निवासी एक युवक ने अपनी शिकायत देते हुए बताया कि पानीपत के ही रहने वाले एक व्यक्ति ने खेल कोटे से उसे नौकरी दिलवाने बारे उससे 6.50 लाख रुपये लिए थे। उसने न तो नौकरी दिलवाई और अब न ही उसके पैसे दे रहा है। उसका आरोप था कि आरोपी जाली दस्तावेज भी तैयार करता है। इस शिकायत पर अनिल विज ने एसपी पानीपत को फोन करके तुरंत आरोपी का फोन को ट्रेस कर पकड़ने के निर्देश दिए।

सुबह से व्यवस्था बनाने में जुटी पुलिस

जनता दरबार में सुबह से भीड़ उमड़ने लगी थी। हरियाणा के कोने-कोने से लोग अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। लोगों की भीड़ देख इस बार पुलिस प्रशासन ने भी अपनी कमर कस ली। दरबार में धक्का-मुक्की न हो इसके लिए पहले से बेहतर व्यवस्था की गई। लोगों को लाइनों में खड़ा किया गया।