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डाॅक्टर न होने से दिक्कत:कैंट सिविल में होम्योपैथिक-यूनानी ओपीडी बंद, निजी क्लीनिक के चक्कर काट रहे मरीज

अम्बाला11 दिन पहले
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  • कोविड से पहले ओपीडी 80 मरीजों तक थी

कैंट सिविल अस्पताल के आईपीडी ब्लॉक की तीसरी मंजिल पर होम्योपैथिक, यूनानी व आयुर्वेद की ओपीडी है। इसमें से होम्योपैथिक व यूनानी की ओपीडी काफी समय से बंद पड़ी है। मरीजों को निजी चिकित्सकों से इलाज कराना पड़ रहा है। यूनानी ओपीडी चलाने के लिए विभाग ने पहले पीएचसी साहा से महिला डाॅक्टर को डेपुटेशन पर बुलाया था, लेकिन डेपुटेशन पीरियड पूरा होने के बाद उसे भी रिलीव कर दिया गया।

2 ओपीडी बंद होने के पीछे की बड़ी वजह यह है कि अस्पताल में जब तीनों ओपीडी शुरू हुईं तो यहां कोई भी सेक्शन पोस्ट नहीं थी। इसलिए अस्पताल में नेशनल रुरल हेल्थ मिशन के तहत लगे डाॅक्टरों को डेपुटेशन पर बुलाकर ओपीडी चलाई जा रही थी। लेकिन पिछले साल 2020 में कोविड के चलते इन ओपीडी को बंद कर दिया गया और सभी डाॅक्टरों की ड्यूटी कोविड-19 में लगा दी गई। इसके बाद वैक्सीनेशन, सीरो सर्वे समेत अन्य कामों की जिम्मेदारियां डाॅक्टरों को उठानी पड़ रही हैं।

दिसंबर 2020 में सेक्शन हुई डाॅक्टरों व स्टाफ की पोस्ट

जिला आयुर्वेद विभाग की ओर से सिविल अस्पताल में होम्योपैथिक, यूनानी व आयुर्वेद के स्थाई डाॅक्टर के साथ-साथ 3 फार्मासिस्ट और 8 पंचकर्मा थैरेपिस्ट की डिमांड की गई थी। जिसे स्वास्थ्य विभाग से दिसंबर 2020 में मंजूरी मिल चुकी है। साथ ही कैंट सिविल प्रदेश का पहला अस्पताल बन गया है जहां तीनों डाॅक्टर, फार्मासिस्ट व पंचकर्मा सेंटर का पूरा स्टाफ सेक्शन पोस्ट पर होगा। अभी तक ऐसी व्यवस्था किसी अस्पताल में नहीं है।

सिटी अस्पताल में 100 रहती है ओपीडी
सिटी सिविल अस्पताल में आयुर्वेद व होम्योपैथिक की ओपीडी चल रही है जिनकी ओपीडी 60 से 100 के आसपास रहती है। इसी प्रकार कैंट में कोविड से पहले ओपीडी 80 मरीजाें तक पहुंच चुकी थी। नारायणगढ़ सिविल अस्पताल में भी ओपीडी सिटी के बराबर है। मुलाना व चौड़मस्तपुर में भी होम्योपैथिक डाॅक्टर ओपीडी चला रहे हैं।

होम्योपैथिक, यूनानी व आयुर्वेद की पोस्ट हमारी सेक्शन हैं। जल्द ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से डाॅक्टरों की भर्ती हो जाएगी तो ओपीडी बंद होने की समस्या का स्थाई समाधान हो जाएगा। अभी कोविड की वजह से ओपीडी बंद थी क्योंकि, डाॅक्टरों की ड्यूटी लगी हुई है और कैंट अस्पताल में डेपुटेशन पर डाॅक्टरों को लगाया जाता है। जल्द ही होम्योपैथिक की ओपीडी को सप्ताह में 2 दिन के लिए चलाया जाएगा। इसको लेकर सिविल सर्जन से जल्द बातचीत की जाएगी।-डाॅ. सतपाल, जिला आयुर्वेदिक ऑफिसर, अम्बाला

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