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  • I Also Saw Many Patients Who Were In ICU For 4 Days, But Did Not Lose Courage, If It Is Hard To Beat The Courage Of Kareena

जन संकल्प से हारेगा कोरोना:4 दिन आईसीयू में रहे कई मरीजों काे तड़पते भी देखा, लेकिन हिम्मत नहीं हारी, अगर हिम्मत हारे ताे काेराेना काे हराना कठिन

अम्बालाएक महीने पहले
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सुरेंद्र सेठी - Dainik Bhaskar
सुरेंद्र सेठी
  • कोरोना संक्रमण होने के बावजूद अपनी इच्छाशक्ति से कोरोना को हराने वालों की जांबाज कहानियां, आज पढ़ें सेक्टर-1 के व्यापारी सुरेंद्र सेठी की कहानी-

हिम्मत ए मर्दा मदद ए खुदा...जाे इंसान हिम्मत करता है, उसका साथ भगवान भी देता है। यह कहना है सेक्टर-1 के रहने वाले 57 वर्षीय बिजनेसमैन सुरेंद्र सेठी का। सुरेंद्र सेठी ने 4 दिन आईसीयू में रहकर अपनी हिम्मत और साकारात्मक साेच से काेराेना काे हराया। सुरेंद्र सेठी बताते हैं कि 17 अप्रैल की बात है। शाम काे उनके गले में खारिश थी।

उन्हाेंने साेचा कि गले में एलर्जी हाे गई हाेगी, ठीक हाे जाएगी। इसके बाद लगातार 7 से 8 दिन तक 104 तक बुखार उतरता और चढ़ता रहा। उन्हाेंने दवाइयां ली, मगर कुछ फर्क नहीं पड़ा। फिर उन्हाेंने आईरटीपीसीआर काेराेना टेस्ट करवाया, लेकिन रिपाेर्ट निगेटिव अाई। स्थिति फिर भी पहले जैसे थी। बुखार उतर रहा था और चढ़ रहा था। उन्हाेंने दाेबारा फिर कुछ दिन बाद आरटीपीसीआर टेस्ट करवाया, मगर फिर से टेस्ट की रिपाेर्ट निगेटिव आई।

वह और उनका परिवार असमंजस में पड़ गए कि रिपाेर्ट निगेटिव आ रही है। मगर तबीयत में काेई सुधार नहीं हाे रहा। उन्हाेंने दवाइयां लेकर हर तरह से काेशिश की, मगर बुखार से राहत नहीं मिली। जब उन्हाेंने 27 अप्रैल काे सीटी स्कैन करवाया ताे रिपाेर्ट में काेराेना संक्रमण निकला।

28 अप्रैल काे उनकी ऑक्सीजन की मात्रा नीचे चली गई ताे उन्हें सिटी के पार्क हीलिंग टच अस्पताल के आईसीयू में दाखिल करवाया गया। करीब 4 दिन तक वह आईसीयू में दाखिल रहे। अस्पताल डाॅक्टर व स्टाफ ने उनका बेहतर इलाज किया। जब उन्हाेंने कई मरीजाें काे हालत नाजुक हाेने से अपने सामने तड़पते देखा, तब उन्हाेंने खुद काे हाैसला दिया और हिम्मत नहीं हारी। अपनी हिम्मत और साकारात्मक साेच से काेराेना काे हराकर ठीक हुए।

अगर विल पावर काे स्ट्रांग नहीं रखते ताे काेराेना काे हराना कठिन है। परिवार का सहयाेग बहुत जरूरी है। उनके परिवार ने उनकाे बहुत सपाेर्ट किया। 4 दिन आईसीयू में रहने के बाद वह 4 दिन प्राइवेट रूम में भी अस्पताल में दाखिल ही रहे। अब कुछ दिन पहले ही घर आए हैं और अब भी आइसाेलेशन में ही हैं। वह 17 अप्रैल से ही आइसाेलेशन में हैं। वह सरकार काे दवाइयां और सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट सप्लाई करते हैं। सुरेंद्र सेठी | बिजनेसमैन, काेराेना वाॅरियर

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